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*कोतवाली पुलिस की त्वरित कार्यवाही*
पुलिस अधीक्षक बी.पी. राजभानू ने लंबित अपराधों के त्वरित निराकरण करने, अपराधों के प्रभावी रोकथाम हेतु संदिग्ध व्यक्तियों पर सतत निगाह रखते हुए असमाजिक तत्वों एवं जुआ, सट्टा, अवैध शराब बिक्री की सूचना पर त्वरित कार्यवाही करने एवं किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर त्वरित कार्यवाही करने सख्त निर्देश दिया गया है।
उक्त आदेश के परिपालन में धमतरी पुलिस द्वारा लगातार संदिग्ध व्यक्तियों एवं उनकी गतिविधियों पर सतत निगाह रखी जा रही है। विगत दिनों में धमतरी पुलिस द्वारा अभियान चलाकर अवैधानिक कृत्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही जी की गई है।
इसी क्रम में कोतवाली पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग एवं पेट्रोलिंग के दौरान महिमा सागर वार्ड स्थित बालक स्कूल मैदान में कुछ व्यक्तियों द्वारा रुपए पैसे की हार जीत की बाजी लगाकर आम जगह पर ताश पत्ती से जुआ खेलने की मुखबिर सूचना पर तत्काल सूचना की तस्दीक की गई। तस्दीकी दरम्यान सूचना सही पाए जाने पर कोतवाली पुलिस स्टाफ ने गवाहों के साथ घेराबंदी कर रेड कार्यवाही की गई। आम जगह पर 03 व्यक्ति 52 पत्ती ताश से रुपए पैसे का हार जीत की बाजी लगाकर जुआ खेलते रंगे हाथ पकड़े गए। जिनके कब्जे व फड़ से कुल 2220/-रुपये नगदी रकम, 3 नग एंड्राइड मोबाइल तथा 52 पत्ती ताश जप्त किया गया। मौके पर पकड़े गए जुआरियों के विरुद्ध जुआ अधिनियम के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई।
*जुआ खेलते हुए रंगे हाथ पकड़े गए जुआरियों के नाम-*
1. संजय राव पिता प्रवीण राव उम्र 23 वर्ष 2. अरुण साहू पिता दिनेश साहू उम्र 31 वर्ष 3. राजू उर्फ राजकुमार पिता केशव ठाकुर उम्र 34 वर्ष सभी निवासी रामपुर वार्ड धमतरी थाना कोतवाली जिला धमतरी
धमतरी पुलिस द्वारा असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।
रायपुर / शौर्यपथ / रायपुर स्थित एक निजी विश्वविद्यालय के खिलाफ 2 छात्रों के द्वारा महिला आयोग में शिकायत किया गया था। प्रकरण के महत्व को ध्यान में रखते हुए आज इस प्रकरण पर राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक ने सुनवाई के दौरान पाया कि आवेदिकाओं के द्वारा अनावेदक संस्थान में बी.एड प्रथम वर्ष में प्रवेश हेतु प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी। इसके लिए उन्होंने विश्वविद्यालय के नियमानुसार दो किस्तो में फीस की पूरी राशि जमा कर दिए थे। मार्च 2021 में आवेदिकाओं को पता चला कि उनका प्रवेश निरस्त हो चुका है जिसके कारण उनका एक वर्ष का शैक्षणिक कार्यकाल का नुकसान हो गया है।
इस प्रकरण पर महिला आयोग के अध्यक्ष ने विश्वविद्यालय के द्वारा इस तरह के कृत्य पर गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना गैर जिम्मेदाराना है। छात्रों के इस एक वर्ष के समय की भरपाई करना संभव नही है। भविष्य में इस तरह की गलती का दोहराव विश्वविद्यालय द्वारा नही किए जाने की अपेक्षा की जाती है और छात्रों को उनके द्वारा जमा की गई फीस की राशि लौटाने तथा क्षतिपूर्ति के रूप में 10-10 हजार रूपये तत्काल देने का आदेश दिए गए। महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसी भी निजी शैक्षणिक संस्थान के द्वारा छात्राओं के साथ इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसका सभी आवश्यक रूप से रखें। बेटियों को शिक्षा के लिए वैसे ही संघर्ष करना पड़ता है, ऐसे कृत्यों से उनकी शिक्षा प्रभावित होती है। अतः यह कड़ा निर्णय लिया जाना आवश्यक है।
उर्वरक कंपनियों को राज्य के कोटे के अनुरूप यूरिया और डीएपी की आपूर्ति के निर्देश
