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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
रायपुर / शौर्यपथ /
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा रीच इंडिया (Reach India) संस्था के सहयोग से टीबी मुक्त पंचायत इनिशिएटिव्ह पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कार्यशाला में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को गांवों में क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सेंसिटाइज किया गया। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति के तहत टीबी मुक्त पंचायत इनिशिएटिव्ह प्रारंभ किया गया है। प्रदेश के सभी जिलों के जिला क्षय अधिकारी, जिला कार्यक्रम समन्वयक/पीपीएम कोऑर्डिनेटर तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के जिला पंचायत के पंचायतीराज अधिकारी/समकक्ष अधिकारी कार्यशाला में शामिल हुए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. एस.के. पामभोई ने कहा कि क्षय रोग से मुक्ति के लिए ग्राम स्तर तक जाकर अभियान चलाना है। इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अहम भूमिका होगी। पूर्व में विभिन्न विभागों के समन्वय और सहयोग से पल्स पोलियो अभियान के माध्यम से भारत को पोलियो मुक्त किया गया है। इसी प्रकार एक बार फिर अभियान मोड में विभिन्न विभागों और नागरिकों के संयुक्त प्रयास से क्षय रोग को खत्म करना है। उन्होंने इस अभियान की सफलता के लिए कार्यशाला में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं।
राज्य क्षय अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र गहवई ने कार्यशाला में बताया कि वर्ष 2025 तक हमें हमारे सभी ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त करना है। इसके लिए ग्राम स्तर पर योजना तैयार कर कार्य करने की आवश्यकता है। इस पर मंथन के लिए आज इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। आपस में विचार-विमर्श कर आज हम अपने-अपने जिलों के ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त करने के लिए एक रोडमैप तैयार करेंगे। टीबी मुक्त पंचायत इनिशिएटिव्ह के अंतर्गत टीबी के उन्मूलन के लिए ग्राम पंचायतों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना लाना है । टीबी मुक्त पंचायत इनिशिएटिव्ह के तहत ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के लिए निर्धारित विभिन्न मापदंडों को पूर्ण करते हुए प्रत्येक वर्ष जनवरी माह में टीबी मुक्त पंचायत का दावा करना होगा। जिला स्तरीय दल द्वारा दावे का सत्यापन कर संबंधित ग्राम पंचायतों को 24 मार्च को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया जाएगा। ऐसे ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। कार्यशाला में कुछ जिलों ने अपने जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए ग्राम स्तर तक की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत किया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के क्षेत्रीय प्रमुख डॉ. क्षितिज खापर्डे, रीच इंडिया के वरिष्ठ सलाहकार सुब्रत मोहंती और यूएस-एड की सुश्री अमृता गोस्वामी भी कार्यशाला में उपस्थित थीं।
नगरीय प्रशासन मंत्री ने ली अधिकारियों की बैठक
निर्माण कार्यों की प्रगति से असंतुष्ट आरईएस और डीईओ को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश
कोरबा / शौर्यपथ / नगरीय प्रशासन एवं श्रम तथा कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष कोरबा में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्माण से संबंधित कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। मंत्री डॉ डहरिया ने निर्माण कार्यों में लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी। उन्होंने जिले में स्कूलों से सम्बंधित कार्यों में प्रगति नहीं दिखने पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता एंटोनी तिर्की और जिला शिक्षा अधिकारी जी पी भारद्वाज को शो-काज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान उन्होंने विभागवार योजनाओं की समीक्षा की।
