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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
मुख्यमंत्री ने गौमाता पर बनी पहली फिल्म-'गोदान' का किया ट्रेलर लॉन्च
मुख्यमंत्री ने की फिल्म-'गोदान' को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गौमाता पर बनी पहली फिल्म-'गोदान' का ट्रेलर लॉन्च किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौमाता के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। गौमाता ना सिर्फ आध्यात्मिक रूप से पूजनीय हैं बल्कि गाय का आर्थिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी बहुत महत्व है। मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म-'गोदान' को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म-'गोदान' के ट्रेलर लॉन्च के अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में गौ संवर्धन के लिए बहुत कार्य हो रहा है। गौशाला में गायों के चारा के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को 20 रुपए से बढ़ाकर 35 रुपए किया गया है साथ ही गौशाला को अब 25 लाख रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गोधाम भी बनाए जा रहे हैं जहां घुमंतू गौवंश की उचित देखभाल की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मान्यता है कि गौमाता में 33 कोटि देवी- देवताओं का वास रहता है। हर अनुष्ठान से पहले पंचगव्य का उपयोग किया जाता है। ये बहुत खुशी की बात है कि गौमाता पर केंद्रित पहली फिल्म-'गोदान' का आज ट्रेलर लॉन्च किया जा रहा है। इस फिल्म के माध्यम से सभी को गौमाता के महत्व को और बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलेगा। मैं इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों को बहुत बधाई देता हूं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमें गौमाता के महत्व के प्रति जन-जन को जागरूक करना है। गाय के गोबर से बनी जैविक खाद ही ऑर्गेनिक खेती का आधार है। दो घंटे 9 मिनट की इस फिल्म के माध्यम से गौ संवर्धन का संदेश दर्शकों तक पहुंचेगा। फिल्म का माध्यम एक बहुत सशक्त माध्यम है जिसके द्वारा एक बड़े दर्शक वर्ग तक सकारात्मक संदेश को पहुंचाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म के पोस्टर तथा गीत ' गौमाता के प्राणों को बचा लो देशवासियों' का भी लॉन्च किया। उन्होंने पंचगव्य उत्पाद के गिफ्ट पैक का भी विमोचन किया। गौमाता की महत्ता को अभिव्यक्त करने वाली कामधेनु फिल्म प्रोडक्शंस की फिल्म गोदान 6 फरवरी को भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
इस अवसर पर श्री अजीत महापात्र, श्री शांतनु शुक्ला, फिल्म के निर्माता एवं निर्देशक श्री विनोद चौधरी, डॉ आईपी सिंह, श्री सुबोध राठी सहित अन्य गणमान्यजन और मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
रायपुर, ।
देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 07 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर प्रवास पर रहेंगी। वे बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा प्रशासनिक तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं।
राष्ट्रपति के बस्तर प्रवास को लेकर आज मंत्रालय, रायपुर में मुख्य सचिव श्री विकास शील की अध्यक्षता में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में बस्तर पंडुम के संभागीय कार्यक्रम के आयोजन, सुरक्षा व्यवस्था, आवागमन, चिकित्सा सुविधा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव श्री विकास शील ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रपति महोदया के प्रवास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता में रहे। इसके साथ ही चिकित्सा सुविधा, यातायात प्रबंधन, हेलीपैड, कार्यक्रम स्थल की तैयारियां, स्वच्छता, बिजली-पानी तथा आपातकालीन सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर कलेक्टर से जगदलपुर में की जा रही तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही रायपुर कलेक्टर को भी राष्ट्रपति दौरे से संबंधित समन्वय एवं आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर निर्देशित किया गया।
बैठक में जनसंपर्क एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चंपावत, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम बस्तर संभाग की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपरा और लोककलाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति से इस आयोजन को विशेष गरिमा प्राप्त होगी।
