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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
रायपुर / शौर्यपथ / खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अमरजीत भगत ने अम्बिकापुर स्थित शासकीय जिला ग्रंथालय में आज छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंड़ल द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले सरगुजा संभाग के विद्यार्थियों को लैपटॉप, टेबलेट और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर प्रोत्सहित किया।
मंत्री भगत ने कहा कि मेहनत और लगन से किया गया कार्य हमेशा सफलता दिलाता है। मेहनती बच्चे आगे बढ़ते हुए मुकाम हासिल कर लेते हैं। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए खूब मन लगाकर पढ़ने कहा।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों टेबलेट और कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को लैपटाप के साथ ही सभी 6 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इनमें सीतापुर की कक्षा 12वी की छात्रा कुमारी परीक्षा गुप्ता को लैपटॉप, कक्षा 10वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले सूरजपुर की छात्र-छात्राएं आशादीप इकबाल, कुलदीप सिंह, कुमारी उमेश्री राजवाड़े, कोरिया की सुष्मिता पाल और बलरामपुर के प्रशांत तिवारी को टेबलेट और प्रावीण्य सूची में शामिल इन सभी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में 50 वर्ष से अधिक उम्र के 4 वरिष्ठ अधिवक्ताओं को शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खाद्य आयोग के अध्यक्ष गुरप्रीत बाबरा, जिला शिक्षा अधिकारी आईपी गुप्ता, सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक डॉ. संजय सिंह, ग्रंथपाल मुकेश कुमार दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि अधिकारी और छात्र उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ सरकार की हाॅफ बिजली योजना से अब तक प्रदेश के 38.68 लाख से अधिक परिवारों को 1645 करोड़ रूपए की मिली सब्सिडी
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सरकार की हाफ बिजली बिल योजना से प्रदेश के लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई के दौर में लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिली है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 38 लाख 68 हजार 462 बिजली उपभोक्ताओं को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 1645 करोड़ रुपए की घरेलू सब्सिडी दी गई है, या यह कह सकते है कि सीधे-सीधे लोगों की जेब में 1645 करोड़ रूपए की बचत हुई है।
गौरतलब है कि देश के बिजली हब छत्तीसगढ़ में किसानों, गरीब परिवारों को रियायती दरों पर बिजली आपूर्ति की अनेक योजनाएं संचालित की जाती रही हैं। मार्च 2019 में नई सरकार द्वारा पहली बार घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी नई योजना शुरु की गई। हाफ बिजली बिल योजना के नाम से शुरु की गई इस योजना में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के 400 यूनिट तक के बिल में आधे बिल की राशि में छूट दी गयी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ में 1 मार्च 2019 से प्रारंभ की गई हाफ बिजली बिल योजना में घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 400 यूनिट तक की बिजली खपत पर प्रभावशील टैरिफ पर 50 प्रतिशत की छूट की पात्रता है। इस छूट के समतुल्य राशि राज्य शासन द्वारा विद्युत वितरण कंपनी को अनुदान के रूप में दी जाती है। वर्ष 2020-21 में जनवरी 2021 की स्थिति में राज्य शासन द्वारा 658 करोड़ रुपए की राशि इस योजना