August 19, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    मनोरंजन /शौर्यपथ /बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहती हैं। वो अपने फैंस के बीच चर्चा में बनी रहने के लिए आए दिन दिलचस्प पोस्ट शेयर करती दिखाई दे जाती हैं। हाल ही में शिल्पा एक बार फिर कुछ ऐसे ही कारणों से सुर्खियों में आ गई हैं। उन्होंने अपने पति राज कुंद्रा के साथ एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में दोनों एक इंटरव्यू के दौरान अपनी पर्सनल लाइफ पर बात करते नजर आ रहे हैं। वहीं इस बीच राज सबके सामने 'बेडरूम सीक्रेट' शेयर कर देते हैं, वहीं शिल्पा ये सुनकर शिल्पा चौंक जाती हैं और शर्म से लाल हो जाती हैं।
    दरअसल, शिल्पा शेट्टी ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है। ये वीडियो उनके एक कॉन्टेस्ट के तहत लिया गया है। वैलेंटाइन डे के मौके पर इस पावर कपल ने यॉर ड्रीम स्टोरी शेयर करने का एक कॉन्टेस्ट रखा था। वीडियो में राज कुंद्रा, शिल्पा शेट्टी से पूछते कि तुम्हारा फेवरेट जॉनर कौन सा है. इस पर शिल्पा शेट्टी कुछ नहीं कहतीं हैं तो राज शरारती अंदाजा लगाते हुए खुद ही बोल पड़ते हैं- 'फिफ्टी शेड्स ऑप ग्रे'... ये सुनते ही शिल्पा शेट्टी शर्म से लाल हो जाती हैं और जोरों से हंसने लगती हैं। वीडियो में दिख रहा है कि राज भी बाद में हंसते हुए कहते हैं- सॉरी यह हमारा बेडरूम सीक्रेट है। यहां देखें शिल्पा द्वारा शेयर किया वीडियो-
    इस वीडियो को शेयर करते हुए शिल्पा अपने फैंस को पार्टनर के लिए एक नसीहत देते हुए लिखती हैं- 'किसी ऐसे को ढूंढो जो आपको पागल बनाए और उसी वक्त आपको हंसाए भी... इसके जैसा'। वहीं शिल्पा के इस वीडियो को ताबड़तोड़ प्रतिक्रियाएं भी मिल रही हैं। हर कोई इन दोनों की कैमिस्ट्री को खूब पसंद कर रहा है।

    रायपुर / शौर्यपथ / पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू की मुख्य आतिथ्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत की अध्यक्षता में आज मैनपाट के रोपाखार में आयोजित तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का समापन समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री साहू ने संस्कृति मंत्री भगत की मांग पर मैनपाट में चिन्हांकित 14 नए पर्यटन पॉइंट में पहुंच मार्ग के साथ ही अन्य विकास कार्यों के प्रस्ताव को तत्काल स्वीकृति देने की बात कही।
    मंत्री साहू ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मैनपाट सरगुजिहा, भोजपुरी और तिब्बती संस्कृतियों का त्रिवेणी संगम है। यहां पहाड़, झरने, नदी, इमारती लकड़ी, वनौषधि पौधों की समृद्धि ही नही बल्कि लोक कला और संस्कृति का गौरवशाली इतिहास भी है। यही कारण है कि विश्व पर्यटन के नक्शे पर मैनपाट पर्यटकों का पहली पसंद है। उन्होंने कहा कि महोत्सव आयोजन का उद्देश्य विभिन्न संस्कृतियों एवं अपनी परम्पराओं को सहेजने के साथ युवाओं को अवगत कराना और समझाना भी है। मैनपाट की माटी में प्रभु श्री राम के चरण रज मिले हुए हैं। इन सब कारणों से छत्तसीगढ़ शासन ने यहां के निवासियों को रोजगार के साधन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए कमलेश्वरपुर में 21 करोड़ रुपये की लागत से एथनिक रिजॉर्ट कार्य कराया जा रहा है। वन विभाग द्वारा भी यहां के पर्यटन पॉइंट में 3 करोड़ 50 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्य कराए जा रहे हैं। मंत्री साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ में पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। इसके लिए पर्यटन नीति भी तैयार कर लिया गया हैं।
    समापन समारोह में छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष थानेश्वर साहू, छ्त्तीसगढ़ खाद्य आयोग के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह बाबरा, पुलिस महानिरीक्षक आरपी साय, क्लेक्टर संजीव कुमार झा, मुख्य वन संरक्षक अनुराग श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक टीआर कोशिमा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में पर्यटक उपस्थित थे।

    ० लोकसभा में सांसद संतोष पाण्डेय ने उठाया मुद्दा
    ० अवैध तस्करों व उत्खनन करने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई : पाण्डेय

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / लोकसभा सत्र के दौरान राजनांदगांव जिले के सांसद संतोष पाण्डेय ने अपने संसदीय क्षेत्र अंतर्गत मोहला-मानपुर एवं चौकी में रहे अवैध उत्खनन और सागौन तस्करी का मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन में अवैध उत्खनन करने वाले तथा सागौन की अवैध तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
    सांसद संतोष पाण्डेय ने अपने व्यक्तव्य में कहा कि मेरे संसदीय क्षेत्र राजनांदगांव जिले के वनांचल व आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्र मानपुर मोहला व चौकी में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की धज्जियां उड़ाते हुए बेतहासा अवैध खनन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन खराब हो रहा है और खतरे में है। अवैध रेत उत्खनन की स्थिति यह है कि विकासखंड मानपुर अंतर्गत ग्राम तोलुम व नवागांव में नदी की दिशा ही बदल गई है और रेत माफिया बेधड़क अवैध उत्खनन कर रहें हैं।
    सांसद संतोष पाण्डेय ने आगे कहा कि बिना रॉयल्टी पर्ची के अवैध उत्खनन किया जा रहा है जिससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये का आर्थिक आघात हो रहा है। वहीं अवैध रूप से जंगलों को काटकर सागौन व इमारती लकड़ियों की तस्करी महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश में किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। इस वजह से नदी की सीमाओं से लगे खेतों के क्षरण से आदिवासी किसानों की फसल उपजाऊ नहीं हो रही है और उन्हें आर्थिक व मानसिक रूप से परेशानी हो रही है, जिसके विरोध पिछले दो वर्षों से ग्रामीणों द्वारा लगातार किया जा रहा है।
