August 19, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    शौर्यपथ विशेष / प्यार का दिन, प्यार के इजहार का दिन। अपने जज्बातों को शब्दों में बयां करने के लिए इस दिन का हर धड़कते…

    घटुला सिहावा रोड, तालाब के पास युवक की मोटरसईकल दुर्घटना में मौत हो ग ई है ।

    दुर्घटना के कारणों की अभी जानकारी नही मिल पाई है।

    रायपुर / शौर्यपथ / विधानसभा के अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने कहा है कि शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गांवों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का बढ़िया माध्यम है, स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले खेल प्रतियोगिताएं। डॉ. महंत यहां बिलासपुर जिले के तखतपुर में स्वर्गीय ठाकुर बलराम सिंह की स्मृति में जेएमपी महाविद्यालय खेल परिसर में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राज्य को गौरान्वित करने की क्षमता रखते हैं
    क्रिकेट स्पर्धा के समापन अवसर पर सम्बोधित करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने कहा कि स्थानीय स्तर के खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देना आवश्यक है। निश्चित रूप से इस आयोजन से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है एवं भविष्य में ये खिलाड़ी इससे भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। गौरतलब है कि पंचायत स्तरीय यह स्पर्धा 15 जनवरी से प्रारंभ हुई थी। इसमें 128 टीमों ने भाग लिया जिनमें से 122 पंचायत की एवं 6 नगरीय क्षेत्रों की टीमें शामिल थी।
    कार्यक्रम में संसदीय सचिव एवं तखतपुर विधायक श्रीमती रश्मि आशीष सिंह, बिलासपुर विधायक शैलेष पाण्डेय, बिलासपुर आईजी रतनलाल डांगी, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सिंह चौहान, नगर निगम के सभापति शेख नजरूद्दीन, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चन्द्राकर, नागरिक बैंक के अध्यक्ष आशोक अग्रवाल, आशीष सिंह ठाकुर, विजय केशरवानी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ / नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने ग्राम बरौदा में ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधक और धान उपार्जन केंद्र में चबूतरा और गांव में बनने वाले गौठान का भूमिपूजन भी किया। इस दौरान गांव में आयोजित मड़ई मेला में भी वे शामिल हुए। मंत्री डॉ. डहरिया ने इस अवसर पर कहा कि नवा रायपुर से लगे ग्राम बरौदा की पहचान लगातार बढ़ती जा रही है। सरकार के साथ मिलकर गांव के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने बरौदा को आदर्श ग्राम के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए राज्य की सरकार सदैव सबके साथ है।
    गांव में गौठान बनने से होने वाले फायदे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गौ-पालकों से दो रुपए किलों की दर से गोबर खरीद रही है। किसानों को लाभान्वित करने सरकार द्वारा अनेक कदम उठाए गए हैं। इससे किसानों में आर्थिक समृद्धि आएगी।
    बरौदा में आयोजित मड़ई मेला में उन्होंने कहा कि मड़ई मेला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति को सहेजने का काम हो रहा है। राज्य की सरकार भी छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परम्परा को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। छत्तीसगढ़ी संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ यहा के तीज-त्यौहारों में शासकीय अवकाश देने की शुरूआत की गई है। नौकरी में भी स्थानीय लोगों को अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में मड़ई मेला खुशियों का त्यौहार है। गांव के लोग आपसी-भाईचारें के बीच इस मेले को आयोजित कर मनाते हैं। इस तरह का आयोजन गांव में होता रहे और आप सभी सुख-शांति से सद्भावनापूर्वक रहे यहीं कामना है।