के लिए जारी की गई है। हाॅफ बिजली बिल योजना में मार्च 2019 से अब तक की स्थिति में कुल 38 लाख 68 हजार 462 उपभोक्ता इस योजना का लाभ ले चुके हैं। मार्च 2019 से अब तक छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 1645 करोड़ रुपए की घरेलू सब्सिडी घरेलू उपभोक्ताओं को दी गई है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में दिसंबर 2018 में गठित नई सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं की समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ महसूस किया और ‘सबका साथ-सबका विकास’ की नीति पर अमल करते हुए राज्य के सभी घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए 01 मार्च 2019 से ‘हाफ बिजली बिल योजना’ लागू की और अपना एक बड़ा वादा पूरा किया। ‘हाफ बिजली बिल योजना’ प्रदेश के लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए अप्रत्याशित और सुखद बदलाव की योजना साबित हो रही है। प्रदेश के लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं ने कभी ऐसी योजना की कल्पना भी नहीं की थी। योजना ने इस वर्ग के लोगों को बड़ी राहत प्रदान की है। उनके घरों का हजार रुपए का बिजली बिल कुछ सैकड़ों में सिमट गया। अब इन उपभोक्ताओं के लिए अपने घर का बिजली बिल पटाने में होने वाला खर्च आधा हो गया है, बचत राशि का उपयोग अब वे अन्य कार्यों में कर सकंेगे।
रायपुर / शौर्यपथ / किसी भी देश की प्रगति का जिम्मा उनकी युवाओं पर होता है। युवाओं की सोच नई होती है। वे नई तकनीक ईजाद करते हैं। उनमें इतना उत्साह होता है जो किसी भी कार्य को आसानी से परिणाम तक पहुंचा सकते हैं। यह बात राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय युवा शक्ति परिवार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय युवा चेतना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।
राज्यपाल ने कहा कि देश के युवा जिन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कोरोनाकाल में समाज सेवा का कार्य किया उन्हें आज सम्मानित किया गया और उन सभी को मेरी ओर से शुभकामनाएं। राज्यपाल ने कहा कि पूरे देश में संस्था का यूथ विंग काम कर रहा है, उन्हें सम्मानित करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि मैं जब सामाजिक संस्था से जुड़ी तब मुझमे समाज सेवा करने की इच्छा जागी। लोगों की सेवा से मुझे बड़ा आनंद मिलता था । जब यह लोग बोलते हैं कि वह व्यक्ति अच्छा है तो हमें बहुत संतोष होता है। राज्यपाल ने कहा कि आपकी संस्था महिलाओं के लिए भी कार्य किया है और शोषित और पीड़ितों की मदद की है, इसके लिए मैं संस्था को धन्यवाद देती हूं।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का आह्वान किया है। इसका अर्थ हर क्षेत्र में हमारे देश को आत्मनिर्भर बनाना है। स्टार्टअप इंडिया योजना के तहत युवा स्वयं किसी प्रोजेक्ट पर काम कर नवाचार कर सकते हैं। हम नई सोच के साथ कार्य करें, जिससे हमारा देश आत्मनिर्भर हों, साथ ही दूसरे देशों को भी निर्यात कर सकें।
राज्यपाल ने कहा कि किसी भी देश के युवा वहां के भविष्य होते हैं। उन्हीं के हाथों में देश की उन्नति की बागडोर होती है। देश में पिछले कुछ समय से कुछ चुनौतियां सामने आ रही हैं। कुछ ऐसे तत्व हैं जो जो युवाओं को दिग्भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं और उनकी ऊर्जा को नकारात्मक कार्यों में ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। मेरा आग्रह है कि युवा ऐसे तत्वों से सचेत रहें और अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में ही लगाएं। उन्होंने युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि युवा न केवल सामाजिक बुराईयों और देश की कमजोरियों के प्रति सचेत एवं जागरूक बनें बल्कि अपनी शक्ति और परिश्रम से देश को नई दिशा दें। राज्यपाल ने इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के संस्कृति मंत्री श्री मदन कौशिक भी वर्चुअल रूप में उपस्थित थे।