    सांसद संतोष पाण्डेय ने इस विषय में छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वर्तमान में पूरे प्रदेश में अवैध उत्खनन व तस्करों का मनोबल बढ़ा हुआ है। इन लोगों पर सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करना राज्य सरकार की भूमिका पर सवालिया निशान खड़ा करती है। इन तस्करों व रेत माफियाओं को सरकार द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है, जिसकी वजह से उनके हौसले इतने बुलंद है कि वे प्रशासन के नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए बेखौफ होकर नदियों से अवैध रेत व जंगलों को काटकर बेशकीमती सागौन व इमारती लकड़ियों की तस्करी कर रहे हैं। इन लोगों की वजह से क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन लगातार बिगड़ता जा रहा है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुँच रहा है, इसलिए इस प्रकार के कार्यों में संलिप्त लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।

    रायपुर/ शौर्यपथ / बस्तर के पत्रकारों लीलाधर राठी और गणेश मिश्रा के खिलाफ बीते 12 फरवरी को माओवादियों द्वारा जारी किये गए नामज़द पर्चे में जारी बयान की छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन कड़े शब्दों में निंदा करता है।
    समय है जब सभी संघ संगठनों और पत्रकारों को एक होने की जरूरत है ताकि कोई भी देश के चौथे स्तंभ पर तिरछी आंख उठाकर ना देख सके। इस मामले को लेकर होने वाले धरना प्रदर्शन आंदोलन में छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन हिस्सा लेगी और गलत के खिलाफ अपनी आवाज निश्चित तौर पर बुलंद करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। पत्रकार एकता जिंदाबाद

    रायपुर/ शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन की कवर्धा जिला इकाई को यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अमित गौतम ने तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। लगातार निष्क्रियता के चलते प्रदेश अध्यक्ष ने यह निर्णय लिया है।
    आगामी 15 कार्य दिवस में यूनियन के प्रदेश सचिव जितेंद्र नामदेव को जिम्मेदारी सौंपी जाती है कि वह जिला इकाई की बैठक कराकर नई कार्यकारिणी का गठन करें। ज्ञात हो कि कुछ दिन पूर्व अनुशासनहीनता के चलते कोंडागांव जिला इकाई को प्रदेश अध्यक्ष अमित गौतम ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया था।
    प्रदेश अध्यक्ष की सोच के अनुसार यूनियन में कार्य करने वाले,पत्रकारों का हित समझने वाले और यूनियन को परिवार मानने वाले साथियों की जरूरत है ना कि यूनियन के माध्यम से केवल व केवल स्वार्थ सिद्धि करके यूनियन को उपयोग करने वाले की।

    दुर्ग / शौर्यपथ / साल भर पहले उद्यानिकी प्रभार सँभालते ही प्रभारी श्रीमती सत्यवती वर्मा की एक सोंच भिलाई जैसा भव्य हो दुर्ग का फ्लावर शो ने आज जमीनी रूप में शहर की जनता को दिखा दिया कि भिलाई के मैत्री गार्डन जैसे बड़े स्थान और भिलाई इस्पात संयंत्र जैसी बड़ी संस्था से मुकाबले में दुर्ग निगम भी मजबूती के साथ खड़ा है हालंकि यहाँ कोई प्रतियोगिता नहीं हो रही किन्तु भिलाई के मैत्री गर्दन जैसे विशाल क्षेत्र के मुकाबले दुर्ग के सिमित क्षेत्र में एक सफल आयोजन श्रीमती सत्यवती वर्मा की सोंच के साथ दुर्ग के युवा महापौर के साथ ने आज दुर्ग में हुए फ्लावर शो के सफल आयोजन से दुर्ग निवासियों को एक नए उत्सव का अहसास करा दिया . नगर पालिक निगम दुर्ग के द्वारा लगातार दूसरे वर्ष फ्लावर शो का कार्यक्रम राजेंद्र पार्क का आयोजन किया गया।
    सुबह 11:00 बजे उद्घाटन शहर विधायक अरुण वोरा, महापौर धीरज बाकलीवाल, आर एन वर्मा, पूर्व महापौर के द्वारा किया गया जिसमें अध्यक्षता महापौर धीरज बाकलीवाल एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में सभापति राजेश यादव, प्रदीप चौबे, प्रतिमा चंद्राकर ,गया पटेल, राजेंद्र साहू तथा पर्यावरण प्रभारी सत्यवती वर्मा की उपस्थिति में संपन्न हुआ ।
    फ्लावर शो देखने के लिए शहर में एक अलग सा माहौल दिखा लोग परिवार सहित राजेन्द्र पार्क फ्लावर शो के देखने के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और आसपास लगे स्टॉल, खाने पीने के छत्तीसगढ़ व्यंजनों का लुत्फ उठा रहे थे। दुर्ग निगमायुक्त इंद्रजीत बर्मन,ईई मोहन पुरी गोस्वामी, स्वास्थ अधिकारी दुर्गेश गुप्ता एवं निगम के अधिकारी कर्मचारी कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे।
    सेनिटाइजर लेकर खड़े रहे निगम के कर्मचारी
    कोविड-19 का प्रभाव भले ही कम हो गया हो पर सावधानी बरतने में निगम दुर्ग कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। भीड़ ना हो इसलिए क्षेत्र का विस्तार किया गया निगम के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी स्वास्थ्य प्रभारी दुर्गेश गुप्ता के मार्गदर्शन में आम जनता के बीच मौजूद रहे प्रवेश द्वारा पर निगम के कर्मचारियों के साथ स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता स्वयं सेनेटाइजर लेकर मुख्य द्वार पर तैनात रहे ।
    फ्लावर शो की प्रंशसा
    दुर्ग निगम के द्वारा लगातार दूसरे बार फ्लावर शो का आयोजन किया गया जिसे देखकर दुर्ग शहर विकास में महापौर धीरज बाकलीवाल और उद्यानिकी प्रभारी के प्रयासों की तारीफ़ और चर्चा आम जनता के बीच रही ।
    दुर्ग निगम के इस भव्य फ्लावर शो कार्यक्रम में इस बार माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप आम जनता को शासन की कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराते हुए मॉडल तैयार किया गया था। इसमें मुख्यमंत्री शहरी सनम स्वास्थ योजना पौनी पसारी योजना गोधनिया योजना एवं अनेक प्रजाति के फूलों की प्रदर्शनी फलों की प्रदर्शनी की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई । नगर पालिक निगम दुर्ग के द्वारा पारिवारिक वातावरण के अनुसार मनोरंजक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए ।
    दुर्ग निगम के पार्षदगण भी फ्लावर शो कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
    जिलाधीश भी पहुंचे सपरिवार
    निगम प्रशासन द्वारा आयोजित इस फ्लावर शो को देखने जिलाधीश डॉ. भूरे शाम के समय सपत्निक राजेन्द्र पार्क पहुंचे एवं निगम के प्रयास की तारीफ की साथ ही जमीनी व्यवस्था से संतुष्ट नजर आये .