होलसेलर के पास उपलब्ध स्टॉक को तत्काल रिटेलर को ट्रांसफर करें
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य को कोटे के अनुरूप यूरिया और डीएपी की आपूर्ति न होने तथा जमाखोरी की रोकथाम हेतु तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने रासायनिक खाद की आपूर्तिकर्ता कंपनियों को राज्य को आवंटित मात्रा के अनुरूप यूरिया और डीएपी खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा कृषि विभाग के अधिकारियों को होलसेलर और रिटेलर के स्टॉक को चेक कर जमाखोरी करने वालों को ब्लैक लिस्टेड करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने सभी होलसेलर के पास मौजूद यूरिया और डीएपी खाद को तत्काल रिटेलरों को ट्रांसफर कराने के भी निर्देश दिए गए हैं ।
मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में कल 23 जून को रायपुर में सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक और अपर संचालक कृषि ने उर्वरक प्रदायक कंपनियों, होलसेलर और रिटेलर की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने अप्रैल से जून माह तक के लिए छत्तीसगढ़ राज्य को आबंटित कोटे के अनुरूप यूरिया, डीएपी की शेष मात्रा की आपूर्ति हर हाल में 30 जून तक सुनिश्चित करने के निर्देश आपूर्तिकर्ता कंपनियों को दिए।
बैठक में जानकारी दी गई कि अप्रैल से जून तक यूरिया का कुल आबंटन 2,72,503 मैट्रिक टन है। कुल व्यादेश मात्रा 3,11,203 मे.टन के विरुद्ध आज तक 94,024 मे.टन आपूर्ति हुई है, जो कुल आबंटित मात्रा का 34.50 प्रतिशत है। इसी प्रकार डीएपी का कुल आबंटन 1,62,027 मे.टन है। कुल व्यादेश मात्रा 2,10,354 मे.टन के विरूद्ध आज तक 70,079 मे.टन आपूर्ति हुई है, जो कुल आबंटित मात्रा का 43.25 प्रतिशत है। बैठक में यह भी जानकारी दी गयी कि जून माह के लिये यूरिया उर्वरक की आबंटित मात्रा 1,31,450 मे.टन है, जिसके विरूद्ध प्रदायकों द्वारा 37,420 मे टन आपूर्ति की गई है। डीएपी की आबंटित मात्रा 80,000 मे.टन के विरूद्ध प्रदायकों द्वारा 23,268 मे.टन आपूर्ति की गई है। आपूर्तिकर्ता कंपनियों को शेष मात्रा की आपूर्ति 30 जून के पूर्व अनिवार्य रूप से कराये जाने के निर्देश दिये गये।
सरगुजा एवं जगदलपुर संभाग के लिये यूरिया के लिए 59,500 मे.टन एवं डीएपी हेतु कुल 41500 मे.टन व्यादेश जारी किये गये थे, जिसके विरूद्ध आज तक 11,359 मे.टन यूरिया एवं 12,098 मे.टन डीएपी की आपूर्ति हुई है। मेसर्स इफको, आईपीएल, कृभको, कोरोमंडल, चंबल फर्टिलाईजर कंपनी को शेष बची मात्रा की आपूर्ति विश्रामपुर एवं जगदलपुर में रेक लाकर अतिशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
छत्तीसगढ़ के लिये माह जून हेतु आयातित यूरिया का 58,650 मे. टन आबंटन प्रदाय किया गया है, जिसमें से मेसर्स इफको के लिये आबंटित मात्रा 33,000 मे.टन एवं कृभको के लिये आवंटित मात्रा 10,000 मे.टन है। दोनों प्रदायकों द्वारा आज तक आवंटित आयातित यूरिया के विरूद्ध कोई आपूर्ति नहीं की गई है। दोनों प्रदायकों को प्रबंध संचालक मार्कफेड द्वारा आबंटित आयातित यूरिया की शतप्रतिशत आपूर्ति करने के लिये निर्देशित किया गया।
अपर संचालक कृषि ने सभी जिलों के उप संचालक कृषि को सभी होलसेलर एवं रिटेलर के पास जो भी यूरिया, डीएपी एवं अन्य उर्वरक उपलब्ध है, उसकी जांच तथा निरीक्षण कर नियमित सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि होलसेलर और रिटेलर द्वारा प्रदाय की गई जानकारी से अधिक स्कंध पाये जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कार्यवाही की जानी चाहिए। होलसेलर के पास वर्तमान में उपलब्ध उर्वरक स्कंध को तत्काल रिटेलर को ट्रांसफर करवाने तथा समस्त रिटेलर्स को उपलब्ध उर्वरक स्टॉक को शीघ कृषकों को विक्रय करने के भी निर्देश दिए गए। उर्वरक की जमाखोरी रोकने हेतु डीडीए को यह भी निर्देशित किया गया कि यदि किसी रिटेलर एवं होलसेलर द्वारा अधिक समय तक स्टॉक रोककर रखा जाता है, तो रिटेलर के माध्यम से उसका तुरंत विक्रय किया जाना चाहिए।
