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बिलासपुर / शौर्यपथ / ग्राम गड़रियापारा की महिलाओं के चेहरे पर खुशी झलक रही है क्योंकि अब उनके घर पर ही टेप नल लगा दिये गये हैं। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के अंतर्गत तखतपुर विकासखंड के लाखासार ग्राम पंचायत के गड़रियापारा में सोलर पम्प के जरिये घर.घर टेप नल से पानी पहुंचाने की सुविधा दी जा रही है। इस योजना से लाभान्वित मीनाक्षी पॉलए जोविधा पॉलए अंजनी पॉल ने कहा कि पहले उन्हें गली में लगे सार्वजनिक हेंडपम्प से पानी लाना पड़ता थाए और घर तक ढोकर लाने में परेशानी होती थी। कई बार भीड़ होने के कारण लाइन भी लगाना पड़ता था। वर्षाऋतु में परेशानी और बढ़ जाती थी। हमारे छोटे बच्चे हैंए जिन्हें घर पर छोड़कर जाना पड़ता था। अब हमारे घर पर ही सरकार ने मुफ्त में टेप नल लगाकर दे दिया है। इससे हमें बहुत राहत मिली है। ग्राम के ही दिलहरण और सीताराम का कहना है कि टेप नल घर में लग जाने से हमारे समय की बचत हो रही हैए जिससे काम पर निकलने और घर की देखभाल करने में सुविधा हो रही है।
गड़रियापारा में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 23ण्26 लाख की लागत से सोलर नल जल योजना का कार्य हो रहा है। इस गांव की जनसंख्या 244 है। यहां के 30 में 13 घरों में नल स्थापित किये जा चुके हैंए शेष में काम चल रहा है।
ग्राम पंचायत लाखासार में 1 करोड़ 6 लाख 99 हजार रुपये की लागत से रेट्रोफिटिंग की जा रही है जिसके तहत 80 किलोलीटर व 75 किलोलीटर क्षमता के दो ओवरहेड टैंक बनाये गये हैं। यहां दो जोन बनाकर पाइप लाइन का विस्तार भी किया जा रहा है। इससे लाखासार के 401 घरों में टेप नल से पानी पहुंचेगा।
इस वर्ष 1 लाख घरों में टेप नल
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता ने बताया कि अभी तक केवल शहरी क्षेत्रों में नल जल योजना से पेयजल उपलब्ध होता था। जल जीवन मिशन सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना हैए जिसके तहत दूरदराज के गांवों में लोगों को पीने के लिये साफ पानी उनके घर तक कनेक्शन देकर पहुंचाया जा रहा है। योजना के तहत जिले के प्रत्येक गांव के हर एक घर में नल कनेक्शन दिया जायेगा। अगले वर्ष मार्च माह तक एक लाख घरों में कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है और अभी तक 4 हजार घरों के भीतर नल कनेक्शन दिये जा चुके हैं। ये कनेक्शन स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी दिये जा रहे हैं।
पानी की शुद्धता की नियमित जांच होगी
विभाग के कार्यपालन यंत्री ने बताया कि योजना के तहत गांवों में पेयजल परीक्षण भी किया जा रहा है। सामान्य जल का पीएच वेल्यू 7 होता है यदि इससे नीचे होता है तो उसे पीने से मना किया जाता है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच की जायेगी और शुद्ध पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जायेगी।
खाना खजाना / शौर्यपथ / आपको अगर नारियल पसंद है, तो आपको नारियल कचौड़ी की रेसिपी जरूर ट्राई करनी चाहिए। नारियल कचौड़ी उन लोगों को पसंद आएगी जो मीठा कम खाते हैं क्योंकि यह ज्यादा मीठी नहीं लगती।
सामग्री-
2 कप आटा
2 टेबलस्पून नारियल पाउडर
1/4 टीस्पून इलायची पाउडर
चीनी स्वादानुसार
2 टेबलस्पून घी
तेल जरूरत के अनुसार
विधि-
- सबसे पहले एक बर्तन में आटा, इलायची पाउडर, नारियल और घी डालकर मिक्स करें।
- एक बर्तन में चीनी और पानी डालकर घोल बना लें।
- फिर इस घोल से सख्त आटा गूंद लें।
- गूंदे हुए आटे पर हल्का सा तेल लगाकर लगभग 15 मिनट के लिए अलग रख दें।
- इस बीच मीडियम आंच पर पैन में तेल डालकर गरम करने के लिए रख दें।
- तय समय के बाद गूंदे हुए आटे की लोइयां तोड़ लें.