    नहीं दिखे गुलाब के फुल
    फ्लावर शो के एक दिन पहले ख़राब गुलाब फुल देख कर नए गुलाब फुल ठेकेदार को लाने की हिदायत दी गयी किन्तु शायद समय पर ज्यादा मात्रा में गुलाब के फूलो की व्यवस्था ना हो सकी इसलिए शायद राजेन्द्र पार्क में आयोजित फलावर शो की साज सज्जा में गुलाब के फुल नदारद रहे .
    शहीदों को भूली निगम प्रशासन
    फलावर शो में जब शहर वासियों ने देखा कि एक मंच ऐसा भी बना था जहाँ दुर्ग के कद्दावर कांग्रेसी नेता स्व. मोतीलाल वोरा को श्रधांजलि देने के लिए मंच सजाया गया वही लोगो में ये चर्चा का विषय रहा कि ३ साल पहले आज ही के दिन पुलवामा में शहीद हुए ४० जवानो की याद में कोई मंच नहीं बनाया गया जो कि आम जनता में चर्चा का विषय रहा .
    गृहमंत्री इस बार भी नहीं पहुंचे ..
    दुर्ग निगम क्षेत्र में प्रदेश के कद्दावर मंत्री ताम्रध्वज साहू का भी निवास स्थान है ये संयोग दूसरी बार हुआ कि प्रदेश के गृह मंत्री गृह क्षेत्र में होने के बाद भी दुर्ग निगम प्रशासन द्वारा आयोजित फ्लावर शो में नहीं पहुंचे चर्चा तो यहाँ तक हो रही है कि पिछली बार की तरह इस बार भी गृहमंत्री के पास निगम प्रशासन या जनप्रतिनिधि की तरफ से कोई अधिकारिक आमंत्रण हीं दिया गया .
    मिडिया को भी रखा निगम प्रशासन ने फ्लावर शो से दूर
    वैसे तो निगम प्रशासन को किसी भी तरह की विज्ञप्ति जारी करनी होती है तो दुर्ग क्षेत्र के मिडिया कर्मियों को याद करती है किन्तु बार के आयोजन में दुर्ग निगम प्रशासन ने मिडिया कर्मियों को भी आमंत्रण नहीं दिया इस बारे में जनसंपर्क विभाग से ज्ञात हुआ कि नोडल अधिकारी द्वारा आमंत्रण कार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया वही जब इस बारे में निगम आयुक्त से जानकारी चाही गयी तो ज्ञात हुआ कि सभी कार्यो की जिम्मेदारी ईई मोहनपुरी गोस्वामी की थी क्यों आमंत्रण नहीं दिया गया इस बारे में पता किया जाएगा . वैसे भी दुर्ग निगम के ईई मोहन पूरी गोस्वामी मिडिया से दूर ही रहते है हो सकता है कि किसी बात से निजी द्वेष के कारण मिडिया कर्मियों को आमंत्रण नहीं दिया गया हो . किन्तु फिर भी कई मिडिया कर्मी समाचार संकलन के लिए पत्रकारिता के कार्य का निर्वहन करते हुए आयोजन स्थल पहुंचे .
    पार्किंग की नहीं रही समुचित व्यवस्था ..
    जिस तरह दुर्ग की जनता में उत्साह था फ्लावर शो को लेकर उसकी उम्मीद शायद निगम प्रशासन को भी नहीं थी और यही कारण रहा होगा कि फ्लावर शो देखने आने वाले लोग वाहन पार्किंग के लिए जगह खोजते रहे और बेतरतीब वाहन पार्किंग के कारण वाहन निकलने और लगाने में परेशानी होती रही

    रायपुर / शौर्यपथ / सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति के लिए तेरापंथ के परमआचार्य महाश्रमण जी का अहिंसा यात्रा निश्चित ही समाज में शांति और सद्भाव स्थापित करने के दिशा में सार्थक होगी। इससे लोग सामाजिक कुरीतियों से दूर होकर प्रदेश के विकास के लिए सहभागी होंगे। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने उक्त बातें आज आज जैन स्वावलंबियों द्वारा जैनम मानस भवन, नवा रायपुर में आयोजित मर्यादा महोत्सव में कही।
    सुश्री उइके ने कहा कि भारत ही साधु-संतों और महात्माओं का देश रहा है। यहां की भूमि में आचार्य महाश्रमण जी के पदार्पण से छत्तीसगढ़ गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने कहा कि मैं साधु-संतो और महापुरूषों की बताए हुए रास्तों पर चलकर दिन-दुखियों और प्रदेशवासियों के सेवा के लिए तत्पर रहने का संकल्प ली। उल्लेखनीय है कि 157वां मर्यादा महोत्सव के अवसर पर तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अधिशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी के प्रथम नगर आगमन पर मंगल प्रवेश समारोह का आयोजन किया गया था।
    सुश्री उइके ने कहा कि आचार्य महाश्रमण जैन धर्म के श्वेताम्बर तेरापंथ शाखा के संत हैं। श्री महाश्रमण जी इस यात्रा के माध्यम से पूरे मानव समाज को सद्भावना, नैतिकता और नशा मुक्ति का संदेश दे रहे हैं। मैं कामना करती हूं कि वे जिस पवित्र उद्देश्य को लेकर यात्रा कर रहे हैं, उसमें वे अवश्य सफल होंगे। हमारा छत्तीसगढ़ भी साधु-संतों, महात्माओं का प्रदेश रहा है। इस परम्परा का निर्वाह सदियों से होता रहा है। जब-जब समाज में किसी प्रकार का संकट आया, संतों ने सहीं रास्ता दिखाया।
    राज्यपाल सुश्री उइके ने सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति के लिए आचार्य श्री महाश्रमण जी द्वारा तीन देशों नेपाल, भूटान सहित भारत के 23 राज्यों में किए गए लगभग 50 हजार किलोमीटर की अहिंसा यात्रा की सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के जंगलों व जटिल रास्तों कोंटा, दंतेवाड़ा, गीदम, जगदलपुर, कोंडागांव, केशकाल और धमतरी होते हुए राजधानी रायपुर में आयोजित मर्यादा महोत्सव में पदार्पण पर अभिनंदन किया। सुश्री उइके ने कहा कि आचार्य श्री महाश्रमण जी का जीवन त्याग की प्रतिमूर्ति है। वे सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वासों पर प्रहार करते हुए सहनशीलता की सीख देते हैं। बुराई छोड़ो, नशा छोड़ो, भ्रूण हत्या मत करो, भेदभाव मत करो, लोक-जीवन में शुद्धता आए, राष्ट्रीय चरित्र बने- इन्हीं उपक्रमों एवं कार्यक्रमों को लेकर वे सुबह से शाम तक गांव हो या शहर आम जनों से मिलते हैं, उन्हें संदेश देते हैं, एक-एक व्यक्ति को समझाते हैं। इस प्रकार आचार्य जी समाज का निर्माण और उत्थान करते हुए निरन्तर आगे बढ़ रहे हैं, उनका यह जीवन समाज के लिए एक रोशनी है। राज्यपाल सुश्री उइके ने इस मौके पर जैन समाज द्वारा संचालित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी अवलोकन कर आयोजन समिति की प्रशंसा की।