समीक्षा बैठक में मंत्री डॉ डहरिया ने नगरीय प्रशासन अंतर्गत अधोसंरचना, प्रधानमंत्री आवास, मोबाइल मेडिकल यूनिट, राजीव आश्रय आवास की जानकारी ली। उन्होंने नगर निगम आयुक्त को निर्देशित किया कि अधोसंरचना अंतर्गत कार्यों को शीघ्र पूरा करें। उन्होंने निगम अंतर्गत खम्बे और लाइट, सामुदायिक भवन, दुकान निर्माण तथा जमीन आबंटन और आधिपत्य, डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, सफाई व्यवस्था, पेयजल, ओडीएफ की समीक्षा की। मंत्री डॉ. डहरिया ने 15वें वित्त अंतर्गत उपलब्ध राशि और प्रस्तुत प्रस्ताव को स्वीकृति के निर्देश दिए। उन्होंने श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं, संगठित और असंगठित कर्मकारों के संचालित योजनाओं की समीक्षा की और सहायक श्रमायुक्त को निर्देशित किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जरूरतमंद हितग्राहियों तक पहुँचा कर उन्हें लाभान्वित करें। उन्होंने पंजीयन की स्थिति और मोबाइल नम्बर दर्ज करने में आ रही समस्याओं को भी निराकरण के निर्देश दिए।
निर्माण कार्यों का सतत निरीक्षण करें अधिकारी
मंत्री डॉ. डहरिया ने जिले में शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों में शिक्षकों की जानकारी ली और निर्देशित किया कि विद्यार्थियों के दर्ज संख्या के आधार पर पर्याप्त शिक्षक हो, यह सुनिश्चित किया जाए। आदिवासी क्षेत्र में शिक्षक की कमी को पूरा करने के साथ अध्यापन व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित हो। उन्होंने स्कूल सहित अन्य संस्थाओं के छोटे-छोटे निर्माण कार्यों की प्रगति के लिए निरंतर निरीक्षण के निर्देश देते हुए समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। मंत्री ने लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी अंतर्गत जल जीवन मिशन के कार्यों की भी समीक्षा की और घरों तक पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्य पूर्ण होने के पश्चात भी पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाने वाले स्थानों पर जाँच के निर्देश दिए। मंत्री ने जिले में खाद्य विभाग अंतर्गत राशनकार्ड, उपलब्ध खाद्यान्न, राजस्व विभाग अंतर्गत लंबित प्रकरणों, वन अधिकार पट्टे के वितरण की समीक्षा की और समय पर पूर्ण करने के साथ आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में राजस्व, आपदा प्रबंधन, पंजीयन,पुनर्वास एवं स्टाम्प(वाणिज्यिक कर) मंत्री जयसिंह अग्रवाल, लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, विधायक पाली तानाखार मोहित राम, रामपुर विधायक ननकीराम कँवर, महापौर राजकिशोर प्रसाद, कलेक्टर सौरभ कुमार, पुलिस अधीक्षक उदय किरण, डीएफओ अरविंद पीएम, निशांत कुमार, निगम आयुक्त प्रतिष्ठा ममगाई, सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देश पर वन विभाग द्वारा लकड़ियों के अवैध परिवहन और कटाई पर निरंतर कार्यवाही की जा रही है। कोरिया वन मंडल की टीम द्वारा अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे लगभग 69 हजार अनुमानित मूल्य लागत के 11 नग सागौन लकड़ी का लट्ठा और एक पिकअप वाहन केे जप्ती की कार्यवाही की गई।
पीसीसीएफ श्रीनिवास राव तथा वनमण्डलाधिकारी कोरिया सुश्री प्रभाकर खलखो के निर्देश पर वन विभाग के संयुक्त दल ने रात्रि गश्त के दौरान वनमंडल कोरिया के परिक्षत्र बैकुठपुर परिसर सलवा अंतर्गत अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे लगभग 69 हजार रूपए के 11 नग सागौन के लट्ठे और पिकअप वाहन को जप्त किया। कार्यवाही के दौरान वन विभाग की टीम ने सागौन वृक्षारोपण में अवैध कटाई कर पिकअप क्रमांक - सीजी 15 जेडबी 0129 में लोड अवैध 11 नग सागौन लकड़ी जप्त किया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की कार्यवाही की जा रही है।