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*घटना में शामिल 04 आरोपियों में से 3 गिरफ्तार, 1 फरार, भादवि एवं आर्म्स एक्ट के तहत की गई कार्यवाही*
01जुलाई की रात्रि करीबन 10:15 बजे कोढ़ूमल धर्मशाला छोटा बाजार के पास आरोपियान एक राय होकर पुरानी रंजिश की बात पर मोटर स्टैंड वार्ड निवासी हिमाचल गौतम को अश्लील गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देते हुए बैट बल्ला, लोहे की रॉड एवं कांटा तार से मारपीट किया। इसी दौरान आरोपी वसीम खान ने धारदार चाकू से हिमांचल गौतम को जान से मारने की नीयत से वार कर संघातिक चोट पहुंचाया। प्रार्थी फनेन्द्र गौतम पिता स्वर्गीय महेश गौतम निवासी मोटर स्टैंड वार्ड धमतरी की रिपोर्ट पर आरोपियान मुस्सु, राजा, वसीम एवं साहिल शेख के विरुद्ध धारा 294, 323, 307, 506, 34 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
मामले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी कोतवाली नवनीत पाटिल ने त्वरित कार्यवाही करते हुए थाना स्तर पर पृथक-पृथक टीम गठित कर आरोपियों के सकुनत में दबिश दी। आरोपी मुस्तकीम उर्फ मुस्सु, वसीम खान एवं साहिल शेख उपस्थित मिले, जिन्हें अभिरक्षा में लेकर पूछताछ किया गया। तीनों ने फरार आरोपी राजा के साथ मिलकर घटना कारित करना स्वीकार करते हुए घटना में प्रयुक्त लोहे का रॉड, बैट बल्ला, कांटा तार व चाकू पृथक पृथक पेश किया, जिसे गवाहों के समक्ष बरामद कर वैधानिक कार्यवाही की गई। उपलब्ध साक्ष्य, मेमोरेंडम कथन एवं अपराध स्वीकारोक्ति के आधार पर मामले में धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट जोड़ते हुए तीनों आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त अपराध सबूत पाए जाने से विधिवत गिरफ्तार किया गया है। घटना में शामिल एक आरोपी राजा फरार है, जिसकी पतासाजी की जा रही है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
*गिरफ्तार आरोपियों के नाम*-
1. वसीम खान पिता जमील खान उम्र 23 वर्ष
2. मोहम्मद मुस्तकीम उर्फ मुस्सु पिता अब्दुल जाकिर उम्र 23 वर्ष
3. साहिल शेख पिता सादिक शेख उम्र 20 वर्ष
तीनों निवासी रिसाईपारा वार्ड तिलक अस्पताल के बाजू धमतरी थाना कोतवाली जिला धमतरी
*फरार आरोपी* - *राजा*
*भा.द.वि एवं पाक्सो एक्ट के तहत् की गई कार्यवाही आरोपी गिरफ्तार*
*थाना कोतवाली पुलिस धमतरी की कार्यवाही*
पुलिस अधीक्षक धमतरी श्री बी.पी. राजभानु के द्वारा क्राइम मीटिंग में लंबित मामलों के निराकरण करने के साथ-साथ गुम नाबालिग बालक-बालिकाओं की पता तलाश कर दस्तयाबी पश्चात जांच के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही करने एवं अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु प्रभावी कार्यवाही करने समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया गया है।
दिनांक 14/06/2021 की रात्रि प्रार्थिया लिखित आवेदन देकर थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि जोधापुर वार्ड धमतरी निवासी मुकेश गौतम उसे बहला-फुसलाकर, प्रलोभन देकर जबरदस्ती दुष्कर्म किया तथा तुझसे प्यार करता हूं, शादी करूंगा कहकर विगत छह महीने तक लगातार शारीरिक शोषण किया। उक्त रिपोर्ट पर आरोपी मुकेश गौतम के विरुद्ध धारा 376 भादवि एवं 6 पाक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।
पुलिस अधीक्षक महोदय ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर त्वरित वैधानिक कार्यवाही करने थाना प्रभारी सिटी कोतवाली को निर्देशित किया। थाना प्रभारी कोतवाली नवनीत पाटिल ने थाना स्तर पर टीम गठित कर आरोपी के सकुनत में दबिश दी, किंतु आरोपी नहीं मिला, जिसकी हरसंभव स्थानों में लगातार पतासाजी की जा रही थी।
इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि देर रात्रि आरोपी मुकेश गौतम अपने घर आया है। उक्त सूचना पर तड़के उसके सकुनत में दबिश देकर अभिरक्षा में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने जुर्म स्वीकार किया। विवेचना क्रम में उपलब्ध साक्ष्य एवं अपराध स्वीकारोक्ति के आधार पर *आरोपी मुकेश गौतम पिता स्वर्गीय दिनेश गौतम उम्र 24 वर्ष साकिन जोधापुर वार्ड धमतरी थाना कोतवाली जिला धमतरी* को विधिवत गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। जिसे न्यायिक रिमांड हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
धमतरी। भारतीय जनता पार्टी धमतरी झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक महेंद्र पंडित के नेतृत्व में डॉक्टर्स डे के अवसर पर डॉ. एस.के. भोजवानी, दंत चिकित्सक, बनिया पारा, धमतरी को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जिला संयोजक भागवत यादव, सहसंयोजक प्रकाश सिन्हा , शहर संयोजक गणेश विश्वकर्मा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा अध्यक्ष दीपक देवांगन, किसान मोर्चा कार्यालय प्रभारी दिलीप पटेल, बांस पारा पार्षद मिथिलेश सिन्हा, सौरभ गुप्ता उपस्थित थे।
1 जुलाई, गुरूवार को भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के आह्वान पर झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के नेतृत्व में मकेश्वर वार्ड एवं महंत घासीदास वार्ड में वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान का कार्यक्रम किया गया
इस अवसर पर झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक महेंद्र पंडित,पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शिवनारायण छाटा, जिला उपाध्यक्ष अरविंदर मुंडी, जिला कोषाध्यक्ष चेतन हिंदुजा,स्वच्छता प्रभारी शिवदत्त उपाध्याय,
जिला संयोजक भागवत यादव,सह संयोजक प्रकाश सिन्हा , शहर संयोजक गणेश विश्वकर्मा, शहर मंडल कोषाध्यक्ष गंगा प्रसाद सिन्हा,मराठा समाज सचिव विनोद राव, महिला मोर्चा सदस्य रेशमा शेख, किसान मोर्चा कार्यालय प्रभारी दिलीप पटेल , बांस पारा पार्षद मिथिलेश सिन्हा, पार्षद हेमंत बंजारे, झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ मीडिया प्रभारी जीतू साहू , शंकर मानिकपुरी गंगाराम नागवंशी एवं मोहल्ला के ज्येष्ठ श्रेष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
*छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचल दंतेवाड़ा में बच्चों के मसीहा बने डॉ.राजेश ध्रुव*
जिला अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ के रूप में अपनी एक अलग पहचान बना चुके डॉ.राजेश ध्रुव जब आज से 5 वर्ष पूर्व दंतेवाड़ा आए थे तब वहाँ उन्हे अनगिनत स्थानीय समस्याओं से दो चार होना होना पड़ा था जिसमें कुपोषण, जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई), सिकल सेल और मलेरिया जैसी बीमारियों शामिल थी।
शिशु रोग चिकित्सक के रूप में स्थापित होने की राह भी आसान न थी।दंतेवाड़ा सुदूर अंचलों तक फैला हुआ है।जहाँ के कुछ क्षेत्र बरसाती मौसम में पहुंच विहीन भी हो जाते हैं और वहां तक शिशु स्वास्थ्य की सेवाओं को पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं था।लेकिन परिस्थितियों के साथ संघर्ष ही किसी व्यक्ति को एक अलग पहचान दिलाता है ।