रायपुर /भारत के आर्थिक भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला एक ऐतिहासिक क्षण सामने आया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी और सशक्त नेतृत्व में संपन्न हुई ‘Mother of All Deals’ यानी IndiaEUTradeDeal भारत को एक सशक्त आर्थिक शक्ति के रूप में वैश्विक पटल पर नए शिखर तक पहुँचाने वाली सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि यह युगांतरकारी डील भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का विश्वसनीय, सशक्त और प्रभावशाली केंद्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। यह समझौता भारत की आर्थिक विश्वसनीयता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत करेगा तथा देश को वैश्विक व्यापार की मुख्यधारा में निर्णायक भूमिका प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता केवल व्यापारिक करार भर नहीं है, बल्कि यह भारत के करोड़ों युवाओं के सपनों को पंख देने वाला अवसर है। इससे रोजगार, निवेश, तकनीक और नवाचार के नए द्वार खुलेंगे, जिससे युवाओं की आकांक्षाओं को नई दिशा और गति मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा कि #IndiaEUTradeDeal देश की आर्थिक आकांक्षाओं को मजबूती प्रदान करते हुए विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का एक सुदृढ़ आधार बनेगा। यह समझौता आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को वैश्विक सहयोग के साथ जोड़ते हुए भारत को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता और समृद्धि की ओर अग्रसर करेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह भारत की सामूहिक शक्ति, नीति-निर्माण क्षमता और वैश्विक नेतृत्व का प्रतीक है, जो आने वाले वर्षों में देश को आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की भव्य झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
नई दिल्ली /77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी ने देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की गौरवगाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती नजर आई।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रियों और विशिष्ट अतिथियों ने झांकी को उत्सुकता के साथ देखा और तालियां बजाकर सराहना की। दर्शक दीर्घा में मौजूद लाखों लोगों ने भी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ छत्तीसगढ़ की झांकी का स्वागत किया। झांकी के समक्ष छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोक नृत्य ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।
झांकी में नवा रायपुर अटल नगर में स्थापित देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाई गई, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से संरक्षित किया गया है। इस ऐतिहासिक संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर किया था।
झांकी के अग्र भाग में वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को दर्शाया गया। धुर्वा समाज के इस महान योद्धा ने अन्यायपूर्ण अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित किया। विद्रोह के प्रतीक के रूप में आम की टहनियां और सूखी मिर्च को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। विद्रोह की तीव्रता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि अंग्रेजों को नागपुर से सेना बुलानी पड़ी, फिर भी वे वीर गुंडाधुर को पकड़ने में असफल रहे।
झांकी के पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार लिए दर्शाया गया। उन्होंने अकाल के समय गरीबों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई।
पूरी झांकी जनजातीय समाज के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति की भावना को सशक्त रूप में अभिव्यक्त करती रही और गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की गौरवपूर्ण पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया।
मुख्यमंत्री ने बिलासपुर में फहराया तिरंगा
बिलासपुर / लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की सर्वाेच्चता और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे प्रदेश में हर्षाेल्लास, देशभक्ति और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। उन्होंने शहीद सैनिकों एवं पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया तथा छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ का पदक देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान हमारी लोकतांत्रिक आस्था, समानता और सामाजिक न्याय का मजबूत आधार है। छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा, विकास और समृद्धि के लिए राज्य सरकार पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने गणतंत्र दिवस संदेश में राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, नक्सल उन्मूलन की दिशा में हुई प्रगति, किसानों-श्रमिकों-महिलाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा-स्वास्थ्य-औद्योगिक विकास और सुशासन की विस्तार से जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को स्मरण करने का दिन भी है। उन्होंने संविधान