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए नित नए प्रयास कर रहा है। बेहतर शिक्षा के साथ उनका कौशल उन्नयन किया जा रहा है प्रदेश के युवाओं को रोजगार से भी जोड़ा जा रहा है। प्रशासन युवाओं की ऊर्जा को राजीव युवा मितान क्लब के माध्यम से सकारात्मक दिशा दिया जा रहा है। युवा अपने लोक संस्कृति पारम्परिक खेलों के प्रति आकर्षित हो सके इसके लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरुआत की गई है। युवाओं का आर्थिक बोझ कम करने के लिए प्रतियोगी परीक्षा पी .एस .सी. और व्यापम की परीक्षा माफ कर दी है ताकि अधिक से अधिक युवा अपना भविष्य संवार सके मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से युवाओं को रोजगार मिला है।
छत्तीसगढ़ शासन ने सार्थक पहल करते हुए युवाओं के लिए कक्षा 12 वीं के साथ आई टी आई की सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य के युवाओं को बेहतर से बेहतर शिक्षा के साथ उनका कौशल उन्नयन कर रोजगार से जोड़ना प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से वर्ष 2018 से लेकर 30 जून 2023 की स्थिति में 43 हजार 862 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें से 13 हजार 661 युवाओं को रोजगार उपलब्ध हुआ और 10 हजार 254 युवाओं ने स्व-रोजगार प्राप्त किया है। इसी तरह प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से 15 हजार प्रशिक्षित युवाओं में से 3854 को रोजगार मिला है।
राज्य के बहुत से विद्यार्थी, हायर सेकेंडरी तक शिक्षा प्राप्त करने के बाद कोई निश्चित उद्देश्य नहीं होने के कारण आगे की पढ़ाई छोड़ देते हैं और उनके पास कोई कौशल नहीं होने और उद्यमिता का कोई ज्ञान नहीं होने के कारण वह बेरोजगार बने रहते हैं। स्कूलों में दी जा रही औपचारिक शिक्षा के साथ राज्य की आईटीआई में दिए जा रहे व्यवसायिक प्रशिक्षण के एकीकरण और उन्हें मुख्यधारा में लाने का एक अभिनव शुरूआत की है। इसके तहत राज्य के हायर सेकेंडरी स्कूलों में 11वीं कक्षा में अध्ययनरत छात्र जो साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्राप्त करने के इच्छुक हैं, उनके लिए स्कूलों एवं आईटीआई समन्वय के माध्यम से उन्हें दोनों अर्थात स्कूली शिक्षा एवं अपनी रुचि का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने की योजना प्रारंभ की गई है।
इससे युवाओं को उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने और अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए विभिन्न कौशल प्राप्त करने में मदद मिलेगी। योजना के तहत उद्यमिता कौशल को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है। आई.टी.आई. की परीक्षा में सफल प्रशिक्षणार्थियों को माध्यमिक शिक्षा मण्डल छ.ग. के बारहवीं प्रमाण पत्र के साथ-साथ राज्य व्यवसायिक प्रशिक्षण परिषद द्वारा आई. टी. आई. का प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जा रहा है। वर्ष 2021 से 2023 के सत्र में स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ आईटीआई में प्रशिक्षण प्राप्त करने की योजना 116 विकास खंडों के 119 स्कूलों एवं आईटीआई में प्रारंभ की गई। जिसमें विद्यार्थियों ने आईटीआई के 10 ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
राज्य के सभी रीपा में जल्द ही बैंकिंग सुविधा उपलब्ध होगी
रीपा हितग्राहियों को बैंकिंग सुविधा होगी उपलब्ध
रायपुर/शौर्यपथ / नया रायपुर स्थित राज्य योजना आयोग के कार्यालय में आयोग के उपाध्यक्ष श्री अजय सिंह एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा ने नाबार्ड, अपेक्स एवं अग्रणी बैंकों की बैठक ली। बैठक में राज्य में स्थापित सभी 300 रीपा में बैंक की सुविधा उपलब्ध कराने की चर्चा की गई। जिससे रीपा के ग्रामीण व्यवसायियों, स्व-सहायता समूहों को रीपा ग्राम में ही बैंकिंग सुविधा, त्वरित ऋण प्राप्त हो सकें। वर्तमान में 70 रीपा में बैंक सुविधा ग्रामीणों को उपलब्ध है साथ ही अन्य रीपा में बैंक सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक में योजना आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास के संयुक्त सचिव डॉ. गौरव सिंह और योजना आयोग के संयुक्त संचालक डॉ नीतू गोरडिया एवं बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