बिलासपुर / शौर्यपथ / नेशनल हाईवे 130 विकास की आड़ में आम जनजीवन को ध्वस्त करता हुआ आगे बढ़ रहा है। करोड़ों का ठेका लेने वाली कंपनी के पास पानी छिड़काव की मशीन बदलने तक का पैसा नहीं है । इन दिनों हाईवे का यह काम रतनपुर की आगे की ओर चल रहा है कंपनी के पास रोज बिना सूचना दिए पहाड़ को ध्वस्त करने के लिए पूंजी उपलब्ध है किंतु उसी पहाड़ पर क्रेशर से उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए पानी छिड़कने वाली मशीन बदलने का पैसा नहीं है। काम लेते समय कंपनी सरकार के साथ जिस एमओयू को साइन करती है उसमें स्पष्ट लिखा होता है कि सर्विस रोड पर और क्रेशर के आसपास पानी का छिड़काव नियमित किया जाएगा जब कभी भी कोई व्हीआईपी यहां से निकलता है तब तो छिड़काव कर दिया जाता है शेष दिनों पर यह स्थाई जुमला है की मशीन खराब है । इस मामले में सक्षम अधिकारी कुछ भी कहने से कतराते नजर आते हैं। गौरतलब है कि 130 नेशनल हाईवे की मूल कंपनी अदानी ग्रुप है।
बिलासपुर / शौर्यपथ / केंद्र सरकार ने फरवरी माह के प्रथम दिन ही अनलॉक की चौथी प्रक्रिया शुरू कर दी इसके बावजूद बिलासपुर के कुछ सरकारी कार्यालय आज भी लॉक डाउन का गाइडलाइन उपयोग कर रहे हैं असल में यह अधिकारी अब प्रश्नों से बचने के लिए लॉकडाउन और कोविड संक्रमण की आड़ ले रहे हैं ऐसे ही विभागों में शामिल है बिलासपुर जिला आबकारी कार्यालय पूर्व में इस दफ्तर का दरवाजा खुला रहता था किंतु अब सब कुछ सामान्य हो जाने के बाद भी दरवाजे पर ही कोविड संक्रमण का बोर्ड टंगा है नागरिक जब कभी भी इस कार्यालय में पहुंचते हैं तो उन से बाहर रहने को कहा जाता है कार्यालय के भीतर जानबूझकर पुरानी सरकारी फाइलों को इस बेहतरकी होकर डंप कर दिया गया है कि कोई भी उसी स्थान पर खड़ा नहीं हो सकता कार्यालय में उपस्थित स्टॉप तीखे और अवहेलना भरे स्वर में बार-बार बाहर जाने का आदेश देता रहता है वैसे भी आबकारी विभाग के कार्यालय में आम नागरिकों का कोई काम नहीं है फिर भी ऐसा दफ्तर बिलासपुर में अन्य जगह दिखाई नहीं देता।
बिलासपुर / शौर्यपथ / खनिज के उत्खनन के बाद उसे गंतव्य तक पहुंचाने के पहले डिपो में रखा जाता है। इस काम के लिए बकायदा अनुमति की आवश्यकता होती है सबसे अधिक डिपो कोयले के लिए उपयोग किए जाते हैं। हाल ही में कलेक्टर बिलासपुर ने एक साथ 20 कोल डिपो का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। असल में यह वे कोल डिपो हैं जिनके लिए व्यक्तियों ने लाइसेंस तो ले ली है किंतु खनिज कार्यालय के साथ अनुबंध नहीं कर रहे थे। एक से अधिक बार जिला खनिज अधिकारी ने दस्तावेज के साथ उपस्थित होकर अनुबंध के लिए सूचना दी किंतु कोल डिपो आवेदक नहीं आए अंत में 15 दिन का समय देते हुए कलेक्टर बिलासपुर ने इन सभी कोल डिपो का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। अब देखने लायक तथ्य यह है कि निरस्त किए गए कोल डिपो के निरीक्षण का काम कब से होगा क्योंकि इनमें से कुछ प्रभावशाली लोगों के कोल डिपो लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद भी काम कर रहे हैं ऐसे में अवैध कोल डिपो पर रखा हुआ खनिज राज्य शासन के द्वारा सील किया जाना चाहिए।