    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास के कार्य किए जा रहे हैं। बिजली बिल भी हाफ किया गया है। स्थानीय बेरोजगारों की भर्ती भी शुरू कर दी गई है। सभा में जिला पंचायत सदस्य  माखन कुर्रे, जनपद अध्यक्ष  खिलेश देवांगन, जनपद सदस्य श्रीमती मधु विकास टण्डन, सरपंच श्रीमती सीमा रहिस बांधे, कोमल साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ / बस्तर में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध वनोपज का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण कर यहां के लोग समृद्धि का नया अध्याय लिखेंगे। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने यह बात बस्तर प्रवास के दौरान वन धन केन्द्र के रुप में धुरागांव में संचालित वनोपज प्रसंस्करण केंद्र की गतिविधियों का अवलोकन करते हुए कही। उन्होंने वनधन केंद्र में तेलगीन माता स्व-सहायता समूह द्वारा टोरा तेल प्रसंस्करण कार्य एवं अमर ज्योति जय माँ सरस्वती समूह द्वारा इमली चटनी सॉस निर्माण कार्य का अवलोकन किया। इसके साथ ही यहां विभिन्न वन धन केन्द्रों में वनोपज प्रसंस्करण का कार्य कर रहे समूहों ने भी अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया।
    बकावंड वनधन केंद्र में काजू प्रसंस्करण, आसना वनधन केंद्र में इमली कैंडी निर्माण, अगरबत्ती निर्माण व चिरौंजी प्रसंस्करण और कुरंदी वनधन केंद्र में वनौषधि प्रसंस्करण का कार्य कर रहे समूहों की महिलाओं से भेंट के दौरान राज्यपाल ने गतिविधियों की जानकारी लेते हुए शासन द्वारा इन उत्पादों की बिक्री के लिए वृहद तौर पर मार्केट उपलब्ध कराए जाने के संबंध में जानकारी दी।
    इस अवसर पर राज्यपाल सुश्री उइके ने प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति घोटिया के जय माँ लक्ष्मी स्व-सहायता समूह पुसगुड़ा गोड़ियापाल को वर्ष 2020-21 में वनोपज संग्रहण के कमीशन की राशि के तौर पर 7 हजार 536 रूपए का चेक प्रदान किया।राज्यपाल ने बस्तर को वन संपदा से भरपूर बताते हुए यहां वनोपज संग्रहण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए इस कार्य में संलग्न महिलाओं के समृद्धि की कामना की।
    राज्यपाल को दिया गया बस्तर काजू, टोरा तेल और इमली चपाती, कैण्डी का उपहार
    इस अवसर पर राज्यपाल सुश्री उइके को समूहों द्वारा बस्तर काजू, टोरा तेल और इमली चपाती, कैण्डी का उपहार दिया गया। राज्यपाल ने बस्तर के इन उत्पादों के उच्च गुणवत्ता की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि वे राजभवन में आने वाले अतिथियों से भी बस्तर के वनोपजों से तैयार अच्छी गुणवत्ता के इन उत्पादों के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगी। इस अवसर पर कमिश्नर जी.आर चुरेंद्र, कलेक्टर रजत बंसल, वनमण्डलाधिकारी सुश्री स्टायलो मंडावी सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समाज सुधारक और आर्य समाज के संस्थापक महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की आज जयंती पर उन्हें सादर नमन किया है। मुख्यमंत्री बघेल ने उन्हें  याद करते हुए कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने लोगों के कल्याण और उनकी शारीरिक, आत्मिक और सामाजिक उन्नति के उद्देश्य के लिए काम किया। उनका सामाजिक योगदान अविस्मरणीय हैं। महर्षि दयानन्द ने सामाजिक कुरीतियों, अन्धविश्वासों, पाखण्डों का खुलकर विरोध किया। आध्यात्मिक पुनरुत्थान के माध्यम से राष्ट्रीय जागरण की दिशा में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महर्षि दयानंद के विचार मूल्य हमें सदा प्रेरित करते रहेंगे।  