डॉ ध्रुव के प्रयासों से ही दंतेवाड़ा में धीरे-धीरे एसएनसीयू ( सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट) स्थापित किया गया जिसमें अब तक 1,500 बच्चों को लाभ मिला है, क्षेत्र में टीकाकरण को बढाया गया और साथ ही कुपोषण मुक्त करने के लिए राज्य में सबसे बड़ा 20 बिस्तरों वाला पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) जनवरी 2017 में जिला अस्पताल में स्थापित किया गया।अब तक इस पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में 1,157 बच्चों को भर्ती किया गया और 1,145 बच्चों को कुपोषण से मुक्ति मिली है ।
शिशु रोग चिकित्सक उपलब्ध न होने के कारण पहले यहां से केस को जगदलपुर रेफर कर दिया जाता थे जो अब पिछले वर्षों से काफी कम हुआ है।डॉ.ध्रुव ने कंगारू मदर केयर विधि के द्वारा कम वज़न के बच्चों को बचाया है।
वर्तमान में वह कोविड-19 के नोडल ऑफिसर बनाए गए है और चाइल्ड हेल्थ के नोडल ऑफिसर के रूप में बेहतर सेवाओं को देखते हुए कोविड-19 की तीसरी वेव से सुरक्षा देने की तैयारी का दायित्व भी दिया गया है । लोगों को जब भी जरूरत पड़ी डॉ.ध्रुव उनकी सेवा में हाजिर रहते है।आजकल वह मरीजों को वर्चुअल माध्यम से भी परामर्श प्रदान कर रहे हैं।
डॉ. ध्रुव के इन्ही प्रयासों और प्रतिबद्धता के कारण ही उन्होंने लंदन से प्रकाशित टाइम मैगजीन के पन्नों में स्थान पाया है जो किसी के लिए भी गर्व की बात हो सकती है।यह खबर तब छपी थी जब एक बच्ची के चेहरे पर कीटाणुओं का हमला हुआ था जिससे उसकी चमड़ी उखड़ गई थी लेकिन नियमित देखभाल और उपचार से वह बच्ची स्वस्थ हो गई। ``तब मुझे लगा मै अपनी माटी के लोगों की कुछ सेवा कर सका।’’
रायपुर में फरवरी 2019 में राज्य स्तरीय समारोह में दंतेवाड़ा में किए कार्यो के लिए सीएम भूपेश बघेल के द्वारा डॉ. ध्रुव को भी अवार्ड दिया गया । कोविड-19 संक्रमण के शुरुआती समय 2020 में छत्तीसगढ़ इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स एसोसिएशन द्वारा 2020 में देश के बेस्ट रुरल पीडियाट्रिशियन का अवार्ड वर्चुअल माध्यम से दिया गया ।
बाल संरक्षण समिति में मुख्य भूमिका के रूप में डॉ. ध्रुव महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ भी काम कर रहे हैं । डॉ ध्रुव कहते है,“दंतेवाड़ा के सुदूर अंचलों में अभी भी शिशु स्वास्थ्य को लेकर स्थानीय लोगों में उतनी जागरूकता नहीं है।कई बार कैंप करके लोगों को बच्चों के पालन पोषण के साथ-साथ उनको बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करने के लिए स्थानीय मितानिन को समझाइश दी जाती है”।
क्रिकेट के शौकीन, डॉ ध्रुव ने कहते हैं,“डाक्टर बनने की प्रेरणा उन्हें बहन से मिली थी जब एक बार उन्होंने कहा था -- ``मेरा लाडला भाई कुछ बन पाएगा, या दिनभर क्रिकेट खेलता रहेगा।’’ बस इसी के बाद स्टेट लेवल तक क्रिकेट खेलने के बाद भी क्रिकेट को त्यागा और पढ़ाई में दिल लगाकर मेहनत करी पीएमटी में सिलेक्ट हुआ डॉक्टर की डिग्री हासिल की”।
माटी की सेवा करने के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज में लेक्चरर के पद से त्याग-पत्र देकर 2013 में छत्तीसगढ़ में सेवा करने के लिए डॉक्टर ध्रुव वापस आए।रायपुर और भिलाई के प्राइवेट अस्पताल में नौकरी कर लोगों की सेवा की । लेकिन मन कुछ और ही करने को कह रहा था । एक वर्ष जिला अस्पताल धमतरी में सेवा दी जिसके बाद 2016 में अपनी माटी की सेवा करने के लिए दंतेवाड़ा चले आए ।
डॉ.ध्रुव कहते हैं,“उन्हे डॉक्टरी करके तुरंत ही अपनी माटी की सेवा में आ जाना था । ``खैर, कोई बात नहीं देर आए, दुरुस्त आए।’’
*बस्तर जिले में बीता था बचपन*