नवागढ़ / शौर्यपथ / भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश संगठन महामंत्री की सहमति से पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सोनी द्वारा कार्यकारणी को घोषणा शनिवार को की गई। जिसमें बेमेतरा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जोशी की अनुशंसा पर नवागढ़ विधानसभा के होरिलाल सिन्हा को प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नियुक्त किया गया। इनकी नियुक्ति की घोषणा होते ही नवागढ़ के कार्यकर्ताओं में जमकर उत्साह नज़र आया, सभी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी खुशी का इज़हार किया।
उल्लेखनीय है को होरिलाल पुर्व में जनपद पंचायत बेमेतरा सदस्य रह चुके है। नवागढ़ विधानसभा के खण्डसरा मण्डल में इनकी अच्छी खासी पकड़ मानी जाती है।पिछले 2 वर्षों से वे लगातार उस क्षेत्र में सक्रिय है औऱ पार्टी के प्रत्येक कार्यक्रम का संचालन कर रहे है।सदस्यता अभियान, सेवा सप्ताह, कोरोना महामारी में सेवाकार्य, पीएम राहत कोष के लिए निधि संग्रह एवं राम मंदिर निर्माण निधि समर्पण अभियान में इन्होंने पूरी निष्ठा से कार्य किया है, जिसके परिणामस्वरूप पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी इन्हें सौंपी है।
होरिलाल सिन्हा ने कहा कि मैं जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जोशी एवं जिला महामंत्री विकास धर दीवान के आभारी है जिन्होंने उन्हें इस दायित्व के काबिल समझा। मैं निश्चित रूप से पार्टी द्वारा दिये प्रत्येक आदेश पर कार्य करूंगा, और पिछड़ा वर्ग मोर्चा को मजबूत करने लिए समर्पित हूँ।
इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय तिवारी, जिला उपाध्यक्ष फिरतु राम साहु, जिला मंत्री सुरेंद्र सिंह ठाकुर, जिला मंत्री रीना साहू, शरद जोशी,दीपक तिवारी,राजेश दत्त दुबे,कुंज बिहारी, छन्नू गुप्ता, एससी मोर्चा प्रदेश महामंत्री दयावंत धर बांधे, एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष देवादास चतुर्वेदी, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष बबलू राजपूत, अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिलाध्यक्ष महावीर ध्रुव, नवागढ़ मण्डल अध्यक्ष चन्द्रपाल साहू, नरेंद्र शर्मा, डॉ. जगजीवन खरे, मधु रॉय, गिरेन्द्र महिलांग,दुर्गा सोनी, सुभाष सोनी,महामंत्री मिन्टू बिसेन व सुरेश साहू, चैन साहू, युवराज़ ठाकुर, रोहित साहू, रामसागर साहू, उमेश ध्रुव, मोहन बघेल, दिलीप नवरंग, महेश टण्डन, अमिता बघेल, तनु दीवान, टीकम पूरी गोस्वामी, रुम्पल टुटेजा, रमेश निषाद, गोलू सिन्हा, मनीष श्रीवास , सुरेश निषाद आदि ने हर्ष जताया।
दुर्ग / शौर्यपथ / शनिवार को छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद की बैठक हाउसिंग बोर्ड में आयोजित की गई। इस बैठक में छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद की युवा विंग का गठन किया गया। जिसमें पीयूष सिंह को अध्यक्ष, राकेश शर्मा को उपाध्यक्ष, सुमित बैठक को महासचिव, तथा रितेश तिवारी- विवेक शर्मा को सचिव पद की अहम जिम्मेदारी दी गई। छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद के प्रांत अध्यक्ष प्रभुनाथ बैठा ने भोजपुरी परिषद के गठन से लेकर अभी तक किए गए समाजहित में कार्यों को उपस्थित जनों से साझा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद का गठन हुए 20 साल हो गए हैं, परिषद ने समाजहित में लगातार काम किए, उत्तर भारतीयों के लिए ट्रेन चलाने से, आस्था के महापर्व छठ पर शासकीय छुट्टी घोषित करवाने से लेकर अनेकों कार्य किए। अब यह कार्य वरिष्ठओं के मार्गदर्शन में हमारे युवा विंग के सदस्य करेंगे।