    जनता की खुशहाली और राज्य के विकास को लेकर रखा सरकार का विजन
    ’उपयोगी निर्माण-जन हितैषी अधोसंरचनाएं और आपकी अपेक्षाएं’ विषय पर की चर्चा
    राज्य के बहुमूल्य संसाधनों का उपयोग करके छत्तीसगढ़ के लोग भी समृद्ध और खुशहाल बने
    सड़क, बिजली और सिंचाई संसाधनों के नेटवर्क को पूरा करने पर जोर
    गौठान बन रहे हैं बहुआयामी सांस्कृतिक, आर्थिक गतिविधियों के केन्द्र
    स्कूल शिक्षा में गुणात्मक सुधार का रोडमैप तैयार
    स्थानीय संसाधनों में वेल्यू एडिशन से संबंधित पाठ्यक्रम उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रारंभ करने की पहल
    युवाओं में उद्यमिता के विकास के साथ रोजगार सृजन के प्रयास
    छत्तीसगढ़ की नई जल संसाधन विकास नीति तैयार
    चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय को अधिग्रहित करने का फैसला
    कांकेर, महासमुन्द और कोरबा जिले में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रसारित अपनी मासिक रेडियोवार्ता लोकवाणी की 15वीं कड़ी में ’उपयोगी निर्माण-जन हितैषी अधोसंरचनाएं और आपकी अपेक्षाएं’ विषय पर प्रदेश की जनता की खुशहाली और विकास को लेकर राज्य सरकार के विजन पर अपने विचार विस्तार से रखे।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के बहुमूल्य संसाधनों का उपयोग करके छत्तीसगढ़ के लोग भी समृद्ध और खुशहाल बने। अधोसंरचना विकास के कार्यों में सड़क, बिजली और सिंचाई संसाधनों के नेटवर्क को पूरा करने पर जोर दिया गया है, ताकि अधोसंरचना विकास के कार्यांे का पूरा लाभ प्रदेश की जनता को मिल सके। गांव-गांव में महिला स्व सहायता समूह तथा प्रतिभावान युवाओं के नवाचार से प्रदेश में समृद्धि और खुशहाली का नए रास्ते बनाने की शुरूआत हो चुकी है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव-गांव में ऐसी अधोसंरचनाएं तैयार की जा रही हैं। जिनका लाभ बड़े पैमाने पर लोगों को मिलता है। नरवा, गरवा, घुरवा, बारी प्रोजेक्ट की शुरूआत छत्तीसगढ़ की इन चार चिनहारी को बचाने के लिए की गयी। गौठान बहुआयामी सांस्कृतिक, आर्थिक गतिविधियों के केन्द्र बन रहें हैं। गांवों में बाड़ी की पुरानी परम्परा को वापस लाया जा रहा है। राज्य की सिंचाई क्षमता दोगुनी करने के लिए प्रदेश की नई जल संसाधन नीति तैयार करने का काम पूरा हो चुका है। वर्मी कम्पोस्ट से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा में गुणात्मक सुधार का रोडमैप बनाया है। इसी तरह उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, कृषि शिक्षा और इंजीनियरिंग कॉलेजों में ऐसे पाठ्यक्रम प्रारंभ करने पर जोर दिया गया है, जिससे स्थानीय संसाधनों के वेल्यू एडिशन से उत्पादन का रास्ता बने। युवाओं में उद्यमिता का विकास हो और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलंे। पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय विकास को गति देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
    लोकवाणी में आम जनता से राज्य सरकार की योजनाओं पर मिलता है फीडबैक
    मुख्यमंत्री ने लोकवाणी में श्रोताओं का अभिवादन करते हुए छत्तीसगढ़ी में कहा-सब्बो झन ला मोर जय जोहार, नमस्कार, जय सियाराम। लोकवाणी मं आके मोला अब्बड़ खुसी लागथे, काबर कि हमन सरकार मं बइठके जउन निरनय लेथन, वो बात ल आप सब झन कइसे समझथव, अऊ योजना मन ल कइसे अपनाथव, ऐखर बारे मं मोला सब जानकारी लोकवाणी ले हो जाथे। आप मन ले गोठ-बात करके हमर आत्मविश्वास घलो बाढ़थे, अऊ काम करेके नवा रद्दा घलो मिलथे। तेखर बर जम्मो ‘लोकवाणी’ सुनइया मन ल, गाड़ा-गाड़ा सुभकामना अऊ धन्यवाद।
    श्रोताओं ने कहा ‘नरवा, गरवा, घुरवा और बारी’ प्रोजेक्ट से गांवों में मिली अधोसंरचना को दिशा
    लोकवाणी के लिए रिकार्ड कराए गए अपने संदेश में बेमता के भूपेन्द्र कुमार शर्मा ने कहा कि नई सरकार बनने के बाद किसानों को काफी राहत मिली। महासमुंद जिले की बम्हनी ग्राम पंचायत की रूक्मणी पाल ने बताया कि उनके जय मां सरस्वती महिला स्व-सहायता समूह ने गोबर से 200 क्विंटल खाद बनाई, जिससे 1 लाख 77 हजार रुपए आय हुई। आरंग के नंद कुमार ने कहा कि ‘नरवा, गरवा, घुरवा और बारी’ प्रोजेक्ट से अधोसंरचना विकास की एक दिशा दिखी है।
    जल संरक्षण और संवर्धन के लिए 30 हजार नरवा चिन्हांकित