आयोग के उपाध्यक्ष श्री सिंह ने कहा की रीपा में बैंक लिंकेज करवाना सिर्फ हितग्राहियों के लिए ही नहीं, बल्कि बैंकों के लिए भी लाभदायक होगा। श्री सिंह ने सुझाव दिया की बैंक अपने क्षेत्र के रीपा में जागरूकता शिविर लगवाकर बैंकिंग सुविधाओं की बारे में लोगों को जानकारी दें। साथ ही कहा कि पंचायत विभाग और बैंक प्रतिनिधि समन्वय करके आगे की कार्य योजना तैयार करें।
मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री शर्मा कहा की आज के गावों के युवा महत्वाकांक्षी हो गए हैं और अपना उद्योग शुरू करना चाहते हैं। जिसमें रीपा एक बड़ी भूमिका निभा रहा है।
बैठक में बैंकों को रीपा में चल रही गतिविधियों और हितग्राहियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी गयी। बैंको ने तत्काल रूप से रीपा में से ही हितग्राहियों को चयनित कर उनके साथ सीएससी, माइक्रो एटीएम और बैंक मित्र के द्वारा बैकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने बताया कि मोबाईल बैकिंग वैन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं दी जा सकती है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास के संयुक्त सचिव डॉ गौरव सिंह ने बैंक प्रतिनिधियों को अपने जिला में कार्यरत अधिकारियों के माध्यम से रीपा हितग्राहियों को बैंकिंग सुविधाओं के प्रति जागरूक करने एवं हितग्राहियों को ऋण आवेदन की प्रक्रिया में सहायता पहंुचाने के निर्देश दिए।
गौरतलब है रीपा-ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए गौठानों को महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) के रूप में विकसित करने के लिए बुनियादी अधोसंरचना, वर्कशेड आदि के विकास हेतु 300 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। राज्य में 300 महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) का निर्माण कराया गया है। रीपा के अंदर एक प्रशासनिक क्षेत्र का निर्माण किया गया है, जिसमें बैंकिंग सुविधा हेतु क्योस्क, इंटरनेट सुविधा हेतु वाईफाई कनेक्शन. राज्य शासन की योजनाओं की जानकारी हेतु हेल्पडेस्क का निर्माण किया गया है।
टीबी मुक्त पंचायत इनिशिएटिव्ह पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन
रायपुर/शौर्यपथ / स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा रीच इंडिया संस्था के सहयोग से टीबी मुक्त पंचायत इनिशिएटिव्ह पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कार्यशाला में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को गांवों में क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सेंसिटाइज किया गया। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति के तहत टीबी मुक्त पंचायत इनिशिएटिव्ह प्रारंभ किया गया है। प्रदेश के सभी जिलों के जिला क्षय अधिकारी, जिला कार्यक्रम समन्वयक/पीपीएम कोऑर्डिनेटर तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के जिला पंचायत के पंचायतीराज अधिकारी/समकक्ष अधिकारी कार्यशाला में शामिल हुए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. एस.के. पामभोई ने कहा कि क्षय रोग से मुक्ति के लिए ग्राम स्तर तक जाकर अभियान चलाना है। इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अहम भूमिका होगी। पूर्व में विभिन्न विभागों के समन्वय और सहयोग से पल्स पोलियो अभियान के माध्यम से भारत को पोलियो मुक्त किया गया है। इसी प्रकार एक बार फिर अभियान मोड में विभिन्न विभागों और नागरिकों के संयुक्त प्रयास से क्षय रोग को खत्म करना है। उन्होंने इस अभियान की सफलता के लिए कार्यशाला में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं।