बैठा ने कहा कि संगठन में बहुत ताकत होती है, हमारे युवा विंग संगठन को मजबूत करें और लोगों को अधिक से अधिक जोड़ें और इमानदारी से ही संगठन को चलाएं, जैसा की अभी तक चलते आया है 20 सालों से हम सब ने मिलकर इस संगठन को समाजहित और देशहित में काम करने के लिए चलाया हैं। अब युवा भी आगे आए और इस संगठन को आगे ले जाए। युवा जोश और बुजुर्गों का होश की बहुत जरूरत होती है। अब इस परिषद से जल्द ही महिलविंग को भी जोड़ा जाएगा, जब युवा,बुजुर्ग और नारी शक्ति तीनो मिलकर काम करेंगे तब समाज का चहुमुखी विकास होना तय है।
मीडिया प्रभारी रमेश भगत ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद के प्रांत अध्यक्ष प्रभुनाथ बैठा ने समाज को एक करने के लिए बहुत ही चिंतित रहते थे उनसे हमेशा मेरी चर्चा होते रहती थी, कभी वह निराश तो कभी हताश रहते थे कि समाज में जातिवाद हावी हो रहा है। तब मैं इन्हें कहता था कि समय के साथ सब ठीक हो जाएंगे और उन्होंने लगातार समाजहित में काम किया। अब युवा आगे आये हैं , युवाओं को उसने जोश के साथ साथ होश दोनों जरूरी है।
मनोज सिंह ठाकुर ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर भारत के लोग बहुत ही मिलनसार और शांत स्वभाव के होते हैं और उनकी पहचान देश दुनिया में होती है। आस्था का महापर्व छठ जिसे सिर्फ भारत ही नहीं विदेशों में भी जहां उत्तर भारत के लोग रहते हुए बड़े धूमधाम से मनाते हैं। एजुकेशन के क्षेत्र में भी उत्तर भारत हमेशा अग्रणी रहा है और देश का प्रतिनिधित्व करता रहा है।कार्यक्रम उपरांत उपस्थित जनों के लिए लजीज व्यंजन का आयोजन भी किया गया था। जिसे सभी ने ग्रहण किया। आगामी शनिवार 13 फरवरी को परिषद द्वारा सुप्रसिद्ध भोजपुरी व्यंजन लिट्टी-चोखा का आयोजन समिति के द्वारा किया गया है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से निशीकांत शर्मा, सुभाष शर्मा, प्रवीण शर्मा, मोतीलाल बैठा, शमशीर सिवानी, मृत्युंजय भगत, सीता सिंह अरविंद शर्मा, योगेश वर्मा सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / सदी के सर्वश्रेष्ठ व्यंग्य संचयन में देश और विदेशों के व्यंग्यकारों की 251 रचनाओं का चयन अंतरारष्ट्रीय स्तर की एक प्रतियोगिता के जरिए किया गया है। इसमें छत्तीसगढ़ से 12 रचनाकार चुने गए हैं। व्यंग्यकार डॉ लालित्य ललित व डॉ राजेश कुमार ने यह व्यंग्य संचयन तैयार किया है। इसमें छत्तीसगढ़ से शामिल रचनाकारों में मुख्य रूप से अख्तर अली,कुबेर,गुलबीर सिंह भाटिया, भरत चंदानी, मिजऱ्ा हफीज़ बेग,रतन जैसवानी,राजशेखर चौबे,विनोद साव,वीरेन्द्र सरल,सुशील यादव,के.पी. सक्सेना 'दूसरेÓ और सौरभ जैन शामिल हैं।
इंडिया नेटबुक्स के निदेशक डॉ संजीव कुमार ने बताया कि इस संकलन को तैयार करने के दौरान मॉरीशस में स्थित विश्व हिंदी सचिवालय ने विश्व को पाँच हिस्सों में बाँटकर अंतरराष्ट्रीय व्यंग्य लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया और उन विजेताओं में से सभी प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले व्यंग्यकारों तथा और भी अन्य विजेताओं की रचनाएँ प्राप्त करके इस संकलन में शामिल की गई हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयनित रचनाकारों में कुसुम नैपसिक (अमेरिका), मधु कुमारी चौरसिया (युनाइटेड किंगडम), वीणा सिन्हा (नेपाल), चांदनी रामधनी 'लवनाÓ (मॉरीशस), राकेश शर्मा (भारत) जिन्होंने प्रथम पुरस्कार जीते, और आस्था नवल (अमेरिका), धर्मपाल महेंद्र जैन (कनाडा), रोहित कुमार 'हैप्पी' (न्यू ज़ीलैंड), रीता कौशल (ऑस्ट्रेलिया) ने अन्य पुरस्कार हासिल किए। इनके अलावा विदेशों से शामिल होने वाले व्यंग्यकार में तेजेन्द्र शर्मा (युनाइटेड किंगडम), प्रीता व्यास (न्यूज़ीलैंड), स्नेहा देव (दुबई), शैलजा सक्सेना, समीर लाल 'समीर', हरि कादियानी (कनाडा) और हरिहर झा (ऑस्ट्रेलिया) शामिल हैं। डॉ लालित्य ललित ने जानकारी दी कि भारत से इस संकलन में 19 राज्यों और केंद्र प्रशासित प्रदेशों के व्यंग्यकारों ने शिरकत की है। इनमें से सबसे अधिक व्यंग्य के पुरोधा हरिशंकर परसाई के राज्य मध्य प्रदेश से 66 फिर उत्तर प्रदेश से 39, नई दिल्ली से 31, राजस्थान से 32,महाराष्ट्र से 18, छत्तीसगढ़ से 12, हिमाचल प्रदेश से 9, बिहार से 6, हरियाणा,झारखंड, कर्नाटक व उत्तराखंड से प्रत्येक से 4, चंडीगढ़ से 3, पंजाब, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना से प्रत्येक से 2 और तमिलनाडु ,गोवा और जम्मू व काश्मीर मेें प्रत्येक से एक हैं। डॉ संजीव कुमार ने बताया कि संचयन चंद दिनों में प्रकाशित होकर पाठकों के सम्मुख होगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / वन मंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर एवंअभय कुमार पांडे उप वनमंडलाधिकारी दुर्ग को मिली गुप्त सूचना के आधार पर सर्च वारंट पर जारी कर सुयश धर दीवान, वन परीक्षेत्र अधिकारी दुर्ग के नेतृत्व में विभागीय अमला को ग्राहक बनाकर दिक्षित कॉलोनी 5/25 कोसा नाला भिलाई मौके पर भेजा गया जहां वन विभाग को बड़ी उपलब्धि मिली। विभागीय अमले को धमेंद्र गुप्ता आत्मज अमर प्रसाद गुप्ता के निवास स्थल से 4 नग करण तोता जो लगभग 2 से 3 सप्ताह का होगा को मौका स्थल पर पाया गया, जिसे जप्त कर प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 02, 09, 39, 51 के तहत कार्यवाही करते हुए वन अपराध दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियुक्त को न्यायालय द्वारा 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है एवं वन विभाग दुर्ग द्वारा 04 नग करण तोता को भिलाई स्थित मैत्री बाग प्रबंधक का सौंप दिया गया।
तोता बेचना और पालना पराध है- धम्मशील गणवीर द्वारा बताया गया कि तोता एवं अन्य पक्षियों को घर में पालना वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 का उल्लंघन है जिसे अभियुक्त को 3 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। उक्त कार्रवाई में विभागीय अमला कलीमउल्ला स.प. दुर्ग, संजय ब्रम्हभट्ट, वनपाल, विक्रम सिंह ठाकुर वनपाल व एन रामा राव, वनसंरक्षक, रोशन तिवारी वनसंरक्षक एवं चुरामन राम, साहू वाहन चालक व जुगल किशोर निर्मलकर वाहन चालक की सक्रीय भूमिका रही।
दुर्ग / शौर्यपथ / दो दशक से अधूरे भिलाई-3 के मिनी स्टेडियम को भिलाई-चरोदा निगम द्वारा पूरा कराने के हाल के दिनों में प्रदर्शित की गई इरादे को झटका लगा है। स्टेडियम निर्माण में बाधा बनी कुंदरा पारा के लोगों को कब्जा छोडऩे के लिए मंत्री गुरु रुद्रकुमार का मनाने का प्रयास असफल रहा। रहवासियों ने प्रधानमंत्री आवास के बजाए बस्ती के नजदीक खाली पड़ी जमीन पर व्यवस्थापन करने की मांग मंत्री के समक्ष रखी है।
भिलाई-3 के मिनी स्टेडियम को पूर्णता देने की योजना एक बार फिर उलझता दिख रहा है। वर्ष 1998 में तात्कालीन साडा द्वारा इस मिनी स्टेडियम का निर्माण शुरु किया गया था। लेकिन आज तक इसे पूर्णता नहीं मिल सकी है। इसके लिए यहां की कुंदरा पारा बस्ती को जिम्मेदार माना जाता रहा है। हाल ही में झुग्गी मुक्त शहर की परिकल्पना को साकार देने के लिए नगर निगम ने उमदा में बने प्रधानमंत्री आवास में कुंदरापारा बस्ती के रहवासियों को बसाने की योजना तैयार की। इसी योजना को क्रियान्वयन करने स्थानीय विधायक व मंत्री गुरु रुद्रकुमार कुंदरापारा आये और बस्ती वालों को प्रधानमंत्री आवास में जाने का आग्रह किया। लेकिन लोग नहीं माने। बस्ती वालों ने मंत्री गुरु के समक्ष अपनी शर्ते रख दी, जिससे मिनी स्टेडियम को हाल फिलहाल पूर्णता मिलने पर संदेह उभर आया है। कुंदरापारा के लोगों ने मंत्री गुरु से कहा कि उनके जीविकोपार्जन की निर्भरता बस्ती के आसपास रही है। उमदा के प्रधानमंत्री आवास में जाने से यहां के लोगों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी।