निर्माताओं, विशेषकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि संविधान सामाजिक समरसता, समान अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को संविधान की आत्मा बताया और कहा कि भारतीय गणतंत्र ने ऐसा खुला समाज निर्मित किया है, जहां हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में सहभागी बन सकता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हाल ही में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी द्वारा गठित इस राज्य ने 25 वर्षों में विकास की सशक्त यात्रा तय की है। उन्होंने बताया कि संविधान के मंदिर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के करकमलों से संपन्न हुआ। धान की बालियों की डिजाइन और बस्तर-सरगुजा की लोककला से सुसज्जित यह भवन छत्तीसगढ़ी अस्मिता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती राज्यभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। सुकमा जिले के कोंटा से लेकर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सीतामढ़ी हरचौका तक लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है।
मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज ने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा लोकार्पित शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डिजिटल संग्रहालय देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जो आज की पीढ़ी को जनजातीय नायकों के बलिदान से परिचित कराता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवादी हिंसा लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने निर्णायक रणनीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि जवानों के अदम्य साहस और सतत अभियानों के परिणामस्वरूप माओवादी हिंसा अब अंतिम चरण में है और मार्च 2026 तक प्रदेश को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, बस्तर कैफे जैसी पहलों और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती अन्नदाता की समृद्धि रही है। आज छत्तीसगढ़ के किसान को धान का देश में सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी 5 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 149 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। बीते दो वर्षों में किसानों के खातों में डेढ़ लाख करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। अटल सिंचाई योजना के तहत 115 लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 2 हजार आवासों का निर्माण हो रहा है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य विद्युत उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और शीघ्र ही प्रथम स्थान की ओर अग्रसर है। सौर ऊर्जा, गैस आधारित परियोजनाओं और शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य पर तेजी से काम हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान किए जाने की जानकारी दी। अब तक 14,948 करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने श्रमिकों के लिए ईएसआई, श्रम संहिताओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बात कही।
मुख्यमंत्री ने बताया कि युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों की कमी दूर की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नए मेडिकल कालेजों की स्वीकृति से अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बिलासपुर में मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को आईटी, एआई, फार्मा और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य एआई का है और छत्तीसगढ़ इसकी धुरी बनेगा।
मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, बस्तर पंडुम, चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सरगुजा और जशपुर पर्यटन के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने ई-ऑफिस, जेम पोर्टल, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन की मजबूती पर बल दिया।
समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।
विकसित छत्तीसगढ़ का आह्वान
मुख्यमंत्री ने स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया जी की कविता की पंक्तियों के माध्यम से जनभागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अंत में प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।
रायपुर / गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा आज यहां राजधानी रायपुर में पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और परेड की सलामी ली गई। परेड निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव श्री विकास शील और पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम भी उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह पवित्र अवसर हमें राष्ट्र की एकता और अखण्डता को सहेजते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता हैं। गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र की महान परंपरा तथा हमारे संवैधानिक मूल्यों की समृद्ध विरासत का प्रतीक है।
