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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
कोरबा/शौर्यपथ /एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खम्हरिया में 40 वर्ष पूर्व जमीन का अधिग्रहण किया गया था, लेकिन प्रभावित किसान परिवारों को न तो मुआवजा मिला और ना ही उन्हें पुनर्वास की सुविधा दी गई और कई रोजगार प्रकरण आज भी लंबित हैं। कई पीढ़ियों से किसान आज भी अपनी जमीन पर काबिज हैं और खेती किसानी कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। अब एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन जबरन उन्हें बेदखल करने का प्रयास कर रही है। अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा ने इस बेदखली के प्रयास का विरोध करते हुए किसानों के साथ अन्यायपूर्ण कार्यवाही बताया और किसानों की जमीन मूल किसानों के नाम वापस करने के साथ कृषि कार्य पर लगाए गए रोक को तत्काल हटाने की मांग की है। इस संबंध में एक ज्ञापन कुसमुंडा महाप्रबंधक को सौंपा गया है। ज्ञापन की प्रति मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन को भी देकर उचित हस्तक्षेप करने की मांग की गई है।
छत्तीसगढ़ किसान सभा के जिला अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर और सचिव प्रशांत झा ने कहा कि 40 वर्ष पूर्व में अधिग्रहित जमीन का खनन न होना और किसी भी कार्य के लिए एसईसीएल द्वारा उपयोग नहीं करने से स्पष्ट है कि एसईसीएल ने आवश्यकता से अधिक जमीन का अधिग्रहण करके जमीन की जमाखोरी की है और इस क्षेत्र में हजारों किसान परिवारों की जमीन को औने-पौने दामों में हड़पकर उन्हें उनकी आजीविका से वंचित कर दिया है। यह किसानों के साथ सीधे-सीधे ठगी और धोखाधड़ी का मामला है और इसके लिए एसईसीएल के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की जानी चाहिए।
छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेता दीपक साहू ने कहा है कि अधिग्रहित भूमि का उपयोग न होने के कारण 40 वर्ष पूर्व किये गए अधिग्रहण का आज कोई महत्व नहीं है और ग्रामीणों की बेदखली के लिए किया जा रहा प्रयास अवैध है। अब एसईसीएल इस जमीन का उपयोग गैर-खनन कार्यों के लिए करना चाहता है। खनन परियोजनाओं के विस्तार के कारण दर्जनों गांवों के लोगों में बेदखली का डर पैदा हो गया है। किसान सभा इन प्रभावित गांवों के लोगों को संगठित करके एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी।
ज्ञापन सौंपने में प्रमुख रूप से सुमेन्द्र सिंह ठकराल, राजीव यादव, ललित पटेल, गोलू यादव, प्रेमलाल, सुनीता, सावित्री, हीरा, हेम बाई, बेबी, नोहर कुंवर, जहीला, गंगा, सकून उपस्थित थे।
चिन्हांकन, मूल्यांकन तथा परीक्षण शिविर का आयोजन
बालोद/शौर्यपथ /दिव्यांगजनों की शारीरिक समस्याओं को कम करने एवं उनकी गतिशीलता में वृद्धि करने हेतु दिव्यांग व्यक्तियों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण का चिन्हांकन, मूल्यांकन तथा परीक्षण शिविर का आयोजन किया जाना है। समाज कल्याण के उप संचालक ने बताया कि उक्त शिविर में दिव्यांगजनों से ट्रायसायकल, बैटरी चलित ट्रायसायकल, व्हीलचेयर, श्रवणयंत्र, स्मार्टफोन, छड़ी, ब्रेलकीट, एम.आर.कीट आदि आवश्यकता वाले दिव्यांगजनों का चिन्हांकन कर फार्म भराया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनपद पंचायतों के द्वारा समस्त सचिवों तक दिव्यांगजनों हेतु उपकरण फाॅर्म उपलब्ध कराया जा रहा है। जनपद पंचायत गुरुर में 23 अगस्त को ग्राम पंचायत भवन कवंर, धनेली, कोलिहामार तथा मिर्रीटोला में, जनपंच पंचायत गुण्डरदेही में 24 अगस्त को ग्राम पंचायत भवन खुटेरी रंग, मोंहदीपाट, भाठागांव तथा मिर्रीटोला, जनपद पंचायत डौंडी में 25 अगस्त को ग्राम पंचायत भवन कुसुमकसा, ग्राम पंचायत भवन नर्राटोला, ग्राम पंचायत भवन पटेली, ग्राम पंचायत भवन अवारी तथा जनपद पंचायत डौंडी लोहारा में 28 अगस्त को ग्राम पंचायत भवन सुरेगांव, ग्राम पंचायत भवन देवरी, ग्राम पंचायत भवन भंवरमरा, ग्राम पंचायत भवन संबलपुर में शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि शिविर स्थल में सहायक उपकरण चिन्हाकंन हेतु दिव्यांगजनों का आवश्यक दस्तावेज दिव्यांग प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, फोटो अनिवार्यतः के साथ दिव्यांग व्यक्ति स्वयं या अपने प्रतिधित्व को उपस्थित कराकर कृत्रिम अंग या सहायक उपकरण का चिन्हांकन, मूल्यांकन करा सकते है। साथ ही पात्र दिव्यांगजनों को पात्रतानुसार उपकरण प्रदाय किया जावेगा। शिविर का आयोजन सुबह 10 बजे से शाम 05 बजे तक रखा गया है।