बेहतर होगा कि मिनी स्टेडियम का दायरा सीमित कर दिया जाए। मिनी स्टेडियम के दायरे के छोटा करने से कुछ लोगों का आशियाना बच जाएगा और जिनके मकान तोड़े जाएंगे उन्हें राम मंदिर के बाजू में खाली पड़ी जमीन पर व्यवस्थापन किया जाए। बताया जाता है कि बस्ती वालों की शर्तों को सुन मंत्री गुरु रुद्र कुमार ने बीच का रास्ता निकालने एक प्रतिनिधि मंडल को अपने राजधानी स्थित कार्यालय में आमंत्रित किया है। मंत्री के कुंदरापारा के लोगों के साथ हई चर्चा के दौरान निगम आयुक्त कीर्तिमान सिंह राठौर, सभापति विजय जैन, वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रकाश लोहाणा, सुजीत बघेल, एलबी वर्मा भी मौजूद थे।
वर्तमान मुख्यमंत्री ने किया था प्रयास
भिलाई-3 में मिनी स्टेडियम निर्माण के लिए वर्ष 1998 में तात्कालीन विधायक एवं साडा सदस्य के रूप में मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विशेष प्रयास किया था। उस वक्त बस्ती में सतनामी समाज की बहुलता व जैतखाम्ब होने के चलते समाज से ताल्लुक रखने वाले तात्कालीन मंत्री डीपी धृतलहरे को बुलाया गया था। तब बस्ती वालों ने विश्वबैंक कालोनी के समीप व्यवस्थापन वाले इलाके और मिनी स्टेडियम का नाम गुरु घासीदास के नाम पर रखने का शर्त रखकर कब्जा छोडऩे की सहमति दी थी। आधा कब्जा हटने के बाद काम शुरू हो गया। लेकिन साल भर के बाद साडा भंग होकर नगर निगम के अस्तित्व में आने के बाद निर्माण कार्य बंद हो गया। बाद में नगर पालिका ने स्टेडियम के नाम पर गायत्री पारा और राष्ट्रीय राजमार्ग की दिशा में दुकानों का निर्माण कराकर नीलाम कर दिया। लेकिन कार्य में निरंतरता नहीं होने से बस्ती के खाली जगहों पर फिर से अतिक्रमण हो जाने से मिनी स्टेडियम को पूर्णता दिए जाने का कार्य अटका हुआ है।
दुर्ग / शौर्यपथ / सडक सुरक्षा माह के 20वें दिन लगातार सायकल से आने वाले मजदूरो को रात्रि के समय दुर्घटना से बचाने के लिए सहायक उप निरीक्षक हुकुम सिंह आर. निगम एवं ट्राफिक वार्डन युवराज डडसेना, विजय देशमुख के द्वारा जोरातराई गेट भिलाई इस्पात संयंत्र में 250 सायंकल के पीछे लाल कलर का रेडियम स्टीकर लगाने का कार्य कर रही है ताकि दो पहिया एवं चार पहिया वाहन चालको को ऐसे स्थान जहां प्रकाश की उचित व्यवस्था न हो वहां सायकल चालक रेडियम के माध्यम से आसानी से दिख सकें। इस प्रकार अब तक सवा 11 सौ सायकलो के पीछे रेडियम चिपकाया गया। यह कार्य सडक सुरक्षा माह के आगामी दिनों में भी किया जायेगा।
इसी प्रकार अंजोर रथ एवं नुक्कड नाटक के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में लगने वाले सप्ताहिक बाजार मडई मेला में ग्राम नंदनी खुदनी ग्राम अहिवारा एवं ग्राम बागडुमर में ग्रामीणों को यातायात नियम के प्रति जागरूक करने तथा यातायात नियम पालन न करने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया। ग्रामीण क्षेत्र में बी.एस.पी. के एसएमएस-02 एवं एसएमएस-3 के कर्मचारी हेमंत जगत, राजेश वर्मा, प्रमोद नामदेव, के.के.बाडसोरे, प्रवीण के द्वारा नुक्कड नाटक सुरक्षा आजान के माध्यम से हमारी किन छोटी छोटी गलतियो की वजह से हम किसी सड़क दुर्घटना के शिकार होते है इसकी जानकारी ग्रामीण को दी गई तथा अंजोर रथ में लगे एलईडी स्क्रीन में यातायात नियम संबंधी शार्ट मूवी के माध्यम से भी ग्रामीण को जागरूक किया गया।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