    मुख्यमंत्री ने श्रोताओं से रू-ब-रू होते हुए कहा कि निश्चित तौर पर ‘नरवा, गरवा, घुरवा, बारी’ हमारा ड्रीम प्रोजेक्ट है और इसकी शुरुआत हमने छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी को बचाने के लिए किया था। नरवा के काम में पंचायत और ग्रामीण विकास, जल संसाधन विकास विभाग, वन विभाग आदि की मदद ली जा रही है। लगभग 30 हजार नरवा चिन्हांकित किए गए हैं और लगभग 5 हजार नरवा विकास का काम काफी आगे बढ़ चुका है। गरवा को लोग सिर्फ गाय, दूध और पशुधन विकास तक ही समझते थे, हमने गरवा के माध्यम से गौठान की योजना बनाई। इस तरह लगभग 10 हजार गौठानों के निर्माण की मंजूरी दे चुके हैं, जिनमें से 5 हजार से ज्यादा गौठानों का निर्माण पूरा हो चुका है। अब गौठान की पहचान एक ऐसी अधोसंरचना के रूप में हो चुकी है, जो सिर्फ गायों को रोकने की जगह ही नहीं है बल्कि गोधन न्याय योजना के माध्यम से गोबर खरीदी केन्द्र, महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट बनाने और बेचने का केन्द्र, गोबर से अन्य कलात्मक वस्तुएं बनाने का केन्द्र भी विकसित हुआ है। एक तरह से गौठान बहुआयामी सांस्कृतिक, आर्थिक गतिविधियों के केन्द्र बन रहे हैं। मुझे यह देखकर खुशी होती है कि हमारे गांव-घर की बाड़ियों में उपजाई जाने वाली सब्जी-भाजी- फल कुपोषण मुक्ति का सहारा बन रहे हैं।
    आगामी 5 वर्षों में राज्य की सिंचाई क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी नरवा योजना प्रदेश में भू-जल की रिचार्जिंग का बहुत बड़ा साधन बन रही है। हमारे प्रयासों को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा भी सराहा गया है। बिलासपुर और सूरजपुर जिले की परियोजनाओं को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। हमने पुरानी जल संसाधन परियोजनाओं की कमियों को दूर किया ताकि वास्तविक सिंचाई का रकबा बढे़, इसके अलावा भी बड़ी-बड़ी नई योजनाएं हाथ में ली हैं। बोधघाट के अलावा शेखरपुर बांध, ढांडपानी बांध, रेहर अटेम जैसी 15 परियोजनाओं पर ध्यान दिया जा रहा था। हमारा लक्ष्य है कि आगामी 5 साल में प्रदेश में ऐसी जल अधोसंरचनाओं का विकास हो जाए, जिससे राज्य की सिंचाई क्षमता दोगुनी हो जाए। मैं यह खुशखबरी भी साझा करना चाहता हूं कि छत्तीसगढ़ की नई जल संसाधन विकास नीति तैयार करने का काम पूरा हो चुका है। जल्दी ही प्रदेश को नई जल संसाधन नीति के रूप में अधोसंरचना विकास की नई सौगात मिलेगी।
    ग्रामीणों ने धान खरीदी केन्द्रों में चबूतरा निर्माण को बताया उपयोगी
    लोकवाणी में ग्राम डबराखुर्द के श्री राजेश कुमार कनौजिया ने बताया कि ग्रामीण सेवा सहकारी समिति झाल खम्हरिया में और ग्राम कोसरंगी के श्री सोम प्रकाश साहू ने बताया कि धान खरीदी केन्द्रों में चबूतरा बनने से हमारा धान खराब नहीं होता है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
    गौठानों में 61 हजार वर्मी कम्पोस्ट टंकी और करीब 5 हजार चारागाहों का निर्माण
    मुख्यमंत्री ने लोकवाणी में कहा कि आप लोगों ने इस बदलाव को महसूस किया, उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। हम महात्मा गांधी नरेगा के साथ विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से गांव-गांव में ऐसी अधोसंरचनाओं का विकास कर रहे हैं, जिसमें बहुत बड़े पैमाने पर लोगों को लाभ मिलता है। इस तरह एक ओर जहां हमने हजारों गौठानों के निर्माण की व्यवस्था की, वहीं गौठानों में लगभग 61 हजार वर्मी कम्पोस्ट टंकी बनवा चुके हैं। करीब 5 हजार चारागाह बनाए हैं। भवनविहीन आंगनबाड़ियों के लिए भवन बना रहे हैं। नवगठित ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन बना रहे हैं। उसी प्रकार धान उपार्जन केन्द्रों में 8 हजार चबूतरे बनवाए गए हैं, जिसका जिक्र आप लोगों ने किया, इससे धान को सुरक्षित रखने में मदद मिल रही है। गांवों में ऐसी अधोसंरचनाओं की बहुत जरूरत है, जिससे हमारे ग्रामीण भाई-बहन और बच्चे गांवों में एक नई तरह की व्यवस्था महसूस कर सकें। वे देख सकें कि सरकार का काम खाली शहरी अधोसंरचना का विकास ही नहीं है, गांव वालों की जरूरतें पूरी करने के लिए भी बहुत से काम करना जरुरी है। मुझे खुशी है कि हमने सही समय में गांव वालों की जरूरतों की पहचान कर ली है और उसके अनुरूप निर्माण के निर्णय ले रहे हैं।
    इंग्लिश मीडियम स्कूलों में कमजोर वर्ग के बच्चों को मिलेगी अच्छी शिक्षा
    लोकवाणी में कोरबा के श्री कुश शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ‘उपयोगी निर्माण और जनहितैषी अधोसंरचना’ के मामले में ऐसा विकास कर रही है, जो आम लोगों से सीधा जुड़ा है। राज्य सरकार के इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू करने के फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए शिक्षा सुलभ हो पाएगी, इसके लिए मुख्यमंत्री जी धन्यवाद के पात्र हैं।
    राज्य सरकार ने तैयार किया स्कूल शिक्षा में गुणवत्ता सुधार का रोडमैप