0 शांति नगर मड़ई मेला का ऐतिहासिक आयोजन, हॉकी और मड़ई का अनोखा समागम
0 क्षेत्र के नागरिकों ने खेल मैदान संरक्षण कर और मड़ई कराकर बनाया मिसाल
राजनांदगांव।शौर्यपथ / पटरी पार क्षेत्र स्थित चिखली स्कूल मैदान में आज एक ऐतिहासिक और यादगार दृश्य देखने को मिला। 20 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहे शांति नगर मड़ई मेला के साथ इस बार हॉकी प्रतियोगिता का अनोखा समागम हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र में उत्साह और आनंद का माहौल बना दिया। मड़ई की पारंपरिक रौनक और हॉकी के रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों को एक साथ संस्कृति और खेल का अद्भुत अनुभव प्रदान किया। इस अभिनव आयोजन से क्षेत्र के नागरिकों सहित बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की। शांति नगर मड़ई मेला एक दिवसीय हॉकी प्रतियोगिता में जिले की 20 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता लीग-कम-नॉकआउट पद्धति से खेली गई। इस आयोजन का सफल संचालन रुद्राक्षम् वेलफेयर सोसाइटी एवं शांति नगर मेला समिति के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला चिखली ड्रैगन्स बनाम शांति नगर सूरमा के मध्य खेला गया, जिसमें शांति नगर सूरमा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-2 से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया। समापन अवसर पर मुख्यातिथि सांसद संतोष पाण्डेय , कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, विशिष्ट अतिथि पूर्व महापौर हेमा सुदेश देशमुख, वरिष्ट पार्षद शिव वर्मा , सुनील साहू, समाज सेवी सुमीत भाटिया एवम ललित नायडू ने विजेता एवं उपविजेता टीम को आकर्षक पुरस्कार एवं विशालकाय ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सांसद कप क्रिकेट प्रतियोगिता के विजेता खिलाडियों को भी पुरुस्कृत किया गयाl
0 हेलीकॉप्टर छोड़ मड़ई मेले पहुँचे सांसद—जनता और परंपरा को दी प्राथमिकता, दिल्ली की फ्लाइट से पहले शांति नगर मड़ई -संतोष पाण्डेय
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महामुनिराज के द्वितीय समाधि स्मृति महोत्सव कार्यक्रम में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस गरिमामयी आयोजन में राजनांदगाँव लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री संतोष पाण्डेय भी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में उनके साथ मंच पर केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की भी विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम के समापन के पश्चात सांसद श्री संतोष पाण्डेय को रात्रि 8:45 बजे की दिल्ली फ्लाइट पकड़ने हेतु रायपुर रवाना होना था। इसी दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आत्मीयता पूर्वक सांसद को हेलीकॉप्टर से रायपुर तक साथ चलने का प्रस्ताव दिया। इस सम्मानजनक प्रस्ताव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने विनम्रतापूर्वक कहा कि उन्हें पहले राजनांदगाँव में आयोजित शांति नगर मड़ई मेला एवं हॉकी प्रतियोगिता के कार्यक्रम में शामिल होना है, तत्पश्चात वे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। सांसद के इस निर्णय को क्षेत्र में व्यापक रूप से सराहा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यह केवल यात्रा संबंधी निर्णय नहीं था, बल्कि अपनी मिट्टी, संस्कृति, लोक परंपरा और जनभावनाओं को प्राथमिकता देने का प्रेरणादायी संदेश है। शांति नगर मड़ई मेला और हॉकी प्रतियोगिता क्षेत्र की पहचान बन चुकी है, जहाँ संस्कृति और खेल भावना का अनूठा संगम देखने को मिलता है। सांसद श्री संतोष पाण्डेय का यह कदम इस बात का प्रमाण है कि वे जनता से जुड़े आयोजनों, परंपराओं और खेल के मंच को भी उतना ही महत्व देते हैं जितना बड़े औपचारिक मंचों को।
0 शांति नगर मड़ई की नई व्यवस्था ने जीता दिल, नागरिकों व दुकानदारों ने जताया हर्ष
शांति नगर मड़ई मेला इस वर्ष अपनी नई व्यवस्था, बेहतर प्रबंधन और अनोखी शुरुआत के कारण पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। मड़ई मेले की बदली हुई व्यवस्था को देखकर क्षेत्र के नागरिकों के साथ-साथ मड़ई में उपस्थित दुकानदारों ने भी हर्ष और संतोष व्यक्त किया। आमतौर पर मड़ई मेला शाम 4–5 बजे के आसपास प्रारम्भ होता है, किंतु शांति नगर मड़ई ने इस परंपरा को एक नया स्वरूप देते हुए सुबह 5:30 बजे से प्रारम्भ होकर रात्रि 9 बजे तक सफलतापूर्वक संचालित होकर एक मिसाल कायम की। इस मड़ई की सबसे विशेष बात यह रही कि सुबह 5:30 बजे मेले की शुरुआत एक दिवसीय हॉकी प्रतियोगिता से हुई। खेल और संस्कृति के इस अनोखे संगम ने मेले को और भी आकर्षक बना दिया।हॉकी मैच को देखने के लिए सुबह से ही चिखली स्कूल मैदान में दर्शकों का जुटना शुरू हो गया। लगातार दर्शकों की उपस्थिति और खेल के प्रति उमंग ने यह सिद्ध कर दिया कि शांति नगर मड़ई केवल मेला नहीं, बल्कि खेल और जनभागीदारी का ऐतिहासिक उत्सव बन गया है।