- एक लोई पर हल्का सा तेल लगाकर इन्हें पूरी जितना बेल लें।
- इसी तरह से सारी पूरियां बेलकर एक प्लेट पर रख लें।
- तेल के गरम होते ही एक-एक करके सभी पूरियां तल लें।
- तैयार है नारियल कचौड़ी। गरमागरम सर्व करें।
लाइफस्टाइल /शौर्यपथ / सफेद रेत और नीले पानी से घिरा मालदीव छुट्टियां बीताने से लेकर हनीमून तक के लिए बेहतरीन जगह है। अगर आप हनीमून के लिए आउट ऑफ इंडिया जाना चाहते हैं, तो आप मालदीव जा सकते हैं। ये जगह बेहद ही खूबसूरत है। आप हर तरह से इस जगह को एन्जॉय कर सकते हैं। हालांकि सिर्फ बैठ कर ढलते और उगते सूरज को देखने के अलावा मालदीव में करने के लिए बहुत कुछ है। अगर आप भी मालदीव जाने का प्लान कर रहे हैं। तो कुछ ऐसी चीजें हैं जो आपको मालदीव में निश्चित रूप से करनी चाहिए। आइए जानते हैं।
1) मालदीव में स्नोर्कलिंग
साफ पानी और पानी के भीतर छोटी मछली को पास से देखने का मौका आप कैसे गवा सकते हैं। ऐसे में आप मालदीव में स्नोकेलिंग किए बिना बिल्कुल वापस ना लौटें। अपने पार्टनर के साथ स्नोर्कलिंग कर, पानी के नीचे के जीवन को देखने का आनंद आ जाएगा। ये एक्सपीरियंस आपको जीवन भर याद रहेगा।
2) लोकल द्वीप पर जाएं
कुछ लोग सोचते हैं कि स्नोर्कलिंग और स्कूबा डाइविंग जैसी गतिविधियों के अलावा कुछ नहीं है। हालांकि ऐसा नहीं है। लोकल बीच पर जाने के लिए बोट या फैरी की मदद से आइलैंड पर जा सकते हैं। ऐसा करने से आपको संस्कृति और कई तरह के कैफे और समुद्र तटों का पता चलेगा। साथ ही ऐसा करने से आप अपने पार्टनर के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं।
3) स्पा
मालदीव में लक्जरी स्पा लेने से आप नहीं चूक सकते। यहां का स्पा ट्रीटमेंट बिल्कुल अलग होता है। स्पा के दौरान खूबसूरत नजारे और साफ पानी देखने को मिलेगा। अगर आप तन और मन को तरोताजा करना चाहते हैं, तो यहां स्पा का मजा जरूर लें। मालदीव में कुछ ऐसे रिसॉर्ट हैं, जहां स्पा के लिए अलग से रोमांटिक स्पेस हैं।
4) फिशिंग
मालदीव में करने के लिए मछली पकड़ना एक अच्छी एक्टिविटी है। आप अपने पार्टनर के साथ फिशिंग का आनंद उठा सकते हैं। यहां अधिकतर रिसॉर्ट या होटल अपने गेस्ट के लिए फिशिंग की व्यवस्थ करते हैं। अगर आप फिशिंग कर रहे हैं, तो सूर्यास्त से पहले यहां जाएं और फिशिंग के साथ खूबसूरत नजारों का लुफ्त उठाएं।
5) रोमांटिक डिनर
अपने पार्टनर के साथ हनीमून को यादगार बनाने के लिए आप समुद्र तट पर रोमांटिक डिनर की व्यवस्था कर सकते हैं। ये एक बेहतरीन और यादगार अनुभव होगा। समुद्र किनारे खूबसूरत कैंडल और मालदीव का लोकल खाना।
ब्यूटी टिप्स / शौर्यपथ / नारियल के दूध को गुणों से भरपूर माना जाता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल प्रॉपटीज हैं। साथ ही इसमें विटामिन सी और ई होता है जिससे स्किन जवां नजर आती है। यही नहीं, इसमें विटामिन बी, खनिज, कॉपर, सेलेनियम, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस की प्रचुर मात्रा होती है, जो स्किन के अलावा बालों के लिए काफी फायदेमंद है। बालों को मजबूत और सिल्की बनाने के लिए आप नेचुरल कोकोनट मिल्क का इस्तेमाल कर सकते हैं-
हेयर स्पा
ताजे नारियल के दूध को अपने सिर और बालों के सिरों में मसाज करते हुए अप्लाई करें। इसके बाद बालों पर गर्म पानी का तौलिया लपेट लें। पांच मिनट बाद हटा दें, इसके बाद तीन से चार बार इस प्रक्रिया को दोहराएं।
कंडीशनर की तरह करें इस्तेमाल
आप नारियल के दूध का इस्तेमाल कंडीशनर की तरह भी कर सकते हैं। शैंपू करने के बाद इसे हाथों में लेकर बालों की मसाज करें। 2-3 मिनट छोड़कर ठंडे पानी से धो लें।