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं कृषि मंत्री रविन्द चौबे ने जताई प्रसन्नता

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर बस्तर अंचल के आदिवासी किसानों को लाभदायी खेती के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही उनकी माली हालात को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 1036 करोड़ रूपए की चिराग परियोजना के लिए आज नई दिल्ली में एमओयू हुआ। विश्व बैंक सहायतित 6 वर्षीय चिराग परियोजना बस्तर संभाग के 7 जिलों के 13 विकासखण्डों तथा मुंगेली जिले के मुंगेली विकासखंड के 1000 गांवों में क्रियान्वित की जाएगी।
    चिराग परियोजना के लिए त्रिपक्षीय एमओयू, भारत सरकार वित्त मंत्रालय, विश्व बैंक एवं छत्तीसगढ़ सरकार के प्रतिनिधियों के मध्य हुआ। इस अवसर पर भारत सरकार वित्त मंत्रालय के अपर सचिव वित्त श्री महापात्रा, कन्ट्री डायरेक्टर जुनैद अहमद खान, छत्तीसगढ़ शासन कृषि विभाग के संयुक्त सचिव विलास भोस्कर संदीपन, वित्त विभाग के हरीश छाबड़ा एवं पुनीत कुमार, टॉस्क टीम लीडर चिराग राज गांगुली, विश्व बैंक प्रतिनिधि वरूण सिंह, सह-टॉस्क टीम लीडर चिराग, विश्व बैंक प्रतिनिधि सुश्री जस्टीना विश्लेषक विश्व बैंक के.सी.पैकरा, संयुक्त सचिव कृषि सी.बी. लोंढेकर, संयुक्त संचालक कृषि उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चिराग परियोजना के एमओयू पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने राज्य के कृषि विभाग के अधिकारियों को इस परियोजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि इससे बस्तर अंचल में खेती-किसानी को समृद्ध और लाभदायी बनाने में मदद मिलेगी। इस परियोजना के माध्यम से बस्तर अंचल के किसान भाई परंपरागत खेती के साथ-साथ आधुनिक खेती की ओर अग्रसर होंगे। इससे उनकी माली हालात बेहतर होगी और उनके जीवन में खुशहाली का एक नया दौर शुरू होगा।
    कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने भी चिराग परियोजना के लिए एमओयू होने पर विभागीय अधिकारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि इस परियोजना के जरिए मिलने वाली मदद एवं मार्गदर्शन से बस्तर के कृषक उन्नत खेती की ओर अग्रसर होंगे। सिंचाई के आधुनिक तकनीक जैसे स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिस्टम के उपयोग से कम पानी में ज्यादा सिंचाई की सुविधा का लाभ उन्हें इस परियोजना के माध्यम से उपलब्ध होगा। किसानों को अनाज के साथ-साथ उद्यानिकी एवं दलहन, तिलहन की फसलों की खेती के लिए आवश्यक मदद एवं प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी।
    ’चिराग’ योजना का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के अनुसार उन्नत कृषि, उत्तम स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से पोषण आहार में सुधार, कृषि एवं अन्य उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर कृषकों को अधिक से अधिक लाभ दिलाना है। परियोजना अंतर्गत समन्वित कृषि, भू एवं जल संवर्धन, बाड़ी एवं उद्यान विकास, उन्नत मत्स्य एवं पशुपालन दुग्ध उत्पादन के अतिरिक्त किसान उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ.) द्वारा कृषकों के उपज की मूल्य संवर्धन कर अधिक आय अर्जित करने के कार्य किए जाएंगे। उक्त परियोजना का क्रियान्वयन गौठानों को केन्द्र में रखकर किया जाएगा। कोविड-19 महामारी के कारण कृषि क्षेत्र में आई रूकावटों एवं कठिनाईयों को ध्यान में रखते हुए आय वृद्धि एवं रोजगार सृजन भी इस परियोजना के उद्देश्यों में शामिल है।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / भारतीय थल सेना भर्ती द्वारा थल सैनिक के विभिन्न प्रवर्गों में भर्ती के लिए 17 फरवरी से 2 मार्च 2021 तक पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम दुर्ग में आयोजित होगी। उप संचालक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र राजनांदगांव ने बताया कि जिले के जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व में अपने आवेदन थल सेना भर्ती रैली के लिए प्रेषित किया है वे अपना प्रवेश पत्र निकाल सकते हैं। वर्तमान में रैली के लिए कोई नवीन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। थल सेना भर्ती रैली में शारीरिक परीक्षण के तहत 1600 मीटर की दौड़, न्यूनतम 6 बीम लगाना, 9 फीट का गड्ढ़ा कूदना एवं बैलेंसिंग बीम पर चलना होगा। दौड़ व बीम लगाने के लिए अलग-अलग अंक निर्धारित है साथ ही अन्य क्रियाकलाप में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। भर्ती रैली में सम्मिलित होने के लिए अभ्यार्थी को अपने साथ प्रवेश पत्र, सभी शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, जाति  प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, गैर न्यायिक स्टाम्प पेपर पर हलफनामा निर्धारित प्रारूप अनुसार 10 रूपए के स्टाम्प पेपर पर नोटरी द्वारा सत्यापित, एनसीसी प्रमाण पत्र, 20 रंगीन पासपोर्ट फोटो लेकर समय-सीमा एवं स्थल में अपनी उपस्थिति देना सुनिश्चित करें। साथ ही कोविड-19 को ध्यान रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग एव आवश्यक सामग्री का अवश्य उपयोग करें। 