0 खेल मैदान भी सुरक्षित, परंपरा भी जीवित, शांति नगर मड़ई बना मिसाल - मड़ई मेले में क्षेत्र वासियो ने दिखाई संवेदनशीलता
क्षेत्र के नागरिकों ने इस वर्ष एक ऐसा प्रेरणादायी निर्णय लिया है, जो न केवल सामाजिक संवेदनशीलता का परिचायक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऐतिहासिक उदाहरण भी बन गया है। पटरी पार क्षेत्र में रुद्राक्षम् वेलफेयर सोसाइटी द्वारा बच्चों को खेल मैदान से जोड़कर खेल, शिक्षा, अनुशासन, स्वास्थ्य एवं नशे से दूरी जैसे अत्यंत संवेदनशील विषयों पर जागरूकता लाने हेतु निरंतर उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में चिखली स्कूल मैदान में प्रतिदिन सुबह 5 बजे से क्षेत्र के बच्चों को निःशुल्क हॉकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी एवं एन.आई.एस. गोल्ड मेडलिस्ट हॉकी कोच श्री मृणाल चौबे के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है। संस्था द्वारा इस मैदान को खेलने योग्य बनाने हेतु तन, मन और धन से समर्पित प्रयास किए गए हैं, ताकि बच्चे सुरक्षित वातावरण में नियमित अभ्यास कर सकें। विगत वर्षों में मड़ई मेले का आयोजन खेल मैदान में होने से मैदान को नुकसान पहुँचने की आशंका बनी रहती थी, जिससे बच्चों का अभ्यास बाधित होने की संभावना भी रहती। इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए इस बार समस्त वार्डवासियों ने एकजुटता, समझदारी और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए निर्णय लिया कि मड़ई मेला कार्यक्रम इस प्रकार आयोजित किया जाएगा कि मैदान पूर्णतः सुरक्षित रहे और बच्चों के खेल व प्रशिक्षण में कोई बाधा न आए। इस अवसर पर देवेश वैष्णव, दिग्विजय श्रीवास्तव, बाबा खान , प्रमोद सोनटेके, चुकु रजक, मनोज साहू, छोटू साहू, वीरेंद्र, राजू साहू, ममता मेश्राम, अमृत पैकरा, रागनी श्रीवास्तव, प्रीती, सतरूपा रजक, दूरूपकर, इंद्रा कुमार सिन्हा, अगनू साहू, लालसिंह साहू, पप्पू यादव, पप्पू रामटेके एवं आशुतोष लारिया सहित समस्त वरिष्ठ नागरिक इस ऐतिहासिक निर्णय के साक्षी बने।
राजनांदगांव।शौर्यपथ /भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय, राजनांदगांव में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम की शुरुआत मार्चपास्ट से की गई, जिसमें मेटास कर्मचारियों द्वारा परेड कर मुख्य अतिथियों को सम्मानपूर्वक ध्वजारोहण स्थल तक लाया गया। मुख्य अतिथियों द्वारा वीर शहीदों की तस्वीरों पर दीप प्रज्वलन कर नमन किया गया। ध्वजारोहण अस्पताल अधीक्षक डॉ. अतुल मनोहरराव देशकर द्वारा किया गया। इस अवसर पर अस्पताल के सभी विभागों में कार्यरत अधिकारियों का स्वागत किया गया। मुख्य अतिथियों का स्वागत मेटास कंपनी के इंचार्ज प्रशांत चौहान एवं पवन साहु द्वारा किया गया। तत्पश्चात अधिष्ठाता डॉ. पंकज मधुकर लुका, अस्पताल अधीक्षक डॉ. अतुल मनोहरराव देशकर एवं उप अस्पताल अधीक्षक डॉ. पवन जेठानी ने उपस्थितजनों को संबोधित किया। कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बनाने हेतु विभिन्न विभागों के कर्मचारियों द्वारा भारत के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, भाषा, वेशभूषा एवं प्रसिद्ध व्यंजनों को दर्शाते हुए झांकियां प्रस्तुत की गईं। तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, गुजरात, पंजाब, ओडिशा, छत्तीसगढ़, असम, कश्मीर एवं महाराष्ट्र का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया।
मंच संचालन डॉ. अराधना टोप्पो एवं अश्विनी राय द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. सुरेन्दर कौर, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष (माइक्रोबायोलॉजी) द्वारा झांकियों का निरीक्षण कर प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार सर्जरी एवं रेडियोलॉजी विभाग (तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश), द्वितीय पुरस्कार पीडिया विभाग (कश्मीर) तथा तृतीय पुरस्कार मेडिसिन विभाग (पंजाब) एवं नेत्र विभाग (गुजरात) को प्रदान किया गया।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अस्पताल अधीक्षक एवं उप अस्पताल अधीक्षक द्वारा नर्सिंग इंचार्ज एवं सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में श्रीमती रेणु अवस्थी, अश्विनी राय, जीतेश्वरी साहु, शिल्पीरानी सेंदुर, रूपलता भंडारी, भावना ध्रुव, डॉली यादव (सफाईकर्मी), श्री कांता (सुरक्षाकर्मी) एवं श्रीमती ममता साहु (सुरक्षाकर्मी) शामिल रहे। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा अस्पताल अधीक्षक डॉ. अतुल मनोहरराव देशकर को चिकित्सा क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए तथा श्रीमती रूपलता भंडारी को आपातकालीन वार्ड में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान 26 जनवरी के अवसर पर कलेक्टर कार्यालय द्वारा दिग्विजय स्टेडियम, राजनांदगांव में प्रदान किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. चन्द्रशेखर इंदोरिया, सह अस्पताल अधीक्षक द्वारा किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम अस्पताल परिसर में संपन्न हुआ। इसके पश्चात संस्थान के ऑडिटोरियम में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों, एमबीबीएस छात्र-छात्राओं द्वारा ऑपरेशन सिंदूर थीम पर स्किट, समूह नृत्य, समूह गीत, कविता पाठ एवं मिले सुर मेरा तुम्हारा गीत की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में डॉ. मीना आर्मो (प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, स्त्री रोग) द्वारा ग़ज़ल, डॉ. नवीन तिर्कि (विभागाध्यक्ष, मेडिसिन) द्वारा गीत तथा डॉ. प्रकाश खुंटे द्वारा भाषण प्रस्तुत किया गया। ऑडिटोरियम कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. अराधना टोप्पो एवं श्रीमती मनीषा वाकडे द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।
By- नरेश देवांगन
जगदलपुर, शौर्यपथ। नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत पथरागुड़ा स्थित वीर सावरकर वार्ड में भंगाराम चौक से माता मंदिर जाने वाली मार्ग हाल ही में कराए गए डामरीकरण कार्य के बाद नाली निर्माण के लिए सड़क किनारे खुदाई किए जाने से स्थानीय नागरिकों में असंतोष व्याप्त है। नई बनी सड़क के प्रभावित होने से आवागमन में दिक्कतें सामने आ रही हैं।
मोहल्लेवासियों का कहना है कि यदि नाली निर्माण कार्य प्रस्तावित था, तो उसे सड़क निर्माण से पूर्व किया जाना अधिक उपयुक्त होता। सड़क बनने के कुछ ही दिनों बाद खुदाई किए जाने से कार्य योजना और आपसी समन्वय को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि सड़क निर्माण के दौरान चौड़ाई में एकरूपता नहीं रखी गई है। कहीं सड़क अधिक चौड़ी है तो कहीं संकरी, जिससे निर्माण गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
खुदाई के कारण सड़क के किनारे गड्ढे बन गए हैं, जिससे दोपहिया, चारपहिया वाहन चालकों, पैदल राहगीरों और बुजुर्गों को विशेष रूप से परेशानी हो रही है। नागरिकों का मानना है कि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में समस्या और बढ़ सकती है।
मोहल्लेवासियों ने नगर निगम प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि सड़क एवं नाली निर्माण कार्यों में बेहतर तालमेल स्थापित किया जाए तथा सड़क को समान चौड़ाई और निर्धारित मानकों के अनुरूप दुरुस्त कराया जाए, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।
(एक संपादकीय दृष्टि)
कैसे स्वीकार कर लूँ कि विकास की वीरांगना हैं दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार?
यह अलग बात है कि 31 जनवरी को महापौर श्रीमती अलका बाघमार का जन्मदिन है और समर्थकों द्वारा अतिशयोक्ति से भरे पोस्टर शहर भर में लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक दल से जुड़ी होने के कारण यह उनका राजनीतिक धर्म भी हो सकता है, लेकिन प्रश्न यह है कि शहर की जनता इन पोस्टरों पर आखिर किस आधार पर विश्वास करे?
कचरे, बदबू और बदहाली का विकास मॉडल
शहर के मध्य सुराना कॉलेज के सामने कचरों का अंबार और उससे उठती दुर्गंध आज भी जनता को मुंह ढकने पर मजबूर कर रही है। भारतीय जनता पार्टी के ही शासनकाल में बनी चौपाटी आज बदहाली की मिसाल बन चुकी है।
सड़कों पर अवैध बाजार लगातार अपने आकार का विस्तार कर रहा है। बस स्टैंड क्षेत्र में संचालित राम रसोई सड़क पर कब्जा कर खुलेआम व्यापार कर रही है। व्यापार में नफा हो या नुकसान—वह अलग विषय है—लेकिन तथ्य यह है कि व्यापार जारी है, और वह भी शहरी सरकार की मौन स्वीकृति के साथ।
अनुबंध समाप्त, कार्रवाई शून्य
बस स्टैंड स्थित राम रसोई का निर्धारित अनुबंध समाप्त हो चुका है, इसके बावजूद नगर निगम द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे भी अधिक आपत्तिजनक यह है कि शहरी सरकार की मुखिया उसी संचालक के साथ मंच साझा करती नजर आती हैं।
मंच से यह जरूर कहा जा रहा है कि “शहरी सरकार ईमानदारी से काम कर रही है”, लेकिन यह ईमानदारी शहर में बढ़ते अतिक्रमण के सामने पूरी तरह अदृश्य हो जाती है।
अतिक्रमण में भेदभाव के आरोप
अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई में भेदभाव अब छिपा नहीं रह गया है।
कपड़ा लाइन में एक विशेष समुदाय पर निरंतर कार्रवाई
वहीं, कपड़ा लाइन के समीप चौक पर अतिक्रमण की भरमार पर चुप्पी
वार्ड क्रमांक 59 में रोहित जैन के ठेले पर की गई तथाकथित कार्रवाई को कई लोग महापौर की निजी जिद का प्रत्यक्ष उदाहरण बता रहे हैं। सवाल यह है कि नियम सबके लिए एक समान क्यों नहीं?