ऐसे निकालें कोकोनट मिल्क
- मिक्सर जार में कसा हुआ नारियल और एक कप पानी डालें।
- अब नारियल को मिक्सर में बारीक पीस लें।
- अब एक साफ मलमल का कपड़ा बर्तन पर लगाएं। कपड़े में पिसा नारियल डालें।
- फिर कपड़े को कसकर बांधें और नारियल को बर्तन में निचोड़ लें।
- इस तरह गाढ़ा कोकोनट मिल्क तैयार है, जिसे कोकोनट मिल्क का फर्स्ट एक्सट्रैक्ट भी कहते हैं।
- अब कपड़े में बचे हुए नारियल को फिर एक कप पानी के साथ मिक्सर में पीस लें।
- इसे फिर से कपड़े में डालकर दूसरे बर्तन में छान लें। यह पतला कोकोनट मिल्क है। इसे सेकेंड एक्सट्रैक्ट कहते हैं।
- इससे भी पतला कोकोनट मिल्क तैयार करने के लिए, कपड़े में बचे हुए नारियल को फिर से एक कप पानी के साथ ग्राइंडर में ग्राइंड करें।
- अब इसे कपड़े में डालकर अलग बर्तन में छानें। यह थर्ड एक्सट्रैक्ट और तीसरा कोकोनट मिल्क तैयार है।
- इस तरह तैयार है कुकिंग में इस्तेमाल करने के लिए ताजा कोकोनट मिल्क।
- इसे फ्रेश इस्तेमाल करें या फ्रिज में रखकर स्टोर करें ।
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / बालों के झड़ने की परेशानी इन दिनों हर किसी को हो रही है। इन दिनों पूरी दुनिया बालों के झड़ने को रोकने के लिए अलग-अलग तरह के प्रयास कर रही है। ऐसे में कई लोग ऐसे भी हैं, जो पूराने घरेलू उपचारों की और रुख कर चुके हैं। कई लोगों ने प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और नुस्खों की मदद लेना शुरू कर दिया है, जो बालों के झड़ने के लिए अत्याधिक प्रभावी हैं। आइए जानते हैं कुछ आयुर्वेदिक हेयर मास्क के बारे में जिनकी मदद से बालों का झड़ना रोका जा सकता है।
1) ब्राह्मी और अश्वगंधा हेयर मास्क
सामग्री
1 बड़ा चम्मच ब्राह्मी पाउडर
1 बड़ा चम्मच अश्वगंधा पाउडर
दूध (जरुरत के अनुसार )
बनाने का तरीका
तीनों चीजों को एक साथ मिलाकर पेस्ट बनाएं। ये पेस्ट ना ज्यादा गाढ़ा और ना ज्यादा पतला हो। इससे स्कैल्प पर अच्छे से मसाज करें और आधे घंटे के लिए छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। ऐसा हफ्ते में दो बार करें।
2) शिकाकाई और आंवला पाउडर हेयर मास्क
सामग्री
1 बड़ा चम्मच शिकाकाई पाउडर
1 बड़ा चम्मच आंवला पाउडर
बनाने का तरीका
इन दोनों चीजों को गुनगुने पानी में मिलाएं और फिर इसे अपने स्कैल्प और बालों पर लगाएं। आधे घंटे बाद इसे धो लें। ऐसा हफ्ते में तीन बार करें।
3) नीम और भृंगराज हेयर मास्क
सामग्री
नीम के पत्ते
भृंगराज पत्ते
बनाने का तरीका
पत्तों और पानी को मिलाकर पेस्ट बनाएं। पेस्ट को अपने स्कैल्प पर लगाएं और 2 घंटे के लिए छोड़ दें। फिर पानी से धो लें। इसे सप्ताह में एक बार कर सकते हैं।
व्रत त्यौहार / शौर्यपथ / हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस साल 30 अगस्त को जन्माष्टमी का पावन पर्व मनाया जाएगा। इस दिन को बड़े ही धूम- धाम से मनाया जाता है। इस बार जन्माष्टमी पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी विशेष है। 29 अगस्त को रात 11.24 मिनट 38 सेकेंड पर अष्टमी प्रारंभ हो जाएगी। जो 30 अगस्त के आधी रात के बाद 1.59 दो सेकेंड तक रहेगी। मार्तंड स्वामी ने बताया कि इसी दिन शाम 6.37 बजे रोहिणी नक्षत्र लग रहा है। करीब 15 साल बाद अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र एक साथ पड़ रहे हैं। पूरे देश में एक ही दिन अष्टमी मनाई जाएगी। 30 अगस्त को रात 12 बजे भगवान का जन्म होगा। दिन सोमवार रहेगा। यह दुलर्भ संयोग है। आइए जानते हैं जन्माष्टमी पूजा - विधि, शुभ मुहूर्त और सामग्री की पूरी लिस्ट...