    मुख्यमंत्री ने लोकवाणी में कहा कि हमने स्कूल शिक्षा में गुणवत्ता सुधार का एक रोडमैप बनाया है, जिसके अनुसार विभिन्न शालाओं में बहुत से कार्य किए जा रहे हैं, जिनसे बच्चों के व्यक्तित्व का सम्पूर्ण विकास हो, जिससे वे आगे चलकर डॉक्टर, इंजीनियर ही नहीं बल्कि शोधकर्ता, खिलाड़ी, प्रबंधक या अपनी रुचि के अनुसार कोई भी कैरियर अपना सकें। उन्होंने कहा कि महंगे और सजावटी विकास से किसी का भला नहीं होता, वास्तव में यह देखना चाहिए कि निर्माण की गुणवत्ता कैसी है और उससे सेवा की गुणवत्ता में कैसे सुधार होगा। ‘स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना’ का विचार ही इसलिए आया कि सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के सामने सम्मानपूर्वक खड़ा किया जाए। ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय बच्चे उन सुविधाओं से वंचित न हों, जो उनके भविष्य निर्माण के लिए जरूरी हैं। इसलिए सरकारी क्षेत्र में हम इंग्लिश मीडियम स्कूल के माध्यम से वह सुविधाएं ला रहे हैं।
    युवाओं में बढ़ा कृषि शिक्षा की ओर रुझान
    इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति प्रो. एस. के. पाटिल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि तथा उद्यानिकी को बढ़ावा मिलने से और 31 महाविद्यालयों का वृहद नेटवर्क खड़ा होने से युवाओं में कृषि शिक्षा की ओर रुझान बढ़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को इसके लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि अपने युवाओं में कौशल विकास हेतु विश्वविद्यालयों में उत्पादन केन्द्र तथा युवाओं की कंपनियां स्थापित करने का अभिनव विचार दिया है। इसके माध्यम से युवा, कृषि को एक व्यवसाय के रूप में लेने आगे आ रहे हैं। रायगढ़ के किरण मौर्य ने कहा कि रायगढ़ जिले में स्वर्गीय नन्दकुमार पटेल यूनिवर्सिटी शुरू होने से हम छात्र-छात्राओं को शिक्षा संबंधी कार्यों के लिये बिलासपुर नहीं जाना पड़ेगा।
    विश्वविद्यालयों में उत्पादन केन्द्र तथा युवाओं में उद्यमिता विकास के कार्य की नई शुरूआत
    मुख्यमंत्री बघेल ने इस संबंध में कहा कि मैं किसान परिवार से हूं। मैं किसान हूं, इसे गौरव का विषय मानता हूं, लेकिन एक लम्बे दौर में हमारे युवाओं के मन में यह बात बैठ गई है कि खेती-किसानी के बारे में चर्चा करना या उसमें अपना कैरियर ढूंढना कोई बहुत अच्छी बात नहीं है। खेती-किसानी को लेकर युवाओं के मन में सम्मान का भाव नहीं होने की एक बड़ी वजह थी कि खेती और उच्च शिक्षा के बीच की कड़ी ही मिसिंग थी। हार्वर्ड विश्वविद्यालय में भ्रमण के दौरान मेरे मन में यह बात आई थी कि विश्वविद्यालयों में उत्पादन केन्द्र तथा युवाओं में उद्यमिता विकास को लेकर कोई संरचनागत, संस्थागत काम होना चाहिए, जिसमें निरंतरता हो और युवाओं को कृषि से संबंधित रोजगार के नए अवसरों की जानकारी हो, उन्हें मार्गदर्शन व सहयोग मिले। छत्तीसगढ़ में यह शुरुआत एक सुखद संकेत है। इसलिए हमने यह तय किया कि उतने ही इंजीनियरिंग कॉलेजों को महत्व मिले जितने में गुणवत्ता से शिक्षा दी जा सके और उसमें भी ऐसे पाठ्यक्रम होने चाहिए जो स्थानीय संसाधनों के वेल्यू एडीशन से उत्पादन का रास्ता बनाएं। यह तो विडम्बना ही थी कि हमारे कृषि प्रधान राज्य में इंजीनियरिंग कॉलेजों की भरमार हुई लेकिन कृषि शिक्षा के कॉलेज समुचित संख्या में नहीं खोले गए, इसलिए हमने एग्रीकल्चर के साथ उद्यानिकी-वानिकी, डेयरी टेक्नोलॉजी, फूड प्रोसेसिंग, मछली पालन जैसे विषयों के लिए विश्वविद्यालय, महाविद्यालय और पॉलीटेक्निक खोलने पर जोर दिया है।
    चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय को अधिग्रहित करने का फैसला
    कांकेर, महासमुन्द और कोरबा जिले में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोकवाणी में कहा कि कोविड के दौरान हमने महसूस किया कि प्रदेश में और अधिक मेडिकल कॉलेजों की जरूरत है। दुर्ग जिलेे का चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय निजी क्षेत्र में चलना मुश्किल हो रहा था, उसे हमने अधिग्रहित करने का फैसला लिया ताकि सरकारी चिकित्सा शिक्षा अधोसंरचना को बढ़ाया जा सके। तीन जिलों कांकेर, महासमुन्द और कोरबा में हम नए मेडिकल कॉलेज खोल रहे हैं, इस तरह उच्च शिक्षा की अधोसंरचना में जो अभाव थे, उसे पूरा करने और प्रदेश के युवाओं को बेहतर भविष्य बनाने में मदद करने का हमारा प्रयास है।
    राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए जशपुर के मदन तिर्की ने कहा कि जशपुर के बालाछापर सरना में एथनिक रिसॉर्ट और कवर्धा में सरोधा दादर रिसॉर्ट बनने से आदिवासी पिछड़े अंचल में पर्यटन विकास के अवसर पैदा हो रहे हैं। रायपुर की प्रार्थना तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उपयोगी निर्माण और जनहितैषी अधोसंरचना के मामले में हमारी अपेक्षाओं पर खरे उतर रही है। क्योंकि हमारा भी मानना है कि कोई निर्माण या इंफ्रास्ट्रक्चर ऐसा हो जो लोगों से जुड़ा हो, निर्माण कार्य केवल शो के लिए नहीं होना चाहिए। पिछले 2 सालोें में यह बदलाव देखने को मिल रहा है कि लोगों की भागीदारी एवं उनकी उपयोगिता को ध्यान दिया जा रहा है।
    पर्यटन विकास से मिलेगी स्थानीय विकास को गति