पोस्टर वार में ठेकेदारों की एंट्री
इस बार महापौर के जन्मदिन पर एक नया दृश्य देखने को मिल रहा है—नगर निगम के ठेकेदारों की फौज भी पोस्टर वार में शामिल हो चुकी है।
सभी की अपनी-अपनी राजनीतिक और व्यावसायिक मजबूरियाँ हो सकती हैं, लेकिन शहर की जनता आज जिन समस्याओं से जूझ रही है, वे किसी पोस्टर से छिप नहीं सकतीं।
जमीनी हकीकत बनाम मंचीय भाषण
आज शहर की वास्तविक तस्वीर यह है—
जगह-जगह कचरे के ढेर
अंधेरे रास्ते
सफाई व्यवस्था बदहाल
जल व्यवस्था चरमराई
अतिक्रमण से अस्त-व्यस्त शहर
आवारा पशुओं से आमजन त्रस्त
विकास कार्य कई स्थानों पर ठप
ऐसे में विकास की बात करना कहीं न कहीं चुनावी वादों से जनता को ठगने जैसा प्रतीत होता है, जो महापौर प्रत्याशी के रूप में श्रीमती अलका बाघमार ने किए थे।
निजी संस्थाओं के भरोसे शहर
यदि कुछ निजी संस्थाएँ चौराहों और चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी न उठातीं, तो आज शहर की स्थिति और भी भयावह होती।
वित्त आयोग से मिलने वाले फंड से सड़कों का संधारण हो रहा है, लेकिन यह कोई निजी उपलब्धि नहीं बल्कि एक सतत प्रशासनिक प्रक्रिया है—सरकार किसी की भी हो, यह राशि आती ही है।
शहरी सरकार की कोई ठोस, मौलिक उपलब्धि आज भी ढूंढे नहीं मिलती।
एक अपवाद: नरेन्द्र बंजारे
हाँ, वित्त विभाग प्रभारी नरेन्द्र बंजारे ने उपादान जैसे मामलों में निगम के पूर्व कर्मचारियों के लिए पहल कर एक सकारात्मक उदाहरण जरूर प्रस्तुत किया है। लेकिन समग्र व्यवस्था आज भी शर्मसार नजर आती है।
प्रोटोकॉल और किराए की गाड़ी
विडंबना यह भी है कि महापौर के लिए निगम वाहन आवंटित होने के बावजूद किराए के वाहन में यात्रा की जा रही है—मानो प्रोटोकॉल का आनंद भी सत्ता का एक अलग ही सुख हो।
जन्मदिन, भव्य आयोजन और मीडिया प्रबंधन
सूत्रों के अनुसार, 31 जनवरी का जन्मदिन समारोह अत्यंत भव्य बनाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों को सौंप दी गई है।
कुछ तथाकथित पत्रकारों को साधकर झूठी वाहवाही वाली खबरें भी प्रकाशित कराई जा सकती हैं—ऐसी चर्चाएँ शहर में आम हैं।
20–25 साल में सबसे बदहाल दौर
यदि जमीनी हकीकत देखी जाए, तो शहर पिछले 20–25 वर्षों में अपने सबसे बदहाल दौर से गुजर रहा है।
इस स्थिति की जिम्मेदारी से नगर निगम प्रशासन और शहरी सरकार दोनों नहीं बच सकते।
शहरी सरकार और निगम प्रशासन के बीच समन्वय की कमी साफ दिखाई देती है। वहीं स्थानीय विधायक—जो कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री भी हैं—के साथ बढ़ती दूरी भी शहरी सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाती है।
एक ओर बस स्टैंड को नया स्वरूप देने की योजना, दूसरी ओर बस स्टैंड में राम रसोई के अवैध अनुबंध पर पुरानी सरकार को दोष देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश—यह विरोधाभास शहर की जनता भली-भांति समझ रही है।
अंत में…
खैर, जैसा भी हो—
महापौर हैं, तो जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाएगा।
जब सत्ता है, तो उसका लाभ भी उठाया जाएगा।
फिर भी औपचारिकता निभाते हुए—
महापौर श्रीमती अलका बाघमार को जन्मदिन की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएँ।
बस इतना निवेदन है कि अगला जन्मदिन पोस्टरों में नहीं, बल्कि शहर की सूरत में विकास के रूप में नजर आए।
जगदलपुर, शौर्यपथ। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर लालबाग मैदान, जगदलपुर में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान 16 विभागों द्वारा आकर्षक एवं सुसज्जित झांकियों का भव्य प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर बस्तर पुलिस की झांकी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
बस्तर पुलिस की झांकी की थीम “साइबर सुरक्षित रहेगा बस्तर – बढ़ेगा बस्तर एवं सड़क सुरक्षा” रही। झांकी के माध्यम से आम जनता को साइबर अपराधों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रभावी संदेश दिया गया।
झांकी में डिजिटल अरेस्ट स्कैम, बीमा योजना स्कैम, एपीके फाइल स्कैम तथा इन्वेस्टमेंट स्कैम जैसे बढ़ते साइबर अपराधों के तरीकों को दर्शाते हुए उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। वहीं युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति प्रेरित करने के लिए बैटमैन, स्पाइडरमैन, कैप्टन अमेरिका और हीमैन जैसे लोकप्रिय हेरोइक आइकॉन के माध्यम से हेलमेट पहनने, यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया गया।