पूजा- विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं।
घर के मंदिर में साफ- सफाई करें।
घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
सभी देवी- देवताओं का जलाभिषेक करें।
इस दिन भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप यानी लड्डू गोपाल की पूजा की जाती है।
लड्डू गोपाल का जलाभिषेक करें।
इस दिन लड्डू गोपाल को झूले में बैठाएं।
लड्डू गोपाल को झूला झूलाएं।
अपनी इच्छानुसार लड्डू गोपाल को भोग लगाएं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।
लड्डू गोपाल की सेवा पुत्र की तरह करें।
इस दिन रात्रि पूजा का महत्व होता है, क्योंकि भगवान श्री कृष्ण का जन्म रात में हुआ था।
रात्रि में भगवान श्री कृष्ण की विशेष पूजा- अर्चना करें।
लड्डू गोपाल को मिश्री, मेवा का भोग भी लगाएं।
लड्डू गोपाल की आरती करें।
इस दिन अधिक से अधिक लड्डू गोपाल का ध्यान रखें।
इस दिन लड्डू गोपाल की अधिक से अधिक सेवा करें।
महत्व
श्री कृष्ण जन्माष्टमी का बहुत अधिक महत्व होता है।
इस दिन विधि- विधान भगवान श्री कृष्ण की पूजा- अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
इस दिन पूजा- अर्चना करने से निसंतान दंपतियों को भी संतान की प्राप्ति हो जाती है।
रात्रि में हुआ था भगवान श्री कृष्ण का जन्म
भगवान श्री कृष्ण का जन्म रात्रि में हुआ था। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण के बाल रूप की पूजा- अर्चना रात्रि में ही की जाती है।
पूजा का शुभ मुहूर्त-
30 अगस्त को रात 11 बजकर 59 मिनट से देर रात 12 बजकर 44 मिनट तक है।
कुल अवधि-
45 मिनट
कृष्ण जन्माष्टमी पारण मुहूर्त-
कृष्ण जन्माष्टमी के व्रत में रात्रि को लड्डू गोपाल की पूजा- अर्चना करने के बाद ही प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण किया जाता है। हालांकि कई लोग व्रत का पारण अगले दिन भी करते हैं।
रोहिणी नक्षत्र के समापन के बाद किया जाता है व्रत पारण
कई लोग रोहिणी नक्षत्र के समापन के बाद भी व्रत का पारण करते हैं।
व्रत पारण समय-
31 अगस्त को सुबह 9 बजकर 44 मिनट बाद व्रत का पारण कर सकते हैं।
रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ- 30 अगस्त को सुबह 06 बजकर 39 मिनट से
रोहिणी नक्षत्र समापन- 31 अगस्त को सुबह 09 बजकर 44 मिनट पर।
आस्था /शौर्यपथ /बुधवार का दिन भगवान श्रीगणेश को समर्पित है। भगवान श्रीगणेश प्रथम पूज्य देवता हैं और आदिकाल से पूजित हैं। मान्यता है कि जहां भगवान श्रीगणेश हैं, वहां समस्त देवी-देवता विराजमान होते हैं। वास्तु शास्त्र में भगवान श्रीगणेश की उपासना से जुड़े आसान से उपाय बताए गए हैं, इन्हें अपनाकर भगवान श्रीगणेश की कृपा पाई जा सकती है। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
जिन लोगों की कुंडली में बुध दोष होता है, उनके लिए भगवान श्रीगणेश का व्रत बहुत फलदायी माना जाता है। घर में कोई सदस्य अस्वस्थ है तो गाय के गोबर से श्रीगणेश की मूर्ति बनाएं और पूजा करें। वास्तु दोष दूर करने के लिए बैठे हुए भगवान श्रीगणेश की मूर्ति लगाएं। अगर घर के किसी हिस्से में वास्तुदोष है तो उसे दूर करने के लिए सिंदूर और घी को मिलाकर स्वास्तिक बनाएं। ऐसा करने से वास्तु दोष दूर हो जाता है। भगवान श्रीगणेश के व्रत के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत होकर पूजाघर को गंगाजल से पवित्र करें। लकड़ी के पाटे पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर गणपति जी की स्थापना करें। पूजन के समय पूर्व या उत्तर दिशा में मुख रखें। भगवान को हल्दी, कुमकुम, रोली से तिलक लगाएं। पुष्प अर्पित कर दूब चढ़ाएं। भगवान श्रीगणेश की