शासकीय सेवा के दौरान डॉ राजेश ध्रुव के पिताजी की पोस्टिंग जगदलपुर में रही जिसके कारण उनका जगदलपुर की माटी से एक अलग ही लगाव है । जगदलपुर के नेशनल इंग्लिश स्कूल से पढ़ाई की ।
*स्थानीय बोली गोंडी भी अच्छे से सीख रहे है*
आजकल डॉ ध्रुव स्थानीय बोली गोंडी को अच्छे से सीख रहे है जिससे लोगों की परेशानी समझने में आसानी हो और सही रूप से उनका का इलाज किया जा सके
धमतरी। भखारा स्थित भाजपा कार्यालय के सामने पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के वाहन को हाईवा नें पीछे से मारी ठोकर, दुर्घटना में पुर्व मंत्री बाल-बाल बच गये ।
दुर्घटना में उनका वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
अजय चंद्राकर मगरलोड में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने जा रहे थे।
राज्यपाल जनजाति कल्याण केन्द्र महाकोशल द्वारा ‘‘स्वतंत्रता आंदोलन एवं जनजातीय समाज’’ विषय पर आयोजित वेबिनार में शामिल हुई
रायपुर / शौर्यपथ / आज जो हम खुली हवा में जो सांस ले रहे हैं, आजादी के महान नायकों के बलिदान के फलस्वरूप हो पाया है। हमें इसकी कीमत समझनी चाहिए। हर नागरिक को राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव से कार्य करना चाहिए और देश को विघटित करने का प्रयास करने वाले तत्वों से सचेत रहना चाहिए। देश के स्वतंत्रता आंदोलन में जनजातीय समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है। यह बात राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज जनजाति कल्याण केन्द्र महाकोशल, बरगांव द्वारा ‘‘स्वतंत्रता आंदोलन एवं जनजातीय समाज’’ विषय पर आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए कही।
राज्यपाल ने कहा कि देश की आजादी में जनजातियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। सन 1857 से पहले स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आजादी तक अंग्रेजों के खिलाफ लगातार संघर्षों का दौर जारी रहा। स्वतंत्रता आंदोलन के पूर्व ही अंग्रेजों के खिलाफ जनजातियों ने विद्रोह करना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि हमारे जनजातीय समाज ने स्वतंत्रता आंदोलन में जो बलिदान दिया है उसकी जानकारी नई पीढ़ी को देने की आवश्यकता है, ताकि वे उनके पदचिन्हों में चलकर समाज को नई दिशा प्रदान करे और देश की प्रगति में योगदान दे। राज्यपाल ने सुझाव दिया कि समाज के प्रबुद्ध वर्ग विकासखण्ड स्तर पर, ग्राम पंचायत स्तर पर एक अभियान चलाकर समाज के लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन में जनजातीय समाज के योगदान की जानकारी दें ताकि समाज को आत्म गौरव का अनुभव हो।
सुश्री उइके ने कहा कि जनजातीय पुरातन काल से वनों में निवास करते रहे हैं। उन्हें प्राकृतिक संपदा की अच्छी जानकारी भी है, इसलिए वे प्रकृति के अनुकुल जीवन जीते हैं, चूंकि प्रकृति से अनन्य संबंध होने के कारण वे जल, जंगल जमीन पर अपना अधिकार समझते रहे। बाद में ब्रिटिश शासन के आने के पश्चात वन कानूनों के माध्यम से उनके क्षेत्र में हस्तक्षेप किया जाने लगा। इसके पीछे भी ब्रिटिश शासनों की मंशा उन जंगलों में छिपी अकुत संपदा थी। उन्हें हथियाने के लिए कानूनों का सहारा लिया। इसे आदिवासियों ने अपने जीवन में हस्तक्षेप समझा और उन्होंने उसके खिलाफ आवाज बुलंद की।