राज्य क्षय अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र गहवई ने कार्यशाला में बताया कि वर्ष 2025 तक हमें हमारे सभी ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त करना है। इसके लिए ग्राम स्तर पर योजना तैयार कर कार्य करने की आवश्यकता है। इस पर मंथन के लिए आज इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। आपस में विचार-विमर्श कर आज हम अपने-अपने जिलों के ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त करने के लिए एक रोडमैप तैयार करेंगे। टीबी मुक्त पंचायत इनिशिएटिव्ह के अंतर्गत टीबी के उन्मूलन के लिए ग्राम पंचायतों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना लाना है ।
टीबी मुक्त पंचायत इनिशिएटिव्ह के तहत ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के लिए निर्धारित विभिन्न मापदंडों को पूर्ण करते हुए प्रत्येक वर्ष जनवरी माह में टीबी मुक्त पंचायत का दावा करना होगा। जिला स्तरीय दल द्वारा दावे का सत्यापन कर संबंधित ग्राम पंचायतों को 24 मार्च को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया जाएगा। ऐसे ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। कार्यशाला में कुछ जिलों ने अपने जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए ग्राम स्तर तक की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत किया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के क्षेत्रीय प्रमुख डॉ. क्षितिज खापर्डे, रीच इंडिया के वरिष्ठ सलाहकार श्री सुब्रत मोहंती और यूएस-एड की सुश्री अमृता गोस्वामी भी कार्यशाला में उपस्थित थीं।
नगरीय प्रशासन मंत्री ने ली अधिकारियों की बैठक
निर्माण कार्यों की प्रगति से असंतुष्ट आरईएस और डीईओ को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश
रायपुर/शौर्यपथ / नगरीय प्रशासन एवं श्रम तथा कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष कोरबा में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्माण से संबंधित कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। मंत्री डॉ डहरिया ने निर्माण कार्यों में लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी। उन्होंने जिले में स्कूलों से सम्बंधित कार्यों में प्रगति नहीं दिखने पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता श्री एंटोनी तिर्की और जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी पी भारद्वाज को शो-काज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान उन्होंने विभागवार योजनाओं की समीक्षा की।
समीक्षा बैठक में मंत्री डॉ डहरिया ने नगरीय प्रशासन अंतर्गत अधोसंरचना, प्रधानमंत्री आवास, मोबाइल मेडिकल यूनिट, राजीव आश्रय आवास की जानकारी ली। उन्होंने नगर निगम आयुक्त को निर्देशित किया कि अधोसंरचना अंतर्गत कार्यों को शीघ्र पूरा करें। उन्होंने निगम अंतर्गत खम्बे और लाइट, सामुदायिक भवन, दुकान निर्माण तथा जमीन आबंटन और आधिपत्य, डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, सफाई व्यवस्था, पेयजल, ओडीएफ की समीक्षा की। मंत्री डॉ. डहरिया ने 15वें वित्त अंतर्गत उपलब्ध राशि और प्रस्तुत प्रस्ताव को स्वीकृति के निर्देश दिए। उन्होंने श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं, संगठित और असंगठित कर्मकारों के संचालित योजनाओं की समीक्षा की और सहायक श्रमायुक्त को निर्देशित किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जरूरतमंद हितग्राहियों तक पहुँचा कर उन्हें लाभान्वित करें। उन्होंने पंजीयन की स्थिति और मोबाइल नम्बर दर्ज करने में आ रही समस्याओं को भी निराकरण के निर्देश दिए।
निर्माण कार्यों का सतत निरीक्षण करें अधिकारी