धूप, दीप से आरती करें। मोदक और लड्डू का भोग लगाएं। हल्के लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करें। इस दिन भगवान श्रीगणेश की मूर्ति घर के मुख्य द्वार पर लगाएं। क्रिस्टल से बनी भगवान श्रीगणेश की मूर्ति को वास्तुदोष दूर करने में बहुत कारगर माना गया है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और धन धान्य, सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। माना जाता है कि जहां श्रीगणेश का वास होता है वहां परिवार में सभी सदस्यों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। हल्दी से बने श्रीगणेश की मूर्ति रखना बहुत ही शुभ माना जाता है।
ब्यूटी /शौर्यपथ /नमक के पानी से मिलने वाले हेल्थ बेनिफिट्स तो आप जानते ही होंगे। गले में खराश से लेकर गले की कई परेशानियों में नमक के पानी से गरारे करने की सलाह दी जाती है। अगर आपको कहा जाए की हेल्थ के साथ स्किन के लिए भी नमक के पानी के ढेरों फायदे हैं। नमक के पानी को आप रोजाना के स्किन केयर में आप शामिल कर सकते हैं। ये स्किन को रिजुविनेट करने में मदद करता है, साथ ही स्मूद और यंग स्किन में मदद करता है। इस पानी में कई तरह के मिनरल्स होते है। ऐसे में अगर इसका इस्तेमाल स्किन पर किया जाए तो इससे स्किन हेल्दी बनाए रखने में मदद मिलती है। आइए, जानते हैं कि चेहरे पर इसके फायदों के बारे में।
1) नमक का पानी नैचुरल तरीके से स्किन में बैक्टीरिया को सोख लेता है। यह रोमछिद्र(पोर्स) को कम करने के लिए त्वचा में कसाव करता है। साथ ही ये रोमछिद्रों को बंद करने वाले विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। जिसके कारण स्किन पर होने वाले एक्ने को कम करने में मदद मिलती है और आपको साफ और चमकती स्किन देने में मदद करती है।
2) एक्जिमा, सोरायसिस और यहां तक की ज्यादा ड्राई स्किन बहुत ही अनकंफर्टेबल होती है, साथ ही ये बहुत ही ज्यादा अनआकर्षक नजर आती है। नमक के पानी से नियमित स्किन को धोने से स्किन की इन सभी परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है। जिससे त्वचा सोफ्ट और स्मूद दिखाई देती है। समुद्री ममक में पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज शामिल हैं।
3) नमक का पानी एक फेशियल टोनर के रूप में काम करता है। इसका इस्तेमाल छिद्रों को सिकोड़ने के साथ त्वचा से तेल निकालने के लिए किया जाता है। जिसकी आपकी स्किन स्मूद और तरोताजा महसूस करती है। ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के लिए मेकअप से पहले नमक के पानी के मिश्रण को अपने चेहरे पर छिड़कें।
4) नमक एक नैचुरल एक्सफोलिएंट हैं। ये डेड स्किन को हटाने में मदद करता है। ये स्किन को शाइनी, सोफ्ट और स्मूद रखता है।
5) अगर आपकी स्किन सेंसिटिव नहीं है, तो आप रोजाना अपने स्किन केयर में नमक के पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं। स्किन के लिए खारे पानी के लाभों में से एक है कि यह स्किन की कोशिकाओं को काम करने में मदद करता है। ये स्किन सोफ्ट और स्मूद बनाता है।
ब्यूटी / शौर्यपथ / कई बार ऐसा होता है कि हमारे चेहरे पर ग्लो तो होता है लेकिन दाग-धब्बे और झाईयां हमारे चेहरे की नेचुरल सुंदरता को कुछ कम कर देते हैंl वहीं, दाग-धब्बे दूर करने के लिए आप कई जतन करते हैं लेकिन यह जिद्दी निशान आपके चेहरे से हटने का नाम ही नहीं लेतेl आज हम आपको इस समस्या से निजात दिलाने के लिए एक ऐसा उपाय बता रहे हैं जिससे आपके चेहरे के दाग-धब्बे जरूर साफ हो जाएंगेl शहद सेहत के लिहाज से ही नहीं बल्कि ब्यूटी सीक्रेट्स में भी इस्तेमाल किया जाता हैl आइए, जानते हैं इसके गुण-
इन गुणों से भरा होता है शहद