बैठक में बताया गया कि एमएफएमएस माड्यूल में वर्तमान में पॉस दर्शित स्कंध एवं वास्तविक स्कंध में अंतर होने के कारण प्रदेश का उर्वरक आबटन प्रभावित हो रहा है। यूरिया एवं डीएपी की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। अतः उर्वरक स्कंध का भौतिक सत्यापन कराये जाने एवं विकय किये जा चुके स्कंध की होलसेलर एवं डिस्ट्रीब्यूटर्स को माडयूल में तत्काल एन्ट्री के निर्देश दिए गए, जिससे वास्तविक रूप से उपलब्ध स्कंध एव माड्यूल में प्रदर्शित स्कन्ध एक समान हो।
अपर संचालक कृषि ने समस्त होलसेलर एवं रिटेलर को स्पष्ट रूप से चेताया कि यदि उनके द्वारा निर्देशों के परिपालन में लापरवाही का मामला पकड़ में आया तो संबंधित रिटेलर, होलसेलर को प्रतिबंधित कर काली सूची में दर्ज करने की कार्यवाही की जाएगी। प्रबंध संचालक विपणन संघ द्वारा निर्देश दिये गये कि समितियों के माध्यम से जो उर्वरक विकय किया जा रहा है, उसके लिये उप पंजीयक से समन्वय स्थापित कर समितियों द्वारा तत्काल पॉस में एन्ट्री कराया जाना सुनिश्चित करें।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रदेशवासियों को संत कबीर दास जी की जयंती के अवसर पर अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि, सतगुरू कबीर दास जी की गणना विश्व के महान संतों में होती है । भारतीय संस्कृति के गहनतम ज्ञान को सरलतम शब्दों में अपने दोहे एवं साखियों के माध्यम से कबीरदास जी ने हमे समझाया l कबीरदास जी की साखी और दोहे हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं और हमें जीवन जीने का तरीका सिखाते हैं। कबीरदास जी की रचनाएं मानव मन को सीधे प्रभावित करती है। इन रचनाओं में व्यक्त होने वाली शुद्ध-हृदयता, सामाजिक समरसता तथा सबसे बढ़कर सात्विक जीवन शैली को अपनाने की प्रेरणा उन्हें आदर्श मानव जीवन के सफल निर्माता के रूप में स्थापित करती हैं ।
विस् अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि-कबीरदास जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं आवश्यकता इस बात की है कि हम उनके द्वारा स्थापित सामाजिक मूल्यों को मन, वचन और कर्म से आत्मसात् कर जन-कल्याण को ही जग-कल्याण समझें ।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने आज एक बयान जारी करते हुए यह दावा किया है कि छत्तीसगढ़ भारत के उन चुनिंदा राज्यों में से है जहां पर कोविड वैक्सीन की बर्बादी सबसे न्यूनतम स्तर पर है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कुशल मार्गदर्शन और प्रशासन की सजगता के चलते ही यह संभव हो सका है।
एक तरफ जहां कोविड वैक्सीन की बर्बादी का राष्ट्रीय औसत 3.06 प्रतिशत है, वहीं छत्तीसगढ़ में यह दर घटकर महज 1.02 प्रतिशत है। कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने भारत सरकार के कोविन पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़े जारी करते हुए यह तथ्य सार्वजनिक किया है। साथ ही साथ भारतीय जनता पार्टी के नेताओं विशेषकर डॉ. रमन सिंह, धरमलाल कौशिक, विष्णु देव साय एवं अजय चंद्राकर से यह सवाल भी पूछा है कि छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार को बदनाम करने के लिए जो गैर जिम्मेदाराना बयान उन लोगों के द्वारा दिए गए थे क्या उन बयानों के लिए अब प्रदेश की जनता से माफी मांगेंगे? क्या वैक्सीन की बर्बादी का राष्ट्रीय औसत छत्तीसगढ़ से तीन गुना ज्यादा होने के कारण मोदी सरकार की निंदा करेंगे?