मंत्री डॉ. डहरिया ने जिले में शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों में शिक्षकों की जानकारी ली और निर्देशित किया कि विद्यार्थियों के दर्ज संख्या के आधार पर पर्याप्त शिक्षक हो, यह सुनिश्चित किया जाए। आदिवासी क्षेत्र में शिक्षक की कमी को पूरा करने के साथ अध्यापन व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित हो। उन्होंने स्कूल सहित अन्य संस्थाओं के छोटे-छोटे निर्माण कार्यों की प्रगति के लिए निरंतर निरीक्षण के निर्देश देते हुए समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। मंत्री ने लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी अंतर्गत जल जीवन मिशन के कार्यों की भी समीक्षा की और घरों तक पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्य पूर्ण होने के पश्चात भी पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाने वाले स्थानों पर जाँच के निर्देश दिए। मंत्री ने जिले में खाद्य विभाग अंतर्गत राशनकार्ड, उपलब्ध खाद्यान्न, राजस्व विभाग अंतर्गत लंबित प्रकरणों, वन अधिकार पट्टे के वितरण की समीक्षा की और समय पर पूर्ण करने के साथ आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में राजस्व, आपदा प्रबंधन, पंजीयन,पुनर्वास एवं स्टाम्प(वाणिज्यिक कर) मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, विधायक पाली तानाखार श्री मोहित राम, रामपुर विधायक श्री ननकीराम कँवर, महापौर श्री राजकिशोर प्रसाद, कलेक्टर श्री सौरभ कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री उदय किरण, डीएफओ श्री अरविंद पीएम, निशांत कुमार, निगम आयुक्त प्रतिष्ठा ममगाई, सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
कोरिया की बहनें स्नेह के डोर बनाने में जुटी
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सरकार में आते ही ग्रामीणों, किसानों, आदिवासियों, महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों की बेहतरी के अनेक योजनाएं शुरू की है। ग्रामीणों को रोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) लगातार स्थापना की जा रही है। रीपा में स्थानीय स्तर पर काम मिलने से बड़ी संख्या मंे महिलाएं भी इससे उत्सुकता के साथ जुड़ रही है और आर्थिक रूप से उन्हें संबल मिला है।
कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर जनपद के ग्राम मझगवां में स्थापित महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) में कार्यरत महिलाएं इस बार भी राखी बनाने में जुटी हैं। रीपा में तैयार स्नेह की यह डोर भाइयों के कलाई में सजेगी। स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा इस बार करीब 8 हजार राखियां तैयार की जा रही हैं। समूह से तैयार राखियों को स्थानीय व्यापारियों द्वारा हाथों-हाथ खरीद लिया जाता है और इस बिक्री से प्राप्त राशि को महिलाएं आपस में बांट लेती है। महिला एवं बाल विकास विभाग, कोरिया के लिए भी समूह की महिलाएं एक हजार राखियां तैयार कर रही है।
राखी तैयार कर रही सविता राजवाड़े, साधना, पुष्पावती, अनुरोधा सहित समूह के सदस्यों ने बताया कि बहुत ही शिद्दत के साथ वे राखियां तैयार कर रही हैं। सविता बताती है कि कोरोना के कारण वर्ष 2021 में राखियां तैयार नहीं की गई थी लेकिन विगत वर्ष से पुनः राखियां बनाई जा रही है। स्थानीय व्यापारियों द्वारा हमारे तैयार राखियां को बहुत पंसद किया जाता है, मांग को देखते हुए हमने पिछले 15 दिनों से राखी बनाने का काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही मझगवां स्थित रीपा केन्द्र में महिलाएं मनिहारी समान भी तैयार कर रही है जो ग्रामीण महिलाओं को खासा पसंद आ रहा है।
विदित हो कि ग्राम मझगवां स्थित रीपा में पेपर कप मेकिंग, बोरी बैग स्टिचिंग व प्रिंटिंग, गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण यूनिट लगा हुआ है। इस यूनिट में करीब पांच महिला स्व-सहायता समूह की 50 से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। रीपा ने रोजगार के साथ परिवार को आर्थिक सम्बल देने का काम किया है।
वनमंडल कोरिया में वन विभाग टीम ने रात्रि गश्त के दौरान की कार्यवाही
रायपुर/शौर्यपथ /वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के निर्देश पर वन विभाग द्वारा लकड़ियों के अवैध परिवहन और कटाई पर निरंतर कार्यवाही की जा रही है। कोरिया वन मंडल की टीम द्वारा अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे लगभग 69 हजार अनुमानित मूल्य लागत के 11 नग सागौन लकड़ी का लट्ठा और एक पिकअप वाहन केे जप्ती की कार्यवाही की गई।