शहद में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन ए, बी, सी, आयरन, मैगनीशियम, कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम, सोडियम आदि गुणकारी तत्व होते हैं। यह कार्बोहाइड्रेट का भी प्राकृतिक स्रोत है, इसलिए इसके सेवन से शरीर में शक्ति, स्फूर्ति और ऊर्जा आती है और यह रोगों से लड़ने के लिए शरीर को शक्ति देता है।
पुराने दाग-धब्बों पर कारगर
आप कच्चे शहद को जले हुए निशान पर लगा सकती हैं, क्योंकि शहद में एंटीसेप्टिक और हीलिंग गुण होते हैं। नियमित रूप से जले पर शहद लगाने से दाग जल्दो गायब हो जाते हैं। आप शहद को मलाई, चंदन और बेसन के साथ मिलाकर फेस पैक के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह मास्क चेहरे की अशुद्धियों को हटाता है और त्वचा को मुलायम और चिकना भी बनाता है। आपके चेहरे पर अगर कोई पुराना दाग या झाईयां हैं, तो आप इस उपाय को फॉलो करके उनसे निजात पा सकते हैंl
ऐसे बनाएं
शरीर की त्वचा को नमी प्रदान करने के लिए हफ्ते में दो बार इस उबटन का प्रयोग करें। आधी कटोरी बेसन, तीन चम्मच शहद, एक चम्मच मलाई, चार चम्मच कच्चा दूध तथा कुछ बूंदें नींबू के रस की लेकर उबटन बना लें। इस उबटन को नहाने से पूर्व 15 मिनट तक लगा कर रखें तथा ठंडे पानी से साफ कर लें।
खाना खजाना / शौर्यपथ / बैंगन का भरता और बैंगन की कलौंजी तो आपने कई बार खाई होगी लेकिन आज हम आपको बैंगन की एक और रेसिपी बता रहे हैं। यह रेसिपी उन लोगों को बेहद पसंद आएगी, जिन्हें बैंगन पसंद है-
सामग्री :
2 बैंगन (स्लाइस में कटे हुए)
1 टेबलस्पून तेल
5 टमाटर
7-8 कलियां लहसुन की (कुटी हुई)
2-3 प्याज (कटे हुए)
आधा टीस्पून लाल मिर्च पाउडर
1/4 टीस्पून अजवायन
1 टीस्पून शक्कर
आधा कप पनीर (कद्दूकस किया हुआ)
विधि :
नॉनस्टिक पैन में तेल गरम करके बैंगन की स्लाइसेस को सेंक लें।
धीमी आंच पर ढंककर बैंगन को नरम होने तक पकाएं।
ऊपर से थोड़ा नमक, लालमिर्च पाउडर और अजवायन छिड़कें।
मिक्सी में टमाटर, प्याज और लहसुन को पीस लें।
चिकनाई लगी बेकिंग ट्रे में बैंगन की परत फैलाएं, फिर मैश किया पनीर और टोमैटो सॉस डालकर दूसरी स्लाइस से कवर कर दें।
अवन में 210 डिग्री पर 5-10 मिनट के लिए बेक करें।
गरम-गरम बैंगन को चपाती या परांठे के साथ सर्व करें।
खाना खजाना / शौर्यपथ / आपने आज तक आम, नींबू के साथ कई तरह की सब्जियों से बने अचार का स्वाद तो जरूर चखा होगा। पर क्या आपने कभी टमाटर का अचार टेस्ट किया है। जी हां, यह अचार घर पर बनाना बेहद आसान है। यह खाने में भी बहुत टेस्टी होता है। इस अचार को आप 15 से 20 मिनट में तैयार कर सकती हैं। तो देर किस बात की आइए जानते हैं कैसे बनाया जाता है इटपट तैयार हो जाने वाला ये टेस्टी अचार।
टमाटर का अचार बनाने के लिए सामग्री-
-250 ग्राम टमाटर
-1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
-1/2 छोटा चम्मच मेथी पाउडर
-1 छोटा चम्मच सरसों का पिसा हुआ पेस्ट
-8-10 करी पत्ते
-1 छोटा चम्मच राई दान
-1 छोटा चम्मच अदरक बारीक कटी हुई
-चुटकी भर हींग
-1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
-नमक स्वादानुसार
-2 बड़े चम्मच तेल
टमाटर का अचार बनाने की विधि-
टमाटर का अचार बनाने के लिए सबसे पहले पैन में तेल गरम करें और इसमें राई का तड़का लगाएं। साथ ही बारीक कटी हुई अदरक डाल कर फ्राई करें।
अब आप पैन में हींग और करी पत्ता डालें और फ्राई करें। फिर इस मिश्रण को एक बर्तन में निकाल कर रख लें। फिर से पैन में तेल डाल कर गैस पर चढ़ाएं। टमाटर को पहले ही बारीक काट लें और फिर पैन में डालें। फिर उसमें नमक मिलाएं।