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने कहा कि भूपेश सरकार के द्वारा चलाए जा रहे वैक्सीनेशन कार्यक्रम को प्रदेश की जनता और सभी वर्गों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। सभी की सहभागिता को सुनिश्चित करते हुए बहुत जल्द हम 100 प्रतिशत वैक्सीनेशन का लक्ष्य हासिल कर लेंगे।
रायपुर /शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी नागरिकों से टीका लगवाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में टीका ही कोरोना से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है। हालांकि प्रदेश में पिछले दो दिनों से एक लाख से अधिक लोग टीका लगवा रहे हैं, पर इस संख्या को बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से स्वयं और अपने परिजनों को टीका लगवाने के साथ ही दूसरे लोगों को भी टीकाकरण के लिए प्रेरित करने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से कहा है कि कोरोना की दूसरी लहर अब लगभग शांत हो चुकी है। संक्रमण-दर मात्र एक प्रतिशत के आसपास रह गई है। नए मरीज भी बहुत कम आ रहे हैं। राज्य में आर्थिक गतिविधियां फिर से तेज हो रही हैं। बाजारों की रौनक लौट रही है। इन सबके बीच हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि कोरोना का प्रकोप कम जरूर हुआ है, पर खत्म नहीं हुआ है। हमें कोविड अनुकूल व्यवहार को छोड़ना नहीं है। यह समय और अधिक सतर्क रहकर अपनी जिम्मेदारियां वहन करने का है। आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। घर से बाहर निकलकर दफ्तर, बाजार, फैक्ट्री, खेत-खलिहान की ओर जाते समय पूरी सुरक्षा और सावधानी रखें।
मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेशवासियों को कोरोना के खतरों के प्रति आगाह करते हुए कहा कि दूसरी लहर में हमने बहुत कुछ खोया है। आर्थिक नुकसान तो हुआ ही, बहुत से प्रियजनों को भी कोरोना ने हमसे छीन लिया। यदि हम अब भी सचेत नहीं हुए तो तीसरी लहर को रोका नहीं जा सकेगा। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण को नियंत्रण में लाने में हमारे डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों, नर्सों, मितानिन बहनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, फ्रंटलाइन वर्कर्स, नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के पदाधिकारियों, सफाई कर्मियों, सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाओं ने अथक परिश्रम किया है।
मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथों की साफ-सफाई संबंधी अनुशासन का कड़ाई के साथ स्वयं भी पालन करें और दूसरों से भी करवाएं। सैनेटाइजर या साबुन से बार-बार अपने हाथ धोते रहें। सामाजिक-आयोजनों में भी न्यूनतम उपस्थिति सुनिश्चित करें, ताकि वायरस फिर फैल न पाए। फिलहाल सावधानी बरतना और टीका लगवाना ही एकमात्र उपाय है। टीका लगवाने में कोई खतरा नहीं है, बल्कि यह हमें भविष्य में होने वाले खतरे से बचाएगा। उन्होंने कहा कि शहरों और गांवों में लोग बड़े उत्साह से टीका लगवा रहे हैं। जितनी जल्दी हम टीका लगवाएंगे, उतनी जल्दी हम अपना भविष्य सुरक्षित करते जाएंगे। मैंने खुद अस्पताल में जाकर टीका लगवाया है और अब मैं खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहा हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीका को लेकर किसी के भी मन में डर या आशंका नहीं होनी चाहिए क्योंकि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीका ही एकमात्र हथियार है। प्रदेश में कोरोना से बचाव के लिए टीके की पहली और दूसरी डोज को मिलाकर 78 लाख से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं। सभी शासकीय अस्पतालों में टीका निःशुल्क लगाया जा रहा है। सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में इसकी व्यवस्था की गई है। तेजी से टीकाकरण के लिए पांच हजार से अधिक टीकाकरण केन्द्र बनाए गए हैं।हम संपूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य जितनी तेजी से हासिल करेंगे, उतनी ही जल्दी हमारा प्रदेश कोरोना से सुरक्षित हो सकेगा। यदि आपने टीका लगवा लिया है, तो दूसरों को भी प्रेरित करें।