    मुख्यमंत्री ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यो के संबंध में लोकवाणी में कहा कि प्रदेश में एक दौर ऐसा आया था, जब पर्यटन को कुछ प्रचलित केन्द्रों में ही समेटकर रखने और मॉल कल्चर में ढालने के प्रयास हो रहे थे। दुनिया में अपनी प्राचीन धरोहरों को सहेजने और प्राकृतिक सुन्दरता के स्थानों में अधोसंरचना के विकास के प्रयासों को सराहा जाता है। लेकिन छत्तीसगढ़ में ऐसा नहीं हो रहा था, इसलिए हमने पर्यटन विकास की संभावनाओं को बहुत बड़े फलक में आकार देने का प्रयास किया है। इस क्रम में जशपुर जिले के सरना-बालाछापर तथा कोइनार-कुनकुरी में, बिलासपुर जिले के कुरदर में, कोण्डागांव जिले के धनकुल में, कांकेर जिले के नथिया नवागांव में एथनिक रिसॉर्ट, सरगुजा जिले के महेशपुर में साइट एमेनिटी का विकास किया जा रहा है। सिरपुर को ऐतिहासिक बौद्ध पर्यटन स्थल के रूप में विश्व के मानचित्र में स्थान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। वाटर टूरिज्म तथा एडवंेचर टूरिज्म के लिए कोरबा जिले के सतरेंगा, धमतरी जिले के मेडम सिल्ली डेम जिसका नामकरण हमने बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव के नाम पर किया है तथा रविशंकर डेम गंगरेल, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के मलानिया जलाशय, कांकेर जिले के दुधावा जलाशय, महासमुन्द जिले के कोडार डेम, बिलासपुर जिले में संजय गांधी जलाशय खुंटाघाट-रतनपुर में अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है।
    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राम वनगमन पथ में आने वाले 75 स्थानों का चयन अधोसंरचना विकास के लिए किया गया है, जिसके प्रथम चरण में 9 स्थानों जैसे सीतामढ़ी हरचौका, रामगढ़, शिवरीनारायण, तुरतुरिया, चंदखुरी, राजिम, सिहावा सप्तऋषि आश्रम, जगदलपुर तथा रामाराम में समुचित अधोसंरचना के विकास का काम शुरू किया गया है। दामाखेड़ा में कबीर सागर के विकास का काम हाथ में लिया गया है। सूरजपुर की पहाड़ी में स्थित बागेश्वरी मंदिर और कुदरगढ़ में रोप वे सहित समुचित अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है। रायपुर का बूढ़ातालाब एक ओर जहां आदिवासी समाज के पूज्य बूढ़ादेव की याद दिलाता है, वहीं स्वामी विवेकानंद के रायपुर प्रवास की स्मृति भी ताजा करता है। इस तरह हमने आम जनता के लिए किफायती और स्वस्थ मनोरंजन स्थलों के विकास को प्राथमिकता दी है, जो हमारे प्रदेश की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विशेषताओं से मेल खाते हैं। मुझे विश्वास है कि पर्यटन विकास को लेकर हमारी सोच का लाभ बड़े पैमाने पर मिलेगा, इससे स्थानीय विकास में बहुत गति मिलेगी तथा नए रोजगार के अवसर भी बनेंगे।
    राज्य सरकार की अधोसंरचना विकास की नई सोच पर अपने विचार रखते हुए रायपुर के श्री नवीन अग्रवाल ने कहा कि ये सुनकर बहुत अच्छा लगता है कि बस्तर के दंतेवाड़ा जैसे सुदूर इलाके में सरकार के सहयोग से रेडीमेड कपड़ों की इंडस्ट्री खुली है और डेनेक्स ब्रांड लांच हुआ है। उन्होंने सड़क, बिजली और कनेक्टीविटी को लेकर मुख्यमंत्री का विजन जानना चाहा। कोरबा जिले की गेवरा की गीत तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की ‘नवा चिन्हारी सस्ता बिजली जम्मो दुआरी’। आपने हम सबको देश में सबसे सस्ती बिजली, वह भी आधी कीमत पर उपलब्ध कराई है।
    मुख्यमंत्री ने इन श्रोताओं जिज्ञासा के संबंध में कहा कि मुझे यह सुनकर अच्छा लगा कि दंतेवाड़ा के ब्रांड डेनेक्स की धमक राजधानी रायपुर में ठीक ढंग से सुनी गई। मैं आपकी बात से सहमत हूं कि छत्तीसगढ़ कंज्यूमर नहीं बल्कि उत्पादक राज्य है। आपको याद होगा कि मैंने बिजली के बारे में कहा था कि हमें सिर्फ उत्पादक राज्य नहीं बने रहना है, बल्कि उपभोक्ता राज्य भी बनना है। मैं नहीं चाहता कि हमारे राज्य के बहुमूल्य संसाधनों का उपयोग करके देश और दुनिया के दूसरे हिस्से के लोग तो समृद्ध और खुशहाल हो जाएं लेकिन छत्तीसगढ़ के लोग हमेशा संघर्ष ही करते रहें।
    मेरा मानना है कि बांध बनें तोे नहर-नालियों का निर्माण उसके साथ जुड़ा होना चाहिए। बिजली का उत्पादन ठीक से हो तो उसे कारखानों, अस्पतालों, घरों, दफ्तरों, खेतों में पहुंचाने के लिए पूरा नेटवर्क बनें। सड़कों का नेटवर्क पुल-पुलियों के बिना अधूरा है। लोगों से जुड़े सरकारी काम-काज के लिए भवन बनंे तो वहां पहुंचने के लिए सड़कें भी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता तो निर्माण पर लगी मोटी रकम बरबाद हो जाती है। दुर्भाग्य से पिछले डेढ़-दो दशक में छत्तीसगढ़ को ऐसी ही परिस्थितियों से दो-चार होना पड़ा था। इसलिए हम चंद महंगी और सजावटी सड़कों-भवनों की बात नहीं करना चाहते। बल्कि नेटवर्क कम्पलीट करने के बारे में बात करते हैं। अधोसंरचना विकास को लेकर मेरी यही सीधी और स्पष्ट सोच है।
    जवाहर सेतु योजना में बनाए जा रहे है 200 बड़े पुल-पुलिया
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने ‘जवाहर सेतु योजना’ लाई जो सड़कों को पुल-पुलियों से जोड़ने की योजना है। दो साल में हमने लगभग 200 बड़े पुल-पुलिया बनाने का काम हाथ में लिया और उसे पूरा कर रहे हैं।
    ‘मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना’: सरकारी दफ्तरों को जोड़ने बन रहीं 2200 सड़कें