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कार्यक्रम में ‘‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘‘ के हितग्राहियों को योजना की दूसरी किश्त के रूप में 1810 करोड़ रूपए का भुगतान किया। इस राशि को मिलाकर राजीव गांधी किसान न्याय योजना के 24.30 लाख किसानों को अब तक 21 हजार 912 करोड़ रूपए की इनपुट सब्सिडी का भुगतान किया जा चुका है। इस योजना के तहत बालोद जिले के 1 लाख 43 हजार 405 किसानों को दूसरी किस्त के रूप में 89 करोड़ 63 लाख रुपए का ऑनलाइन भुगतान किया गया।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने ‘राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ के हितग्राहियों को दूसरी किश्त के रूप में 168.63 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया। इस राशि को मिलाकर योजना के 5.6 लाख हितग्राहियों को अब तक 758.03 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। जिले के 15 हजार 591 हितग्राहियों को 4 करोड़ 67 लाख 73 हजार रूपए का ऑनलाइन भुगतान किया गया। कार्यक्रम में श्री बघेल द्वारा ‘राजीव युवा मितान क्लबों’ को 66.21 करोड़ रूपए की राशि का भी अंतरण किया गया, जिनमे राजीव युवा मितान क्लब अंतर्गत जिले में प्रथम एवम द्वितीय किस्त के रूप में 2 करोड़ 31 लाख 50 हजार की राशि हितग्राहियों के खाते में अंतरण की गई। युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए राज्य में गठित किए 13 हजार 242 क्लबों को अब तक 132.48 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने इसी कड़ी में ‘गोधन न्याय योजना’ के हितग्राहियों को 9.65 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया। इस राशि को मिलाकर योजना के तहत अब तक महिला स्व-सहायता समूहों, गौठान समितियों और ग्रामीणों को 551.31 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। जिले में इस योजना के तहत 3 हजार 241 हितग्रहियों को 22 लाख 29 हजार 239 रुपए से अधिक भुगतान किया जा चुका है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री परब सम्मान निधि योजना’ के तहत गैर अनुसूचित क्षेत्र ग्राम पंचायतों के लिए 6 लाख 81 हजार 750 रुपए की राशि का अंतरित किया गया।
खल्लारी में विकासखंड स्तरीय छतीसगढ़िया ओलंपिक खेल का किया शुभारंभ
बालोद/शौर्यपथ /महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया ने आज जिले के डौण्डी विकासखण्ड के नगर पालिका परिषद दल्लीराजहरा में 02 करोड़ 3 लाख 54 हजार रुपये लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया तथा नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मंत्री श्रीमती भेड़िया ग्राम खलारी में आयोजित विकासखंड स्तरीय छतीसगढ़िया ओलंपिक खेल के शुभारंभ कार्यक्रम में भी शामिल हुई। उन्होंने 0-18 वर्ष के बालक एवं बालिका वर्ग के 100 मीटर दौड़ में सीटी बजा कर खेल का शुभारंभ किया। उन्होंने जिला सहकारी केंद्रीय बैक दल्लीराजहरा में आयोजित कार्यक्रम में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के हितग्राहियों को द्वितीय किस्त की राशि अंतरित होने पर बधाई दी तथा किसानों को शाॅल व श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में छत्तीसगढ़ राज्य ने सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर विकास की नई कीर्ति हासिल की है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के कुशल नेतृत्व मे पिछले साढ़े चार वर्षों में हुए विकास कार्यो की मुक्तकंठ से सराहना की। इस अवसर पर उन्होनंे राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही राजीव गांधी किसान न्याय योजना, भूमिहीन किसान मजदूर न्याय योजना ,बेरोजगारी भत्ता योजना ,गोधन न्याय योजना आदि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अलावा छत्तीसगढ़िया ओलंपिक, राजीव युवा मितान क्लब, आदि के महत्व एवं उद्देश्यों के संबंध में प्रकाश डालते हुए, इसे राज्य के विकास के लिये मिल का पत्थर बताया। उन्होनें कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा जहंा एक ओर छत्तीसगढ़ की संस्कृति रीति-रिवाज, खान-पान, परंपरा आदि का संरक्षण व संवर्धन करने का कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर गरीब बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों एवं ग्रामीण औद्योगिक पार्क की स्थापना, 65 प्रकार के लघु वनोपज की खरीदी जैसे अनेक अभिनव कार्यो की शुरूआत की है। इस दौरान नगर पालिका परिषद दल्लीराजहरा के अध्यक्ष श्री सिब्बू नायर, जिला पंचायत सद्स्य श्रीमती करिश्मा सलामे, जनपद पंचायत डौंडी की अध्यक्ष श्रीमती बसंती दुग्गा, जनपद पंचायत डौंडी के उपाध्यक्ष श्री पुनीत सेन, जनपद सदस्य डौंडी श्री यशराम राणा सहित श्री पीयूष सोनी एवं जन प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
रायपुर में राज्य स्तरीय कुश्ती अकादमी खोलने की घोषणा
बजरंगबली अखाड़ा प्रोत्साहन योजना होगी शुरू
धोबीपछाड़, धाक और बैकसातो जैसे दांव-पेच से कुश्ती के धुरंधर हुए चित्त
गुढ़ियारी में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल हुए मुख्यमंत्री
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी में शंकर सेवा समिति द्वारा आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशवासियों को नागपंचमी की बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस मौके पर राज्य में कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए रायपुर में राज्य स्तरीय कुश्ती अकादमी खोलने की घोषणा की। इसके साथ उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए बजरंग अखाड़ा प्रोत्साहन योजना शुरू करने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कुश्ती प्रतियोगिता को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में नागपंचमी के अवसर पर मलखंब और कुश्ती प्रतियोगिता की प्राचीन परंपरा रही है। त्यौहार के अवसर पर ऐसे प्रतियोगिता आपसी भाईचारे और सौहार्द्र का संचार करती है। उन्होंने कहा कि नागपंचमी का त्यौहार उन्हें बचपन की याद दिलाती है। बचपन में स्लेट पट्टी पर नागदेवता का चित्र बनाते थे। अगरबत्ती और गुलाल भी चढ़ाते थे। यह एक सुखद अनुभव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागपंचमी के अवसर पर पहले गांव-गांव में मलखम्ब, मल्लयुद्ध कबड्डी, कुश्ती आदि का आयोजन होते थे। पहलवान बड़ी संख्या में हिस्सा लेते थे। आज के दौर में ऐसे अवसर पर कुश्ती का आयोजन सराहनीय है। राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन कर रही है। बड़ी संख्या में बच्चे और बुजुर्ग हिस्सा ले रहे हैं। राज्य सरकार हर संभव खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए तत्पर है। इस मौके पर संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय ने भी सम्बोधित किया।
गौरतलब है कि कुश्ती प्रतियोगिता में दांवपेंच महत्वपूर्ण होता है। कुश्ती खिलाड़ी सूझ-बूझ और चतुराई से दांवपेच का उपयोग कर कुश्ती के तकातवर धुरंधर को भी चित्त कर देते हैं। कुश्ती में धोबीपछाड़, धाक, बैकसातो सहित टांगा, कलाजंक, फितले, भारनद्वज, लेंसन और झोली जैसे दांवपेंचों से कुश्ती का रोमांचक खेल एक अलग अनुभव कराती है। कुश्ती प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विजेताओं में प्रथम पुरस्कार रामकुण्ड अखाड़ा, रायपुर को प्राप्त हुआ, द्वितीय पुरस्कार खेल विभाग को और तृतीय पुरस्कार दंतेश्वरी अखाड़ा पुरानी बस्ती, रायपुर को मिला।
इस अवसर पर एमआईसी मेम्बर श्री सुन्दर जोगी, अखाड़ा समिति के अध्यक्ष श्री तोरन लाल साहू, उपाध्यक्ष श्री रामखिलावन साहू, श्री दीनानाथ शर्मा सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी और कुश्ती खिलाड़ी और दर्शक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री का सरगुजा संभाग के युवाओं से भेंट-मुलाकात 22 अगस्त को
अम्बिकापुर में स्वामी आत्मानंद कॉलेज का करेंगे उद्घाटन
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 22 अगस्त को अम्बिकापुर जिले के प्रवास पर रहेंगे और वहां आयोजित स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री 22 अगस्त को अम्बिकापुर पीजी कॉलेज के हॉकी स्टेडियम में सरगुजा संभाग के युवाओं से भेंट-मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के विकास के मुद्दे, युवाओं के लिए संचालित योजनाओं, प्रदेश के विकास और समृद्धि में युवाओं की आकांक्षाओं पर सीधे संवाद करेंगे।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का युवाओं के साथ भेंट-मुलाकात कार्यक्रम रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और बस्तर संभाग में पूर्ण हो चुका है।
निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 22 अगस्त को पूर्वान्ह 11.30 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से विमान द्वारा प्रस्थान कर 12.10 बजे मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा पहुंचेंगे और वहां से हेलीकॉप्टर द्वारा पीजी कॉलेज ग्राउण्ड हेलीपेड अम्बिकापुर आएंगे। मुख्यमंत्री पीजी कॉलेज अम्बिकापुर के हॉकी स्टेडियम में दोपहर 12.30 बजे से युवाओं के साथ भेंट-मुलाकात करेंगे। कार्यक्रम पश्चात् दोपहर ढाई बजे कार से प्रस्थान कर दोपहर 2.45 बजे केशवपुर में स्वामी आत्मानंद कॉलेज का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा से शाम 4.25 बजे प्रस्थान कर शाम 5.05 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 22 अगस्त को शाम 7 बजे रायपुर के मोहबा बाजार स्थित पिकैडली होटल में इंडिया न्यूज के ‘मंच छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम पश्चात् मुख्यमंत्री शाम 8.15 बजे मुख्यमंत्री निवास लौट आएंगे।
रायपुर में राज्य स्तरीय कुश्ती अकादमी खोलने की घोषणा
बजरंगबली अखाड़ा प्रोत्साहन योजना होगी शुरू
धोबीपछाड़, धाक और बैकसातो जैसे दांव-पेच से कुश्ती के धुरंधर हुए चित्त
गुढ़ियारी में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल हुए मुख्यमंत्री
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी में शंकर सेवा समिति द्वारा आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशवासियों को नागपंचमी की बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस मौके पर राज्य में कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए रायपुर में राज्य स्तरीय कुश्ती अकादमी खोलने की घोषणा की। इसके साथ उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए बजरंग अखाड़ा प्रोत्साहन योजना शुरू करने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री बघेल ने कुश्ती प्रतियोगिता को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में नागपंचमी के अवसर पर मलखंब और कुश्ती प्रतियोगिता की प्राचीन परंपरा रही है। त्यौहार के अवसर पर ऐसे प्रतियोगिता आपसी भाईचारे और सौहार्द्र का संचार करती है। उन्होंने कहा कि नागपंचमी का त्यौहार उन्हें बचपन की याद दिलाती है। बचपन में स्लेट पट्टी पर नागदेवता का चित्र बनाते थे। अगरबत्ती और गुलाल भी चढ़ाते थे। यह एक सुखद अनुभव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागपंचमी के अवसर पर पहले गांव-गांव में मलखम्ब, मल्लयुद्ध कबड्डी, कुश्ती आदि का आयोजन होते थे। पहलवान बड़ी संख्या में हिस्सा लेते थे। आज के दौर में ऐसे अवसर पर कुश्ती का आयोजन सराहनीय है। राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन कर रही है। बड़ी संख्या में बच्चे और बुजुर्ग हिस्सा ले रहे हैं। राज्य सरकार हर संभव खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए तत्पर है। इस मौके पर संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने भी सम्बोधित किया।
गौरतलब है कि कुश्ती प्रतियोगिता में दांवपेंच महत्वपूर्ण होता है। कुश्ती खिलाड़ी सूझ-बूझ और चतुराई से दांवपेच का उपयोग कर कुश्ती के तकातवर धुरंधर को भी चित्त कर देते हैं। कुश्ती में धोबीपछाड़, धाक, बैकसातो सहित टांगा, कलाजंक, फितले, भारनद्वज, लेंसन और झोली जैसे दांवपेंचों से कुश्ती का रोमांचक खेल एक अलग अनुभव कराती है। कुश्ती प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विजेताओं में प्रथम पुरस्कार रामकुण्ड अखाड़ा, रायपुर को प्राप्त हुआ, द्वितीय पुरस्कार खेल विभाग को और तृतीय पुरस्कार दंतेश्वरी अखाड़ा पुरानी बस्ती, रायपुर को मिला।
इस अवसर पर एमआईसी मेम्बर सुन्दर जोगी, अखाड़ा समिति के अध्यक्ष तोरन लाल साहू, उपाध्यक्ष रामखिलावन साहू, दीनानाथ शर्मा सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी और कुश्ती खिलाड़ी और दर्शक उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