खाना खजाना / शौर्यपथ /आपका मन अगर कुछ मीठा खाने का कर रहा है, तो जलेबी मीठे की क्रेविंग को शांत करने के लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन है लेकिन जलेबी बनाने में एक सबसे बड़ी दिक्कत होती है कि इसकी तैयारी पहले से करनी होती है। जैसे, जलेबी के बैटर को 3-4 घंटे के लिए फूलने के लिए रखना होता है। आमतौर पर जलेबी की सभी रेसिपी में ऐसा होता है लेकिन आज हम आपको इंस्टेंट जलेबी बनाने की रेसिपी बता रहे हैं जिसमें आपको यीस्ट का इस्तेमाल करके इतने घंटों के लिए मैदे के फूलने का इंतजार नहीं करना है।
सामग्री-
मैदा 2 कप
यीस्ट 1/2 बड़ा चम्मच
पानी 2 कप
तलने के लिए घी
चाशनी के लिए
चीनी 4 कप
पानी 2 कप
दूध 1 बड़ा चम्मच
केसर 8-10 धागे
कड़ाही
पैन
चिमटा
प्लास्टिक वाली सॉस बॉटल या जलेबी वाला कपड़ा
विधि-
यीस्ट में आधी कटोरी गुनगुना पानी डालकर फूलने के लिए छोड़ दें।
- एक बड़े बर्तन में मैदा डालें।
- यीस्ट को अच्छी तरह से पानी में घोल लें।
- मैदे पर यीस्ट का पानी डालें और इसमें थोड़ा-थोड़ा करके पानी डालते जाएं घोल बनाते जाएं।
- पूरा डालकर ऐसा घोल बनाइए जो न ज्यादा गाढ़ा और न पतला।
- इस घोल को 5-6 घंटे के लिए ढककर छोड़ दीजिए।
- इतने में मैदे के घोल में अच्छी तरह से खमीर/ईस्ट उठ जाएगी।
- जलेबी बनाने के लिए घोल रेडी है।
- जलेबी तलने से पहले चाशनी बना लें।
- इसके लिए कड़ाही में पानी और चीनी डालकर मीडियम आंच पर उबलने के लिए रखें।
- इसे बीच-बीच में चलाते रहें। जब इसमें उबाल आ जाए तो इसमें दूध डाल दें।
- दूध डालने से चाशनी की गंदगी ऊपर आ जाएगी। इसे चम्मच से निकाल दीजिए।
- जलेबी के लिए एक तार की चाशनी जरूरत होती है।
- चाशनी में उबाल के बाद एक चम्मच से उठाकर देखें। अगर इसमें पतली सी तार बन रही है तो चाशनी रेडी है। इसमें केसर डालकर आंच एकदम धीमी कर दें।काजू कतली तो बनाई होगी, जानिए काजू जलेबी की रेसिपी - गैस के दूसरे चूल्हे पर पैन में घी डालकर मीडियम आंच पर गर्म होने के लिए रखें।
- जब तक घी गर्म हो रहा है। मैदे के घोल को अच्छी तरह फेंट लें।
- इस पेस्ट को सॉस बॉटल या फिर जलेबी बनाने वाले बर्तन में डालें। आप चाहें तो दूध की थैली में भी घोल भरकर एक कोने को काटकर जलेबियां तल सकते हैं।
- जब घी से हल्का सा धुआं उठने लगे तो इसमें कपड़े या बॉटल से घोल डालते हुए जलेबी का आकार दें।
- पूरे घी में जलेबियां तोड़ लें।
- दोनों तरफ सुनहरे होने तक सेंकें फिर जलेबियों को चाशनी में डाल दें।
- इसी प्रोसेस से बाकी के घोल से जलेबियां बना लें।
ब्यूटी टिप्स / शौर्यपथ / स्किन को टाइट और ग्लोइंग बनाने के लिए सेलिब्रिटीज आइस वाटर यानी बर्फ के पानी से मुंह धोते हैं। स्किन को इसके कई फायदे होते हैं।गरम पानी से पोर्स खुलते हैं तो वहीं आइस वॉटर ठीक इससे उलट काम करता है। यह पानी चेहरे के पोर्स को छोटा करने में मदद करता है। इससे पोर्स को क्लीन रहने में मदद मिलती है, जो ऐक्ने और पिम्पल्स जैसी स्किन प्रॉब्लम्स को दूर रखता है। यह चेहरे की त्वचा को स्मूद लुक देने में मदद करता है। इसके अलावा भी इसके कई फायदे हैं-
चेहरे की सूजन को करता है दूर
कभी-कभी सोने के बाद चेहरा सूज जाता है।ऐसे में अगर आपको किसी पार्टी या ऑफिस जाना है, तो सूजा हुआ फेस अजीब लग सकता है। इस स्थिति में सबसे असरदार साबित होगा बर्फ का पानी। बर्फ का पानी चेहरे की सूजन करके आपको फ्रेश लुक देता है।
सनबर्न में है असरदार
आपको अगर सनबर्न हो गया है, तो आप बर्फ के पानी से चेहरा धोना शुरू कर दें, इससे कुछ ही दिनों में आपका सनबर्न ठीक हो जाएगा। सूरज की हानिकारक किरणों की वजह से स्किन डैमेज हो जाती है, ऐसे में बर्फ का पानी इसके लिए काफी असरकारक है।