पीसीसीएफ श्री श्रीनिवास राव तथा वनमण्डलाधिकारी कोरिया सुश्री प्रभाकर खलखो के निर्देश पर वन विभाग के संयुक्त दल ने रात्रि गश्त के दौरान वनमंडल कोरिया के परिक्षत्र बैकुठपुर परिसर सलवा अंतर्गत अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे लगभग 69 हजार रूपए के 11 नग सागौन के लट्ठे और पिकअप वाहन को जप्त किया। कार्यवाही के दौरान वन विभाग की टीम ने सागौन वृक्षारोपण में अवैध कटाई कर पिकअप क्रमांक - सीजी 15 जेडबी 0129 में लोड अवैध 11 नग सागौन लकड़ी जप्त किया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की कार्यवाही की जा रही है।
12वीं के पढ़ाई के साथ युवा अपनी मनपसंद ट्रेड में करेंगेे आटीआई
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ शासन द्वारा युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए नित नए प्रयास कर रहा है। बेहतर शिक्षा के साथ उनका कौशल उन्नयन किया जा रहा है प्रदेश के युवाओं को रोजगार से भी जोड़ा जा रहा है। प्रशासन युवाओं की ऊर्जा को राजीव युवा मितान क्लब के माध्यम से सकारात्मक दिशा दिया जा रहा है। युवा अपने लोक संस्कृति पारम्परिक खेलों के प्रति आकर्षित हो सके इसके लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरुआत की गई है। युवाओं का आर्थिक बोझ कम करने के लिए प्रतियोगी परीक्षा पी .एस .सी. और व्यापम की परीक्षा माफ कर दी है ताकि अधिक से अधिक युवा अपना भविष्य संवार सके मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से युवाओं को रोजगार मिला है।
छत्तीसगढ़ शासन ने सार्थक पहल करते हुए युवाओं के लिए कक्षा 12 वीं के साथ आई टी आई की सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य के युवाओं को बेहतर से बेहतर शिक्षा के साथ उनका कौशल उन्नयन कर रोजगार से जोड़ना प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से वर्ष 2018 से लेकर 30 जून 2023 की स्थिति में 43 हजार 862 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें से 13 हजार 661 युवाओं को रोजगार उपलब्ध हुआ और 10 हजार 254 युवाओं ने स्व-रोजगार प्राप्त किया है। इसी तरह प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से 15 हजार प्रशिक्षित युवाओं में से 3854 को रोजगार मिला है।
राज्य के बहुत से विद्यार्थी, हायर सेकेंडरी तक शिक्षा प्राप्त करने के बाद कोई निश्चित उद्देश्य नहीं होने के कारण आगे की पढ़ाई छोड़ देते हैं और उनके पास कोई कौशल नहीं होने और उद्यमिता का कोई ज्ञान नहीं होने के कारण वह बेरोजगार बने रहते हैं। स्कूलों में दी जा रही औपचारिक शिक्षा के साथ राज्य की आईटीआई में दिए जा रहे व्यवसायिक प्रशिक्षण के एकीकरण और उन्हें मुख्यधारा में लाने का एक अभिनव शुरूआत की है। इसके तहत राज्य के हायर सेकेंडरी स्कूलों में 11वीं कक्षा में अध्ययनरत छात्र जो साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्राप्त करने के इच्छुक हैं, उनके लिए स्कूलों एवं आईटीआई समन्वय के माध्यम से उन्हें दोनों अर्थात स्कूली शिक्षा एवं अपनी रुचि का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने की योजना प्रारंभ की गई है।
इससे युवाओं को उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने और अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए विभिन्न कौशल प्राप्त करने में मदद मिलेगी। योजना के तहत उद्यमिता कौशल को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है। आई.टी.आई. की परीक्षा में सफल प्रशिक्षणार्थियों को माध्यमिक शिक्षा मण्डल छ.ग. के बारहवीं प्रमाण पत्र के साथ-साथ राज्य व्यवसायिक प्रशिक्षण परिषद द्वारा आई. टी. आई. का प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जा रहा है। वर्ष 2021 से 2023 के सत्र में स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ आईटीआई में प्रशिक्षण प्राप्त करने की योजना 116 विकास खंडों के 119 स्कूलों एवं आईटीआई में प्रारंभ की गई। जिसमें विद्यार्थियों ने आईटीआई के 10 ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