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ सरकार की महत्त्वकांक्षी योजना गोधन न्याय योजना के ऐतिहासिक निर्णय से छत्तीसगढ़ मुस्कुरा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने गोधन न्याय योजना के तहत अब तक 74.48 करोड़ का गोबर खरीदा है। देश में पहली राज्य सरकार है जो इतनी बड़ी मात्रा में गोबर की खरीदी कर रही है। सरकार पशुपालकों से 2 रुपए किलो गोबर खरीदती है। कोई सोच भी नहीं पाये थे लेकिन वह कार्य कांग्रेस सरकार ने कर दिखाया। छत्तीसगढ़ सरकार के दूरदर्शिता निर्णय के कारण गढबों नवा छत्तीसगढ़ का निर्माण हो रहा है। प्रदेश में महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है। कांग्रेस के सरकार जो कहती है वो वादा पूरा करती है। केन्द्र की भाजपा सरकार तो सिर्फ जुमलों की सरकार है जो पानी में ही पकौड़ा तलता है।
    प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि गोठान में ही खरीदे गए गोबर का वर्मी कंपोस्ट बनाया जाता है। इसके साथ ही इसके मार्केटिंग का भी प्रबंध किया जा रहा है, ताकि इसका लाभ राज्य के किसानों को मिल सके। वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति और उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ-साथ उत्पादित खाद्यान्न की पौष्टिकता भी अच्छी होती है। गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में खरीदे जा रहे गोबर से बड़ी मात्रा में वर्मी कम्पोस्ट खाद का निर्माण जारी है।
    प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि “यह एक ऐसी योजना है जिससे राज्य के किसानों, पशुपालकों और मजदूरों को लाभ होने वाला है। छत्तीसगढ़ की 90 प्रतिशत जनसंख्या अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर करती है। गोधन न्याय योजना इन लोगों के लिये वरदान बन गया लेकिन भारतीय जनता पार्टी के नेता इसका विरोध कर रहे थे?
    प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि गोबर खरीदी को समझना भाजपा के बस की बात नहीं। दरअसल भूपेश बघेल की सरकार ने गोबर खरीदी की जो पहल की है उससे भाजपा के पाँवों के नीचे से जमीन खिसक गयी है। छत्तीसगढ़ के भोली-भाली जनता के प्रति केन्द्र सरकार तो सतौला व्यवहार का रवैया तो था, अब प्रदेश के भाजपा नेता भी नरेन्द्र मोदी के सूर में सूर मिला रहे है। यह बीजेपी की नकारात्मक और छत्तीसगढ़ विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।“

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / परिवहन, विधि विधायी, आवास एवं पर्यावरण, वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने गौरव पथ स्थित राजनांदगांव महुआ प्रसंस्करण केन्द्र का निरीक्षण किया। महुआ प्रसंस्करण केन्द्र में लघुनोपज से निर्माण कर रहे महुआ स्क्वैश (शरबत), महुआ आरटीएस (जूस), महुआ चटनी, महुआ चिक्की, महुआ लड्डू, महुआ पापड़ी बनाए जा रहे हैं। वन मंत्री ने महुआ प्रसंस्करण केन्द्र में कार्य कर रही महिलाओं से उत्पाद की जानकारी ली। प्रसंस्करण केन्द्र में स्थापित मशीनों के कार्य विधि तथा कच्चे माल कक्ष का अवलोकन किया। मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि शासन द्वारा वन उत्पादों का वेल्यू एडिशन किया जा रहा है। वनों से प्राप्त होने वाले उत्पादों की मांग में वृद्धि हुई है। इसके लिए शासन द्वारा प्रभावी कदम भी उठाए जा रहे है। उन्होंने महुआ प्रसंस्करण केन्द्र में बनाए जा रहे उत्पादों के लाभ के बारे में जानकारी ली। उन्होंने महुआ प्रसंस्करण केन्द्र में बनाए जा रहे उत्पादों की सराहना की।
    वनमंडलाधिकारी बीपी सिंह ने बताया कि राजनांदगांव जिला सघन वन एवं जैवविधिता से परिपूर्ण तथा समृद्ध है। यहां लघुवनोपज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। अंचल में लघुवनोपज महुआ बहुतायत प्राप्त होता हैं। जहां विभिन्न श्रृंखला में महुआ से बने स्वादिष्ट उत्पाद महुआ स्क्वैश (शरबत), महुआ आरटीएस (जूस), महुआ चटनी, महुआ चिक्की, महुआ लड्डू एवं सूखा महुआ उपलब्ध है। प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइडे्रट, आयरन एवं कैल्शियम से भरपूर महुआ स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। प्रोसेसिंग यूनिट में जामुन चिप्स भी बनाया जा रहा है, जो प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, विटामिन ए एवं सी से भरपूर है और डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है। इस अवसर पर महापौर श्रीमती हेमा देशमुख, कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा, पुलिस अधीक्षक डी श्रवण सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं आम नागरिक उपस्थित थे।

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