    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हमने ‘मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना’ लाई, जिसके तहत लगभग 2200 ऐसी सड़कें बना रहे हैं, जो सरकारी दफ्तरों को जोड़ती हैं। बिजली में भी हमने ऐसा ही किया। जहां किसी प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना से ब्लैक आउट हो जाता था, उन अंचलों में बिजली के ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन का नेटवर्क पूरा किया, जिससे वहां दोहरी-तिहरी ओर से आपूर्ति की व्यवस्था हो जाए। बस्तर इसका एक बड़ा उदाहरण है। इसके साथ पूरे राज्य में बिजली उप केन्द्रों, पारेषण व वितरण लाइनों का जाल बिछा रहे हैं, जिसके कारण बसाहटों में विद्युतीकरण का नया कीर्तिमान बना है और बिजली बिल हाफ करने का वादा निभाना भी संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि इस तरह हमने राज्य की अधोसंरचना को संतुलित और विस्तृत करने पर जोर दिया ताकि यह विश्वसनीय बने।
    नई उद्योग नीति स्थानीय संसाधनों के वेल्यू एडीशन के आधार पर
    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय संसाधनों के वेल्यू एडीशन के आधार पर ही हमने नई उद्योग नीति बनाई। प्रदेश में राजस्व प्रशासन को सरल बनाया। हमारी इस कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता के कारण खनिज, कृषि- उपज, वनोपज जैसे अन्य संसाधनों के बारे में निवेशकों की समझ बढ़ी। यही वजह है कि जब दुनिया में आर्थिक तंगी का शोर था तब हमारे छत्तीसगढ़ के बाजारों में जोर था। हमारी जमीनी सोच और वास्तविकता के धरातल पर रहकर, सही कदम उठाने की नीतियों से ही छत्तीसगढ़ दुनिया का पसंदीदा निवेश स्थल बन रहा है। मुझे विश्वास है कि इसी रास्ते पर चलते हुए अनेक नए ब्रांड छत्तीसगढ़ की धरती से ही उपजेंगे। गांव-गांव में महिला स्व-सहायता समूह तथा प्रतिभावान युवाओं के नवाचार से एक नया रास्ता बनना शुरू हो चुका है।
    लोकवाणी में बस्तर जिले के मनीष मूलचन्दानी ने बस्तर जैसे दूरस्थ अंचल में राज्य सरकार की पहल से वायुयान सेवा प्रारंभ होने को सुखद बताया। इसी तरह बस्तर के श्री रेणुकांत जोशी ने जगलदपुर के महारानी अस्पताल को सर्वसुविधायुक्त और निजी अस्पताल के जैसा बनाने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।
    बस्तर से देश की सर्वाधिक वनोपज खरीदी
    मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कहा कि बस्तर से ऐसी खबरें सुनने के लिए बरसों से हमारे कान तरस रहे थे। मेरा मानना है कि नीति आयोग देश के 115 आकांक्षी जिलों की डेल्टा रैंकिंग में बीजापुर को पहला स्थान देता है। अलग-अलग मापदण्डों में जब कोण्डागांव, नारायणपुर, सुकमा जैसे जिले, देश में अव्वल आते हैं तो इसके पीछे किसी अधोसंरचना का योगदान होता है। जब लॉकडाउन के दौरान बस्तर से देश की सर्वाधिक वनोपज खरीदी होती है या पूरे प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का नया कीर्तिमान बनता है तो भी एक अधोसंरचना ही काम करती है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने मानव विकास की जिस अधोसंरचना के निर्माण का सपना देखा है, उसकी हमारे प्रदेश के ग्रामीणों, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग, कमजोर और मध्यम वर्ग, माताओं, बहनों, बच्चों, जवानों की आंखों में दिखने लगी है और इसी चमक के रास्ते से पूरा प्रदेश, एक नई तरह की जगमगाहट पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को भविष्य में उत्पादक राज्य भी बनना है और उपभोक्ता राज्य भी यही है हमारा ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़।’

    रायपुर / शौर्यपथ /  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 15 फरवरी को नईदिल्ली प्रवास पर रहेंगे। मुख्यमंत्री बघेल 15 फरवरी को दोपहर 2.30 बजे स्वामी विवेकानंद विमान तल रायपुर से विमान द्वारा प्रस्थान कर शाम 4.15 बजे नईदिल्ली पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री शाम 4.30 बजे नईदिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन पहुंचेंगे। 

    नवागढ़ / शौर्यपथ / हाल दिनों में नवनियुक्त भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश कार्यकारणी सदस्य होरीलाल सिन्हा का नियुक्ति पश्चात प्रथम नवागढ़ आगमन हुआ, इस दौरान भाजपा नवागढ़ मण्डल के कार्यकर्ताओं ने सिन्हा का पूरे गर्म जोशी के साथ आतिशबाजी एवं फूलमालाओं के साथ स्वागत किया। स्वागत के बाद होरिलाल भाजपा जिला महामंत्री विकास धर दीवान से आशीर्वाद लेने उनके निवास पहुँचे, जहाँ दीवान ने भाजपा का गमछा पहना कर उन्हें शुभकामनाएं दिया।
    विकास दीवान ने कहा कि नवागढ़ विधानसभा के लिए गर्व का विषय है कि संगठन ने सभी मोर्चाओ में नवागढ़ के कार्यकर्ताओ के योग्यता को समझते हुए महत्वपूर्ण दायित्व दिया है। होरीलाल पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता है, उन्होंने बीते कई वर्षों से लगातार पूरी लगन से कार्य किया है, हम इनसे आगे भी उम्मीद करते है अपनी जवाबदारी के अनुरूप बेहतर कार्य करेंगे।

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