उन्होंने कहा कि यदि हम आदिवासियों की प्रमुख आंदोलनों की बात करें तो सन् 1780 से सन् 1857 तक आदिवासियों ने अनेकों स्वतंत्रता आन्दोलन किए। सन् 1780 का “दामिन विद्रोह” जो तिलका मांझी ने चलाया, सन् 1855 का “सिहू कान्हू विद्रोह”, सन् 1828 से 1832 तक बुधू भगत द्वारा चलाया गया “लरका आन्दोलन” बहुत प्रसिद्ध आदिवासी आन्दोलन हैं। यहां पर बिरसा मुण्डा का जिक्र करना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने न ही शोषण के खिलाफ आवाज उठाई बल्कि आदिवासियों के सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सुश्री उइके ने कहा कि आदिवासी युग पुरूष बिरसा मुण्डा सन् 1900 में शहीद हुए। मध्य प्रदेश के निमाड़ में हुए विद्रोह के नायक भील तांतिया उर्फ टंटिया मामा ने क्रांति की लहर पैदा की। हम छत्तीसगढ़ की बात करें तो स्वतंत्रता संग्राम के प्रारंभिक चरण में वीर नारायण सिंह का नाम उल्लेखनीय है, जो प्रथम शहीद भी माने जाते हैं। इसके साथ ही गुण्डाधुर, कंगला मांझी, गैंदसिंह जैसे अनेकों नायक हुए, जिन्होंने देश के लिए लड़ते हुए अपने प्राणों की आहूति दे दी। निःसंदेह स्वतंत्रता आन्दोलन में आदिवासियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने आदिवासी समाज से आग्रह किया कि समाज को जागरूक करें ताकि देश की प्रगति में अधिक से अधिक योगदान दे सकें।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य शासन के ऊर्जा विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार संजय दत्तात्रेय तेलंग को छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी का संचालक एवं प्रबंध निदेशक के पद पर नियुक्ति दी गई है, तदानुसार उन्होंने नया पदभार आज ग्रहण किया।श्री संजय तेलंग अब तक छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी में कार्यपालक निदेशक( भंडार एवं क्रय) के पद पर सेवारत थे।इनकी नियुक्ति के पूर्व इस पद पर अशोक कुमार कार्यरत थे।
नया पदभार ग्रहण करने के उपरांत उन्होंने अपनी पदस्थापना के लिए माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के साथ ही छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जो जिम्मेदारी दी गई है उसका निर्वहन छत्तीसगढ़ के विद्युत विकास के लिए वे पूरी निष्ठा से करेंगे ।छत्तीसगढ़ पावर हब आफ इंडिया के नाम से जाना जाता है। यहां भरपूर बिजली उपलब्ध है, अतः सुदूर वनांचंलो और ग्रामीण अंचल तक गुणवत्ता पूर्ण बिजली की आपूर्ति हो सके इसके लिए पारेषण प्रणाली का विस्तार उन्नत करने के लिए वे सदैव तत्पर रहेंगे। राज्य शासन की रीति नीति के अनुसार जनहित में कार्य करने को उन्होंने अपनी प्राथमिकता बताया।नवनियुक्त प्रबंध निदेशक श्री संजय तेलंग को पदभार ग्रहण करने के उपरांत पावर कंपनीज के वरिष्ठ अधिकारियों कर्मचारियों ने हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।
संजय तेलंग को 38 वर्षों से अधिक का अनुभव विद्युत विषयक कार्यों का है उन्होंने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के पावर डिसटीब्यूशन एवं ट्रांसमिशन के क्षेत्र में अपनी कार्य दक्षता को प्रदर्शित किया है रायपुर में पदस्थ रहते हुए रिस्ट्रक्चरिंग एक्सीलरेटेड पावर डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म प्रोग्राम संबंधी कार्यों का निष्पादन सफलतापूर्वक किया है। बिलासपुर में सेवारत रहते हुए एटी एंड सी लॉस में कमी करने , न्यूनतम ब्यय पर पावर ट्रांसफार्मर का सुधार जैसे तकनीकी कार्य कुशलता को प्रदर्शित किया है। वर्ष 1983 से आपने विद्युत के क्षेत्र में अपनी सेवा यात्रा आरंभ की थी। अपनी सफलता का मूल मंत्र क्वालिटी कंट्रोल यथा समय कार्य निष्पादन और दृढ़ संकल्प के साथ कर्तव्य निष्ठा को मानते हैं।
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