झुर्रियां पड़ने से रोकता है
आपको अगर वक्त से पहले झुर्रिया पड़ रही है, तो आप तुंरत ही बर्फ के पानी का इस्तेमाल शुरू कर दें जिससे आपकी झुर्रियां काफी हद तक कंट्रोल होने के साथ-साथ पहले से पड़ चुकी झुर्रियां भी कम होने लग जाएंगी।यह तरीका सेल्स रिकवरी में भी मदद करता है।
ऐसे करें बर्फ के पानी का इस्तेमाल
एक बड़े कटोरे में नॉर्मल पानी डालें और उसमें एक ट्रे आइस क्यूब्स डाल दें। बर्फ को पूरी तरह डिजॉल्व हो जाने दें। इस पानी में अब अपना चेहरा कुछ-कुछ सेकंड के लिए डुबाते रहें। आप चाहे तो हाथ में पानी लेकर भी चेहरे को धो सकते हैं। वैसे, आइस क्यूब्स से फेस मसाज करना भी आपकी स्किन को वो सारे फायदे पहुचाएंगा, जो बर्फ का पानी पहुंचाता है।
इन बातों का रखें ध्यान
बर्फ का पानी इस्तेमाल करने से पहले अपनी स्किन के बारे में जान लें, कि कहीं आपकी स्किन सेंसिटिव तो नहीं है। वहीं, बर्फ ब्लड फ्लो को प्रभावित करता है, इसलिए अगर आपको हेल्थ से जुड़ी कोई समस्या है तो बेहतर यही है कि इसे ट्राई करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
टिप्स ट्रिक्स / शौर्यपथ / अक्सर कुकर खराब होने पर या फिर समय का ध्यान न रहने पर कुकर में बनने वाले चावल बर्तन के तले से चिपककर जल जाते हैं। इन जले हुए चावलों को साफ करने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ती है या फिर रात भर कुकर को पानी भरकर छोड़ना पड़ता है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर किसी के पास इतना वक्त हो। अगर आप भी कुकर को साफ करने के लिए अब तक यही तरीका अपनाती रही हैं तो अब अपना तरीका बदल लें। जी हां आज के किचन हैक्स में आपको बताएंगे कि कैसे आप कुछ ही मिनटों में कुकर से जले हुए चावलों को साफ कर सकती हैं।
कुकर साफ करने के लिए टिप्स एंड ट्रिक्स-
-विनेगर
प्रेशर कुकर में चावल जलकर चिपक गए हैं तो उसे निकालने के लिए विनेगर का इस्तेमाल करें। इसके लिए सबसे पहले एक बड़े बाउल में 1 कप पानी के साथ 1 कप विनेगर मिक्स कर दें। इसके अलावा आप चाहें तो चले हुए चावल की मात्रा के अनुसार विनेगर की मात्रा बढ़ा या घटा सकते हैं। ध्यान रखें कि विनेगर के पानी में जले हुए चावल पूरी तरह डूब जाने चाहिए। अब कुकर में इस पानी को डालकर गैस पर रख दें और उसमें उबाल आने दें। इसके बाद आप देखेंगी कि जले हुए चावल अपने आप निकल रहे हैं। जैसे ही सभी चावल एक दूसरे से अलग हो जाए गैस बंद कर दें, और सभी चावल को निकालकर प्रेशर कुकर को नॉर्मल डिश वॉश लिक्विड से अच्छी तरह साफ कर लें।
-नींबू
अगर आपके पास विनेगर नहीं है तो आप इसकी जगह नींबू का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। प्रेशर कुकर में चिपके हुए जले चावल को बाहर निकालने के लिए 2 नींबू को चार हिस्सों में काटकर रख दें। अब नींबू के टुकड़ों को प्रेशर कुकर में डालकर उसमें 3 से 4 कप पानी मिक्स करें। गैस ऑन करें और प्रेशर कुकर को रखें। नींबू में मौजूद सिट्रस गुण की वजह से जैसे ही पानी में उबाल आना शुरू होगा चावल ऊपर की तरफ आने लगेंगे। इसके बाद कुकर को नॉर्मल तरीके से साफ कर लें।
बेकिंग सोडा-
अगर आपके कुकर में चावल ज्यादा जल गए हैं तो बेकिंग सोडा ट्राई करें। इसके लिए सबसे पहले पानी लें और उसमें विनेगर और बेकिंग सोडा दोनों को मिक्स कर घोल तैयार कर लें। अब इस घोल को प्रेशर कुकर या फिर अन्य किसी बर्तन में मिक्स कर दें और 10 मिनट के लिए छोड़ दें। इससे जले हुए चावल फुलकर ऊपर की तरफ आ जाएंगे, वह भी बिना किसी स्क्रबर की मदद से। इसके बाद आप अन्य बर्तनों की तरह इसे भी आसानी से धो सकते हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