ज़िले में डेंगू नियंत्रण, रोकथाम और बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी है। इसके लिये विभागीय समन्वय की बैठक रेडक्रास के सभागार में संपन्न हुई ।बैठक की अध्यक्षता ज़िला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मीरा बघेल ने की ।साथ ही संभावित क्षेत्रों में डेंगू के नियंत्रण, रोकथाम और बचाव के लिए विशेष अभियान चलाने, जन-जागरूकता के लिए बैनर,पोस्टर, लगाने एवं माईकिंग करने के निर्देश भी दिए हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विमल किशोर राय ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया‘’डेंगू के नियंत्रण, रोकथाम और बचाव के लिए ज़िले के स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है । इसके लिए विभाग ने मितानिन ट्रेनर के सहयोग से जिले के शहरी क्षेत्र बिरगांव और नगर निगम क्षेत्र रायपुर में नियमित रूप से ‘’हर रविवार डेंगू पर वार’’ नाम से कार्यक्रम चलाने का निर्णय पूर्व में लिया गया है ।
साथ ही अब 10 सप्ताह,10 बजे,10 मिनट डेंगू पर वार करने को तैयार रहना है । इसके लिये जनभागीदारी के साथ अपने आसपास एक-दो साल में जिस क्षेत्र में डेंगू के केस मिले हैं।उन स्थानों की सूची बनाई जा रही है और बरसात से पूर्व ही उचित कार्रवाई करना सुनिश्चित किया जाएगा। डेंगू नियंत्रण अभियान के दौरान लोगों को घर में रखे गमले की ट्रे, कूलर, फ्रीज, पानी की टंकी को खाली कर सुखाने के पश्चात उपयोग करने के बारे में जानकारी दी जायेगी ताकि मच्छर के अंडे, लार्वा को नष्ट किया जा सके। मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए पुराने टायर, मटके, कबाड़ आदि में बरसात का पानी एकत्र ना होने दें । घर के बाहर छोटे गड्ढों में मिट्टी का भराव करें। जिससे मच्छरों के प्रजनन को न्यून किया जा सके।पानी के फैलाव को रोकने के लिए नियमित रूप से साफ-सफाई और दवाई का छिड़काव करते रहें। साथ ही नालियों की साफ-सफाई तथा घर के आस-पास पानी के टैंकों की नियमित रूप से साफ-सफाई रखें।
डॉ. राय कहते हैं ‘’डेंगू की पहचान की किट अर्बन पीएचसी को उपलब्ध करा दी गई है । साथ ही मितानिन ट्रेनर्स को डेंगू और कोरोनावायरस के बीच अंतर को भी समझाया गया है । सैंपल कैसे कलेक्ट करना है और कैसे मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल रायपुर (मेकाहारा) के बायोलॉजी लैब में भेजने के प्रबंध को भी सुनिश्चित करना भी बताया गया है । मरीज़ भूलकर भी डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी दवा का ना सेवन करें। यह आपके लियें हानिकारक हो सकता है” ।
डॉ. राय बताते हैं “डेंगू का मच्छर गर्म क्षेत्र में ज्यादा पनपता है।डेंगू का मच्छर दिन के समय काटता है, इसकी उड़ने की क्षमता 3-4 फिट ही होती है और इसकी पहचान सफेद और काले रंग की पट्टिया होती हैं। डेंगू मच्छर से बचाव के लिए जरूरी है कि मॉसकिटो कॉयल रात के समयमच्छर दानी का प्रयोग करें ताकि मच्छरों के कटने से होने वाले अन्य रोगों से भी बचा जा सके। फुल स्लीप के कपड़े पहने, हाथ-पैरों का कवर करें, बैड को 3 फिट ऊंचा रखें।“
डेंगू बीमारी के लक्षण तेज बुखार, उल्टी आना, शरीर पर लाल चकते पड़ना है। बुखार को कन्ट्रोल करने के लिए चिकित्सीय परामर्श लें। हर बुखार डेंगू का नही होता है, डेंगू के लक्षण होने पर समय से डॉक्टर की सलाह लें और डॉक्टर की सलाह पर ही दवा का सेवन करें।
इस अवसर पर ज़िला मलेरिया विभाग के कुमार सिंहएंटोंमोलॉजिस्ट, जिला सलाहकार एनव्हीबीडीसीपी, रेवान्नद एमटीएस, सतीश देवांगन एमएलटी उपस्थित थे
सिहावा पुलिस की कार्यवाही
नगरी। सिहावा थाने से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी शिवनाथ ध्रुव, 45 वर्ष,निवासी प्रेम नगर, सिहावा के कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल, हीरो,सीजी 05/ ए.एच.5680 बरामद किया गया।
आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 72/ 2021, धारा 379 भा.दं.वि. के तहत सिहावा पुलिस द्वारा आरोपी को रिमांड में लेकर जेल भेजने की कार्रवाई की गई।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने रायपुर निवास कार्यालय परिसर से जल जीवन मिशन के प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों के प्रचार-प्रसार के लिए इन वाहनों को रवाना किया गया है। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