बस्तर पुलिस की यह झांकी संदेश, प्रस्तुति और जन-जागरूकता के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रभावशाली रही, जिसे निर्णायक मंडल द्वारा प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
जगदलपुर, शौर्यपथ। गणतंत्र दिवस की 77वीं वर्षगांठ के अवसर पर बस्तर जिला पत्रकार संघ के नयापारा स्थित भवन में पूरे हर्षोल्लास के साथ ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बस्तर के पत्रकारों ने स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस को गरिमामय वातावरण में मनाया। कार्यक्रम में बस्तर जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने ध्वजारोहण किया। इसके पश्चात उपस्थित पत्रकारों ने राष्ट्रगान गाकर तिरंगे को सलामी दी। इस अवसर पर अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का संविधान हमें मौलिक अधिकारों के साथ-साथ देश की रक्षा, सुरक्षा और विकास में योगदान देने का दायित्व भी सौंपता है। इसी भावना के साथ हम गणतंत्र दिवस को उत्साह और उल्लास से मनाते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य पत्रकार साथियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी पत्रकारों ने एकजुट होकर स्वच्छ, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की शपथ ली। साथ ही यह संकल्प भी लिया गया कि बस्तर के विकास के लिए उनकी कलम सदैव तत्पर रहेगी और नक्सलवाद के खात्मे एवं शांति स्थापना के लिए पत्रकार साथी शासन-प्रशासन के साथ मिलकर सकारात्मक भूमिका निभाते रहेंगे। इस अवसर पर प्रमुख रूप से पत्रकार नरेश कुशवाहा, सत्यनारायण पाठक,अनिल सामंत, गुप्तेश्वर सोनी, सुनील मिश्रा, शिव प्रकाश सीजी, धर्मेंद्र महापात्र, सुब्बा राव, निरंजन दास, प्रदीप गुहा, शिव कुमार शुक्ला, जीवानंद हालदार, दीपक पांडे, नवीन गुप्ता, बादशाह खान, कृष्णा झा, रविंद्र दास, धीरज मेहरा, अनिल राव, सुनील साहू, सुलोचना फुंडे, प्रियंका सामंत सहित कार्यालय स्टाफ धनसिंग, भूपेश ठाकुर एवं अन्य पत्रकार साथी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन देशभक्ति के जयघोष और बस्तर के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ हुआ।
बस्तर में गरिमामय ढ़ंग से मनाया गया गणतंत्र दिवस
जगदलपुर, शौर्यपथ। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने 77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर जगदलपुर के लालबाग में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इस अवसर पर उन्होंने गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। गणतंत्र दिवस समारोह में जिला पुलिस बल, केंद्रीय अर्धसैनिक बल, नगर सेना, एनसीसी, स्काउट एवं गाइड्स आदि की 14 टुकड़ियों के द्वारा सलामी दी गई। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जनता के नाम संदेश का वाचन किया। इस अवसर पर हर्ष और उल्लास के प्रतीक रंगीन गुब्बारे आसमान में छोड़े गए। बस्तर जिले में गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई और विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित झांकियों का प्रदर्शन किया गया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस अवसर पर शहीद जवानों के परिजनों को शाॅल-श्रीफल भेंटकर उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट अधिकारी-कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया। साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुति, उत्कृष्ट परेड और झांकी के विजेताओं को पुरस्कृत किए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बेवरेजेस काॅर्पोरेशन अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी, महापौर संजय पांडेय, नगर निमम सभापति खेमसिंह देवांगन, जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष दिनेश कश्यप, उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा, कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी, सीसीएफ आलोक तिवारी एवं सुश्री स्टायलो मण्डावी, सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीशगण, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन जगदलपुर अधिकारी प्रतीक जैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकगण और अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
